Monsoon 2026: मानसून आते ही क्यों बढ़ जाती है पकौड़े और चाय की तलब? जानिए एक्सपर्ट की राय 

बारिश की पहली फुहार पड़ते ही मन अपने आप गरमा गरम चाय और कुरकुरे-पकौड़े की तरफ खींचने लगता है. तेज गर्मी से राहत देने वाला यह मौसम अपने साथ हरियाली, ठंडी हवा और बारिश की सुहानी बूंदों के साथ एक खास तरह की क्रेविंग भी लेकर आता है. सोशल मीडिया पर बारिश के मौसम में स्नेक्स की तस्वीरों की बाढ़ आ जाती है.  कैफे में भी भीड़ बढ़ जाती है और घर-घर में लोग चाय की चुस्कियों के साथ पकौड़े, भुट्टा, मसालेदार मैगी और समोसे जैसी चीजों का लुफ्त उठाने लगते हैं. लेकिन क्या सच में बारिश के मौसम में शरीर को इन तली भुनी चीजों की ज्यादा जरूरत होती है या फिर इसके पीछे कुछ और वजह है. चलिए आज हम आपको बताते हैं कि मानसून में चाय और पकोड़े की तलब क्यों बढ़ जाती है और इसे लेकर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं.  भूख नहीं, यादें बढ़ाती है तलब  एक्सपर्ट्स का कहना है कि बारिश का मौसम हमारे अंदर पुरानी यादों को ताजा कर देता है. कई लोगों के लिए मानसून का मतलब खिड़की के पास बैठकर चाय पीना, परिवार के साथ पकौड़े खाना, भुट्टा सेंकना या दोस्तों के साथ गरमा-गरम स्नेक्स का आनंद लेना होता है. बार-बार दोहराए गए ऐसे एक्सपीरियंस दिमाग में एक मजबूत जुड़ाव बना देते हैं. जब मौसम फिर वैसा ही होता है, तो दिमाग उन यादों को दोबारा एक्टिव कर देता है और उन्हें स्नैक्स खाने की चीजों की तलब बढ़ जाती है.  आखिर क्यों इतने अच्छे लगते हैं पकौड़े और दूसरे स्नैक्स?  एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ज्यादातर कम्फर्ट फूड में रिफाइंड, कार्बोहाइड्रेट, नमक और फैट की मात्रा ज्यादा होती है. यही कारण है कि इन्हें खाने पर तुरंत स्वाद और संतुष्टि का एहसास होता है. वहीं बारिश के दौरान गर्म चाय, सूप या गरमा-गरम स्नैक्स शरीर को आराम और गर्माहट का एहसास भी कराते हैं. इसके अलावा मानसून में लोग बाहर कम निकलते हैं. कई लोग घर से काम करते हैं, स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है और फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है. ऐसे में बोरियत, तनाव या सिर्फ समय बिताने के लिए भी लोग बार-बार कुछ न कुछ खाते रहते हैं, जबकि उन्हें सच में भूख नहीं होती है. इसे लेकर एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि कोई भी स्नैक्स खाने से पहले खुद को एक सवाल जरूर पूछना चाहिए कि क्या आपको सच में भूख लगी है या फिर सिर्फ आराम, गर्माहट या थोड़ा ब्रेक लेने का मन है. यह छोटी सी आदत जरूरत से ज्यादा खाने से भी बचा सकती है.  क्या मानसून में पकोड़े खाना गलत है? पोषण एक्सपर्ट्स का कहना है की बारिश के मौसम में कभी-कभार चाय और पकौड़े का आनंद लेना बिल्कुल गलत नहीं है. हेल्दी खानपान का मतलब अपनी पसंदीदा चीजों को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें सीमित मात्रा में खाना है. अगर पकौड़े खाने का मन है, तो उन्हें घर पर ताजी सब्जियों के साथ बनाना अच्छा माना जाता है. चाहे तो एयर फ्रायर या बेकिंग का इस्तेमाल करके तेल की मात्रा कम की जा सकती है. हालांकि इस दौरान भी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है.  ये भी पढ़ें-Pregnancy Test Kit: प्रेग्नेंसी किट कैसे पता कर लेती है आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं? समझिए इसके पीछे का साइंस मानसून में इन हेल्दी स्नैक्स को भी बना सकते हैं ऑप्शन  अगर बार-बार तला हुआ खाना खाने का मन करता है तो उसकी जगह कुछ पौष्टिक ऑप्शन भी आप ले सकते हैं. जैसे भुना चना, मखाना, मूंगफली, कॉर्न चाट, स्प्राउट्स चाट, ढोकला, बेसन चीला, घर का बना वेजिटेबल सैंडविच और पोहा. इनमें प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और हेल्दी स्नैकिंग की आदत भी कम होती है.  ये भी पढ़ें-Oxytocin Health Risks: RML में सब-स्टैंडर्ड ऑक्सीटोसिन की 2700 वायल फेल, जानें क्यों है यह दवा आपके लिए जानलेवा? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jul 9, 2026 - 10:30
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Monsoon 2026: मानसून आते ही क्यों बढ़ जाती है पकौड़े और चाय की तलब? जानिए एक्सपर्ट की राय 

