MBBS in Russia: रूस से करना चाहते हैं MBBS, जानें कितनी लगती है फीस और कितना है रहने-खाने का खर्च?

MBBS in Russia: विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के बीच रूस लंबे समय से सबसे पसंदीदा देशों में शामिल रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह यहां का कम खर्च, विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त मेडिकल यूनिवर्सिटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर है. भारत के प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में जहां एमबीबीएस की पढ़ाई पर 60 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का खर्च आता है, वहीं रूस में यही कोर्स यूनिवर्सिटी और शहर के अनुसार बहुत कम खर्चे में पूरा किया जा सकता है. हालांकि कई बार स्टूडेंट केवल कम फीस देखकर यूनिवर्सिटी का चयन कर लेते हैं, जो सही नहीं माना जाता है. छात्रों को यह भी तय करना चाहिए कि संबंधित यूनिवर्सिटी एनएमसी के नियमों और विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंसिंग से जुड़े मानकों को पूरा करती हो. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप भी रूस से एमबीबीएस करना चाहते हैं, तो इसकी फीस कितनी लगती है और वहां रहने खाने का खर्च कितना आता है.  कितनी आती है एमबीबीएस की कुल फीस? रूस में एमबीबीएस की फीस अलग-अलग यूनिवर्सिटी में अलग-अलग है. कई सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी कम फीस पर पढ़ाई का मौका देती है, ज्यादातर इंस्टीट्यूट में सालाना ट्यूशन फीस करीब 2.5 लाख रुपये से 6.5 लाख रुपये के बीच है. वहीं 6 साल के पूरे कोर्स की ट्यूशन और हॉस्टल फीस मिलाकर कुल खर्च करीब 18 से 45 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. कुछ बड़े इंस्टीट्यूट में यह खर्च और ज्यादा भी हो सकता है.  टॉप यूनिवर्सिटीज की मेडिकल फीस  रूस के कई मेडिकल यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों के बीच पॉपुलर है. इनमें Astrakhan State Medical University, Bashkir State Medical University, Belgorod State University, Chuvash State University, Dagestan State Medical University और Sechenov First Moscow State Medical University शामिल है. इन यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस लगभग 2.5 लाख रुपये से शुरू होकर 9.6 लाख रुपये तक जाती है. वहीं हॉस्टल फीस आमतौर पर 14 हजार से 90 हजार प्रति वर्ष के बीच रहती है.  रहने खाने पर कितना आता है खर्च  ट्यूशन फीस के अलावा छात्रों को रहने और रोजमर्रा के खर्च का भी ध्यान रखना होता है. रूस के छोटे और मीडियम वर्ग के शहरों में रहने वाले छात्रों का महीने का खर्च कम होता है. एक छात्रा के लिए हर महीने लगभग 11,000 से 17,000 रुपये का खर्चा आरामदायक लाइफस्टाइल के लिए सही माना जाता है. इसमें खाना, स्थानीय परिवहन, मोबाइल, इंटरनेट, स्टेशनरी, रोजाना की जरूरत का सामान और दूसरे छोटे-मोटे खर्च शामिल है.  ये भी पढ़ें-Exclusive: NEET UG पेपर लीक रोकने का ब्लूप्रिंट तैयार था, फिर क्यों फेल हुआ सिस्टम? जानिए अंदर की खबर रूस में पढ़ाई के लिए कौन से शहर है किफायती? रूस में पढ़ाई का कुल खर्च इस बात पर भी निर्भर करता है कि छात्र किस शहर में पढ़ाई कर रहा है. माॅस्को जैसे बड़े शहरों में रहने, खाने और परिवहन का खर्च ज्यादा होता है. वहीं टवर, इवानोवो, ग्रोज्नी, कालिनिनग्राद और दूसरे शहर कम सस्ते माने जाते हैं. ऐसे शहरों में हॉस्टल, खाने और रोजाना की जरूरत पर कम खर्च आता है, जिससे 6 साल के दौरान अच्छी खासी बचत हो जाती है. लोन और स्कॉलरशिप से भी खर्च हो सकता है कम  रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए भारत के कई राष्ट्रीयकृत बैंक और वित्तीय संस्थान एजुकेशन लोन उपलब्ध कराते हैं. इसके लिए नीट, यूजी स्कोर, मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी में एडमिशन और आवश्यक डॉक्यूमेंट जरूरी होते हैं. कई मामलों में ट्यूशन फीस, हॉस्टल बीमा और हवाई यात्रा का खर्च भी लोन के दायरे में शामिल किया जाता है. इसके अलावा रूस सरकार भी सीमित संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए स्कॉलरशिप उपलब्ध कराती है. इन छात्रवृत्तियों के तहत ट्यूशन फीस का पूरा खर्च वहन किया जाता है, हालांकि रहने, खाने और यात्रा का खर्च छात्रों को खुद उठना होता है. ये भी पढ़ें-IGNOU स्टूडेंट्स और एलुमनाई के लिए बड़ा मौका, शुरू होने वाली है प्लेसमेंट ड्राइव

Jul 25, 2026 - 09:30
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MBBS in Russia: रूस से करना चाहते हैं MBBS, जानें कितनी लगती है फीस और कितना है रहने-खाने का खर्च?

