Malaria Vaccine: भारत ने तैयार की पहली मलेरिया वैक्सीन, जानें मच्छरों वाली बीमारी पर यह कितनी असरदार?

India First Malaria Vaccine: भारत ने हेल्थ सेक्टर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. लंबे समय से मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे देश ने अब इसका इलाज ढूंढ निकाला है. भारत ने पहली बार खुद की बनाई हुई मलेरिया की वैक्सीन तैयार कर ली है, जिसका नाम एडफाल्सीवैक्स (AdFalciVax) रखा गया है. यह वैक्सीन खास तौर पर मलेरिया के सबसे खतरनाक रूप प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (Plasmodium falciparum) से बचाव के लिए बनाई गई है.  भारत में यह एक ऐतिहासिक कदम इसलिए भी है क्योंकि अब देश मलेरिया के खिलाफ आत्मनिर्भर हो गया है और इस दिशा में दुनिया को भी रास्ता दिखा सकता है. इस नई वैक्सीन से न सिर्फ बीमारियों को रोका जा सकेगा, बल्कि भारत को मलेरिया मुक्त बनाने के मिशन में भी तेजी आएगी. तो चलिए जानते हैं कि ये मलेरिया वैक्सीन कितनी असरदार है.  मलेरिया वैक्सीन कितनी असरदार? एडफाल्सीवैक्स एक ऐसी वैक्सीन है जिसे वैज्ञानिकों ने खासतौर पर इस तरह डिजाइन किया है कि यह मलेरिया के परजीवी को शरीर में खून तक पहुंचने से पहले ही रोक देती है. इसका मतलब ये है कि ये वैक्सीन शरीर को उस समय बचा लेती है, जब बीमारी फैलने की शुरुआत भी नहीं हुई होती, इसका एक और बड़ा फायदा यह है कि ये वैक्सीन मलेरिया के संक्रमण को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलने से भी रोकती है. इस तरह यह सिर्फ इलाज नहीं करती, बल्कि बीमारी के चेन को भी तोड़ती है.  कौन बना रहा है ये वैक्सीन? भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इस वैक्सीन को बनाने का लाइसेंस देश की 5 भारतीय कंपनियों को दिया है ये कंपनियां इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड, टेकइन्वेंशन लाइफकेयर प्राइवेट लिमिटेड, पैनेशिया बायोटेक लिमिटेड, बायोलॉजिकल ई लिमिटेड और जाइडस लाइफसाइंसेज हैं. अब ये कंपनियां वैक्सीन का बड़े पैमाने पर इस वैक्सीन का प्रोडक्शन करेंगी और इंसानों पर ट्रायल के बाद इसे पूरे देश में अवेलेबल कराया जाएगा. एडफाल्सीवैक्स वैक्सीन इसलिए बेहद जरूरी है क्योंकि यह मलेरिया के खतरनाक परजीवी को शरीर में फैलने से पहले ही रोक देती है. डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इंसानों पर इसके ट्रायल के बाद जब यह वैक्सीन बड़े स्तर पर यूद होगी, तो भारत को 2030 से पहले ही मलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है.  यह भी पढ़ें: OTT Streaming Growth: भारत में कितने लोग देखते हैं टीवी, OTT आने के बाद कितना बदल गया मनोरंजन का पुराना तरीका

Sep 19, 2025 - 10:30
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Malaria Vaccine: भारत ने तैयार की पहली मलेरिया वैक्सीन, जानें मच्छरों वाली बीमारी पर यह कितनी असरदार?

India First Malaria Vaccine: भारत ने हेल्थ सेक्टर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. लंबे समय से मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे देश ने अब इसका इलाज ढूंढ निकाला है. भारत ने पहली बार खुद की बनाई हुई मलेरिया की वैक्सीन तैयार कर ली है, जिसका नाम एडफाल्सीवैक्स (AdFalciVax) रखा गया है. यह वैक्सीन खास तौर पर मलेरिया के सबसे खतरनाक रूप प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (Plasmodium falciparum) से बचाव के लिए बनाई गई है. 

भारत में यह एक ऐतिहासिक कदम इसलिए भी है क्योंकि अब देश मलेरिया के खिलाफ आत्मनिर्भर हो गया है और इस दिशा में दुनिया को भी रास्ता दिखा सकता है. इस नई वैक्सीन से न सिर्फ बीमारियों को रोका जा सकेगा, बल्कि भारत को मलेरिया मुक्त बनाने के मिशन में भी तेजी आएगी. तो चलिए जानते हैं कि ये मलेरिया वैक्सीन कितनी असरदार है. 

मलेरिया वैक्सीन कितनी असरदार?

एडफाल्सीवैक्स एक ऐसी वैक्सीन है जिसे वैज्ञानिकों ने खासतौर पर इस तरह डिजाइन किया है कि यह मलेरिया के परजीवी को शरीर में खून तक पहुंचने से पहले ही रोक देती है. इसका मतलब ये है कि ये वैक्सीन शरीर को उस समय बचा लेती है, जब बीमारी फैलने की शुरुआत भी नहीं हुई होती, इसका एक और बड़ा फायदा यह है कि ये वैक्सीन मलेरिया के संक्रमण को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलने से भी रोकती है. इस तरह यह सिर्फ इलाज नहीं करती, बल्कि बीमारी के चेन को भी तोड़ती है. 

कौन बना रहा है ये वैक्सीन?

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इस वैक्सीन को बनाने का लाइसेंस देश की 5 भारतीय कंपनियों को दिया है ये कंपनियां इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड, टेकइन्वेंशन लाइफकेयर प्राइवेट लिमिटेड, पैनेशिया बायोटेक लिमिटेड, बायोलॉजिकल ई लिमिटेड और जाइडस लाइफसाइंसेज हैं. अब ये कंपनियां वैक्सीन का बड़े पैमाने पर इस वैक्सीन का प्रोडक्शन करेंगी और इंसानों पर ट्रायल के बाद इसे पूरे देश में अवेलेबल कराया जाएगा. एडफाल्सीवैक्स वैक्सीन इसलिए बेहद जरूरी है क्योंकि यह मलेरिया के खतरनाक परजीवी को शरीर में फैलने से पहले ही रोक देती है. डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इंसानों पर इसके ट्रायल के बाद जब यह वैक्सीन बड़े स्तर पर यूद होगी, तो भारत को 2030 से पहले ही मलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है. 

यह भी पढ़ें: OTT Streaming Growth: भारत में कितने लोग देखते हैं टीवी, OTT आने के बाद कितना बदल गया मनोरंजन का पुराना तरीका

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