Meghalaya Tourism: टूरिज्म से हर साल कितना कमाता है मेघालय, विवाद से कितना नुकसान?

Meghalaya Tourism: मेघालय को देश के प्रमुख नेचर और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन में गिना जाता है. शिलॉन्ग, चेरापूंजी, मावसिनराम, डावकी, नोंग्रियाट और जैंतिया हिल्स जैसे इलाकों की वजह से राज्य में हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं. बीते कुछ वर्षों में सरकार ने प्राकृतिक पर्यटन के साथ-साथ म्यूजिक फेस्टिवल, कॉन्सर्ट और कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया है. जिसकी वजह से मेघालय की टूरिज्म इकॉनमी में बढ़ोतरी हुई थी. ऐसे में सवाल यह है कि मेघालय की टूरिज्म इकॉनमी कितनी बड़ी है और हालिया हिंसा-विवाद से इसे कितना नुकसान हो सकता है? 2024 में 16 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे मेघालय सरकार के फरवरी 2026 के गजट में दिए आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में करीब 16 लाख पर्यटकों ने राज्य का दौरा किया, जो 2023 के मुकाबले 13.04 प्रतिशत ज्यादा था. इसी साल विदेशी पर्यटकों की संख्या भी 15.24 प्रतिशत बढ़कर करीब 23,000 पहुंच गई. यह आंकड़ा बताता है कि कोविड के बाद मेघालय टूरिज्म ने अच्छी रिकवरी की है. सितंबर 2025 में सामने आए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले 2024 में राज्य में 15.86 लाख केवल घरेलू पर्यटक  दर्ज हुए थे, जो 2023 की तुलना में करीब 1.83 लाख अधिक थे. टूरिज्म को बढ़ाने का है प्लान मेघालय ने टूरिज्म को बढ़ाने के लिए अपने संगीत और सांस्कृतिक आयोजनों को भी आर्थिक मॉडल का हिस्सा बनाया है. मेघालय के एक आधिकारिक गजट के अनुसार, राज्य की टूरज्म इंडस्ट्री की वेल्युएशन 2022 में करीब 1,600 करोड़ रूपए थी. सरकार ने इसे 2028 तक लगभग 12,000 करोड़ रूपए तक पहुंचाने का अनुमान रखा है. इसे भी पढ़ें: IRCTC Tour Package: कम बजट में घूमें गंगटोक और दार्जिलिंग, आईआरसीटीसी लाया खास टूर पैकेज म्यूजिक फेस्टिवल और कॉन्सर्ट्स से बढ़े पर्यटक विभिन्न आयोजनों की वजह से मेघालय में आने वाले पर्यटकों के लिए सिर्फ घूमना ही आकर्षण नहीं रह गया, बल्कि लाइव म्यूजिक और स्थानीय संस्कृति का अनुभव भी उनकी यात्रा का हिस्सा बन गया है. बड़े कलाकारों के कार्यक्रमों के दौरान दूसरे राज्यों से आने वाले लोग कई दिनों तक शिलॉन्ग और आसपास के इलाकों में रुकते हैं. इससे होटल, होमस्टे, टैक्सी, रेस्टोरेंट और छोटे स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलता है. विवाद से हुआ नुकसान 19 अगस्त 2026 को शिलोंग में खासी स्टूडेंट यूनिसन (KSU) की ब्लैक फ्लैग बाइक रैली के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई. इस घटना की वजह से टूरिज्म सेक्टर और उससे जुड़े कारोबार पर असर पड़ता दिखाई दे रहा है. पर्यटकों में डर का माहौल होने की वजह से बूकिंग केन्सेलेशन्स जैसी बात भी सामने आई है. इसे भी पढ़ें: IRCTC Japan Tour Package : जापान घूमने का मौका, IRCTC लाया 10 दिन का खास पैकेज

Aug 22, 2026 - 13:30
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Meghalaya Tourism: टूरिज्म से हर साल कितना कमाता है मेघालय, विवाद से कितना नुकसान?

Meghalaya Tourism: मेघालय को देश के प्रमुख नेचर और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन में गिना जाता है. शिलॉन्ग, चेरापूंजी, मावसिनराम, डावकी, नोंग्रियाट और जैंतिया हिल्स जैसे इलाकों की वजह से राज्य में हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं. बीते कुछ वर्षों में सरकार ने प्राकृतिक पर्यटन के साथ-साथ म्यूजिक फेस्टिवल, कॉन्सर्ट और कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया है. जिसकी वजह से मेघालय की टूरिज्म इकॉनमी में बढ़ोतरी हुई थी. ऐसे में सवाल यह है कि मेघालय की टूरिज्म इकॉनमी कितनी बड़ी है और हालिया हिंसा-विवाद से इसे कितना नुकसान हो सकता है?

2024 में 16 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे

मेघालय सरकार के फरवरी 2026 के गजट में दिए आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में करीब 16 लाख पर्यटकों ने राज्य का दौरा किया, जो 2023 के मुकाबले 13.04 प्रतिशत ज्यादा था. इसी साल विदेशी पर्यटकों की संख्या भी 15.24 प्रतिशत बढ़कर करीब 23,000 पहुंच गई. यह आंकड़ा बताता है कि कोविड के बाद मेघालय टूरिज्म ने अच्छी रिकवरी की है. सितंबर 2025 में सामने आए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले 2024 में राज्य में 15.86 लाख केवल घरेलू पर्यटक  दर्ज हुए थे, जो 2023 की तुलना में करीब 1.83 लाख अधिक थे.

टूरिज्म को बढ़ाने का है प्लान

मेघालय ने टूरिज्म को बढ़ाने के लिए अपने संगीत और सांस्कृतिक आयोजनों को भी आर्थिक मॉडल का हिस्सा बनाया है. मेघालय के एक आधिकारिक गजट के अनुसार, राज्य की टूरज्म इंडस्ट्री की वेल्युएशन 2022 में करीब 1,600 करोड़ रूपए थी. सरकार ने इसे 2028 तक लगभग 12,000 करोड़ रूपए तक पहुंचाने का अनुमान रखा है.

इसे भी पढ़ें: IRCTC Tour Package: कम बजट में घूमें गंगटोक और दार्जिलिंग, आईआरसीटीसी लाया खास टूर पैकेज

म्यूजिक फेस्टिवल और कॉन्सर्ट्स से बढ़े पर्यटक

विभिन्न आयोजनों की वजह से मेघालय में आने वाले पर्यटकों के लिए सिर्फ घूमना ही आकर्षण नहीं रह गया, बल्कि लाइव म्यूजिक और स्थानीय संस्कृति का अनुभव भी उनकी यात्रा का हिस्सा बन गया है. बड़े कलाकारों के कार्यक्रमों के दौरान दूसरे राज्यों से आने वाले लोग कई दिनों तक शिलॉन्ग और आसपास के इलाकों में रुकते हैं. इससे होटल, होमस्टे, टैक्सी, रेस्टोरेंट और छोटे स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलता है.

विवाद से हुआ नुकसान

19 अगस्त 2026 को शिलोंग में खासी स्टूडेंट यूनिसन (KSU) की ब्लैक फ्लैग बाइक रैली के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई. इस घटना की वजह से टूरिज्म सेक्टर और उससे जुड़े कारोबार पर असर पड़ता दिखाई दे रहा है. पर्यटकों में डर का माहौल होने की वजह से बूकिंग केन्सेलेशन्स जैसी बात भी सामने आई है.

इसे भी पढ़ें: IRCTC Japan Tour Package : जापान घूमने का मौका, IRCTC लाया 10 दिन का खास पैकेज

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