MBBS in Russia: विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के बीच रूस लंबे समय से सबसे पसंदीदा देशों में शामिल रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह यहां का कम खर्च, विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त मेडिकल यूनिवर्सिटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर है. भारत के प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में जहां एमबीबीएस की पढ़ाई पर 60 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का खर्च आता है, वहीं रूस में यही कोर्स यूनिवर्सिटी और शहर के अनुसार बहुत कम खर्चे में पूरा किया जा सकता है.

हालांकि कई बार स्टूडेंट केवल कम फीस देखकर यूनिवर्सिटी का चयन कर लेते हैं, जो सही नहीं माना जाता है. छात्रों को यह भी तय करना चाहिए कि संबंधित यूनिवर्सिटी एनएमसी के नियमों और विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंसिंग से जुड़े मानकों को पूरा करती हो. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप भी रूस से एमबीबीएस करना चाहते हैं, तो इसकी फीस कितनी लगती है और वहां रहने खाने का खर्च कितना आता है. 

कितनी आती है एमबीबीएस की कुल फीस?

रूस में एमबीबीएस की फीस अलग-अलग यूनिवर्सिटी में अलग-अलग है. कई सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी कम फीस पर पढ़ाई का मौका देती है, ज्यादातर इंस्टीट्यूट में सालाना ट्यूशन फीस करीब 2.5 लाख रुपये से 6.5 लाख रुपये के बीच है. वहीं 6 साल के पूरे कोर्स की ट्यूशन और हॉस्टल फीस मिलाकर कुल खर्च करीब 18 से 45 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. कुछ बड़े इंस्टीट्यूट में यह खर्च और ज्यादा भी हो सकता है. 

टॉप यूनिवर्सिटीज की मेडिकल फीस 

रूस के कई मेडिकल यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों के बीच पॉपुलर है. इनमें Astrakhan State Medical University, Bashkir State Medical University, Belgorod State University, Chuvash State University, Dagestan State Medical University और Sechenov First Moscow State Medical University शामिल है. इन यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस लगभग 2.5 लाख रुपये से शुरू होकर 9.6 लाख रुपये तक जाती है. वहीं हॉस्टल फीस आमतौर पर 14 हजार से 90 हजार प्रति वर्ष के बीच रहती है. 

रहने खाने पर कितना आता है खर्च 

ट्यूशन फीस के अलावा छात्रों को रहने और रोजमर्रा के खर्च का भी ध्यान रखना होता है. रूस के छोटे और मीडियम वर्ग के शहरों में रहने वाले छात्रों का महीने का खर्च कम होता है. एक छात्रा के लिए हर महीने लगभग 11,000 से 17,000 रुपये का खर्चा आरामदायक लाइफस्टाइल के लिए सही माना जाता है. इसमें खाना, स्थानीय परिवहन, मोबाइल, इंटरनेट, स्टेशनरी, रोजाना की जरूरत का सामान और दूसरे छोटे-मोटे खर्च शामिल है. 

ये भी पढ़ें-Exclusive: NEET UG पेपर लीक रोकने का ब्लूप्रिंट तैयार था, फिर क्यों फेल हुआ सिस्टम? जानिए अंदर की खबर

रूस में पढ़ाई के लिए कौन से शहर है किफायती?

रूस में पढ़ाई का कुल खर्च इस बात पर भी निर्भर करता है कि छात्र किस शहर में पढ़ाई कर रहा है. माॅस्को जैसे बड़े शहरों में रहने, खाने और परिवहन का खर्च ज्यादा होता है. वहीं टवर, इवानोवो, ग्रोज्नी, कालिनिनग्राद और दूसरे शहर कम सस्ते माने जाते हैं. ऐसे शहरों में हॉस्टल, खाने और रोजाना की जरूरत पर कम खर्च आता है, जिससे 6 साल के दौरान अच्छी खासी बचत हो जाती है.

लोन और स्कॉलरशिप से भी खर्च हो सकता है कम 

रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए भारत के कई राष्ट्रीयकृत बैंक और वित्तीय संस्थान एजुकेशन लोन उपलब्ध कराते हैं. इसके लिए नीट, यूजी स्कोर, मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी में एडमिशन और आवश्यक डॉक्यूमेंट जरूरी होते हैं. कई मामलों में ट्यूशन फीस, हॉस्टल बीमा और हवाई यात्रा का खर्च भी लोन के दायरे में शामिल किया जाता है. इसके अलावा रूस सरकार भी सीमित संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए स्कॉलरशिप उपलब्ध कराती है. इन छात्रवृत्तियों के तहत ट्यूशन फीस का पूरा खर्च वहन किया जाता है, हालांकि रहने, खाने और यात्रा का खर्च छात्रों को खुद उठना होता है.

ये भी पढ़ें-IGNOU स्टूडेंट्स और एलुमनाई के लिए बड़ा मौका, शुरू होने वाली है प्लेसमेंट ड्राइव

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