बारिश की पहली फुहार पड़ते ही मन अपने आप गरमा गरम चाय और कुरकुरे-पकौड़े की तरफ खींचने लगता है. तेज गर्मी से राहत देने वाला यह मौसम अपने साथ हरियाली, ठंडी हवा और बारिश की सुहानी बूंदों के साथ एक खास तरह की क्रेविंग भी लेकर आता है. सोशल मीडिया पर बारिश के मौसम में स्नेक्स की तस्वीरों की बाढ़ आ जाती है.  कैफे में भी भीड़ बढ़ जाती है और घर-घर में लोग चाय की चुस्कियों के साथ पकौड़े, भुट्टा, मसालेदार मैगी और समोसे जैसी चीजों का लुफ्त उठाने लगते हैं. लेकिन क्या सच में बारिश के मौसम में शरीर को इन तली भुनी चीजों की ज्यादा जरूरत होती है या फिर इसके पीछे कुछ और वजह है. चलिए आज हम आपको बताते हैं कि मानसून में चाय और पकोड़े की तलब क्यों बढ़ जाती है और इसे लेकर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं. 

भूख नहीं, यादें बढ़ाती है तलब 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बारिश का मौसम हमारे अंदर पुरानी यादों को ताजा कर देता है. कई लोगों के लिए मानसून का मतलब खिड़की के पास बैठकर चाय पीना, परिवार के साथ पकौड़े खाना, भुट्टा सेंकना या दोस्तों के साथ गरमा-गरम स्नेक्स का आनंद लेना होता है. बार-बार दोहराए गए ऐसे एक्सपीरियंस दिमाग में एक मजबूत जुड़ाव बना देते हैं. जब मौसम फिर वैसा ही होता है, तो दिमाग उन यादों को दोबारा एक्टिव कर देता है और उन्हें स्नैक्स खाने की चीजों की तलब बढ़ जाती है. 

आखिर क्यों इतने अच्छे लगते हैं पकौड़े और दूसरे स्नैक्स? 

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ज्यादातर कम्फर्ट फूड में रिफाइंड, कार्बोहाइड्रेट, नमक और फैट की मात्रा ज्यादा होती है. यही कारण है कि इन्हें खाने पर तुरंत स्वाद और संतुष्टि का एहसास होता है. वहीं बारिश के दौरान गर्म चाय, सूप या गरमा-गरम स्नैक्स शरीर को आराम और गर्माहट का एहसास भी कराते हैं. इसके अलावा मानसून में लोग बाहर कम निकलते हैं. कई लोग घर से काम करते हैं, स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है और फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है. ऐसे में बोरियत, तनाव या सिर्फ समय बिताने के लिए भी लोग बार-बार कुछ न कुछ खाते रहते हैं, जबकि उन्हें सच में भूख नहीं होती है. इसे लेकर एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि कोई भी स्नैक्स खाने से पहले खुद को एक सवाल जरूर पूछना चाहिए कि क्या आपको सच में भूख लगी है या फिर सिर्फ आराम, गर्माहट या थोड़ा ब्रेक लेने का मन है. यह छोटी सी आदत जरूरत से ज्यादा खाने से भी बचा सकती है. 

क्या मानसून में पकोड़े खाना गलत है?

पोषण एक्सपर्ट्स का कहना है की बारिश के मौसम में कभी-कभार चाय और पकौड़े का आनंद लेना बिल्कुल गलत नहीं है. हेल्दी खानपान का मतलब अपनी पसंदीदा चीजों को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें सीमित मात्रा में खाना है. अगर पकौड़े खाने का मन है, तो उन्हें घर पर ताजी सब्जियों के साथ बनाना अच्छा माना जाता है. चाहे तो एयर फ्रायर या बेकिंग का इस्तेमाल करके तेल की मात्रा कम की जा सकती है. हालांकि इस दौरान भी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. 

ये भी पढ़ें-Pregnancy Test Kit: प्रेग्नेंसी किट कैसे पता कर लेती है आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं? समझिए इसके पीछे का साइंस

मानसून में इन हेल्दी स्नैक्स को भी बना सकते हैं ऑप्शन 

अगर बार-बार तला हुआ खाना खाने का मन करता है तो उसकी जगह कुछ पौष्टिक ऑप्शन भी आप ले सकते हैं. जैसे भुना चना, मखाना, मूंगफली, कॉर्न चाट, स्प्राउट्स चाट, ढोकला, बेसन चीला, घर का बना वेजिटेबल सैंडविच और पोहा. इनमें प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और हेल्दी स्नैकिंग की आदत भी कम होती है. 

ये भी पढ़ें-Oxytocin Health Risks: RML में सब-स्टैंडर्ड ऑक्सीटोसिन की 2700 वायल फेल, जानें क्यों है यह दवा आपके लिए जानलेवा?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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