LPG News: 18 रुपए महंगा होगा गैस सिलेंडर! LPG-CNG पर नया चार्ज लगाने की तैयारी में सरकार
LPG-CNG Price Hike: भारत ने बीते कई महीनों में गैस की किलल्तों के साथ ही कीमतों में उतार- चढ़ाव भी देखा. लेकिन लगता है कि ये दौर अब भी खत्म नहीं हुआ है. क्योंकि खबरों की मानें तो सरकार एक बार फिर से LPG और CNG की कीमतों को बढ़ाने पर विचार कर रही है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है जिससे देश में गैस का भंडार बढ़ाया जा सके. फ्यूल रिजर्व योजनादरअसल भारत सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए रणनीतिक ईंधन भंडारण (Strategic Fuel Reserve) योजना बनाने जा रही है. ये योजना करीब 42 अरब डॉलर (लगभग 3.7 लाख करोड़ रुपये) की कीमत पर बनेगी. हालांकि फिलहाल इस योजना को अभी प्रधानमंत्री की कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिली है. अगर ये योजना लागू हो जाती है, तो LPG (रसोई गैस) और प्राकृतिक गैस (PNG) इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं से नया शुल्क (लेवी) लिया जा सकता है. सरकार पहली बार कच्चे तेल के साथ-साथ LPG और LNG का भी रणनीतिक भंडार बनाने की तैयारी कर रही है. ये भी पढ़ें: कर्मचारियों के वजन पर 2357 करोड़ खर्च कर रहा ये बैंक, खिला रहा वेट लॉस वाली दवाएं कितने बढ़ेंगे गैस के दाम?इस प्रस्ताव के मुताबिक, सरकार LPG पर 1.29 रुपये प्रति किलो की लेवी लग सकती है. इससे 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 18 रुपये बढ़ जाएगी. तो वहीं प्राकृतिक गैस (PNG) पर 1.43 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर का शुल्क लगाया जा सकता है. सरकार का अनुमान है कि इससे हर साल करीब 1.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं, जिनका इस्तेमाल गैस स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में होगा. क्यों लाई जा रही योजना?इस योजना को लाने की एक ही वजह है और वो है हाल ही में देखे गए हालात. पिछले कुछ महीनों में मिडिल ईस्ट संकट के कारण ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है. भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा असर देश पर पड़ता है. सरकार चाहती है कि भविष्य में किसी युद्ध, सप्लाई रुकने या वैश्विक कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति में देश के पास पर्याप्त ईंधन का भंडार हो. ये भी पढ़ें: Tarun Tejpal: दिल्ली-उत्तराखंड में जमीन, प्राइवेट कंपनी में हिस्सेदारी, कितने अमीर हैं तरुण तेजपाल?
LPG-CNG Price Hike: भारत ने बीते कई महीनों में गैस की किलल्तों के साथ ही कीमतों में उतार- चढ़ाव भी देखा. लेकिन लगता है कि ये दौर अब भी खत्म नहीं हुआ है. क्योंकि खबरों की मानें तो सरकार एक बार फिर से LPG और CNG की कीमतों को बढ़ाने पर विचार कर रही है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है जिससे देश में गैस का भंडार बढ़ाया जा सके.
फ्यूल रिजर्व योजना
दरअसल भारत सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए रणनीतिक ईंधन भंडारण (Strategic Fuel Reserve) योजना बनाने जा रही है. ये योजना करीब 42 अरब डॉलर (लगभग 3.7 लाख करोड़ रुपये) की कीमत पर बनेगी. हालांकि फिलहाल इस योजना को अभी प्रधानमंत्री की कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिली है.
अगर ये योजना लागू हो जाती है, तो LPG (रसोई गैस) और प्राकृतिक गैस (PNG) इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं से नया शुल्क (लेवी) लिया जा सकता है. सरकार पहली बार कच्चे तेल के साथ-साथ LPG और LNG का भी रणनीतिक भंडार बनाने की तैयारी कर रही है.
ये भी पढ़ें: कर्मचारियों के वजन पर 2357 करोड़ खर्च कर रहा ये बैंक, खिला रहा वेट लॉस वाली दवाएं
कितने बढ़ेंगे गैस के दाम?
इस प्रस्ताव के मुताबिक, सरकार LPG पर 1.29 रुपये प्रति किलो की लेवी लग सकती है. इससे 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 18 रुपये बढ़ जाएगी. तो वहीं प्राकृतिक गैस (PNG) पर 1.43 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर का शुल्क लगाया जा सकता है. सरकार का अनुमान है कि इससे हर साल करीब 1.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं, जिनका इस्तेमाल गैस स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में होगा.
क्यों लाई जा रही योजना?
इस योजना को लाने की एक ही वजह है और वो है हाल ही में देखे गए हालात. पिछले कुछ महीनों में मिडिल ईस्ट संकट के कारण ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है. भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा असर देश पर पड़ता है. सरकार चाहती है कि भविष्य में किसी युद्ध, सप्लाई रुकने या वैश्विक कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति में देश के पास पर्याप्त ईंधन का भंडार हो.
ये भी पढ़ें: Tarun Tejpal: दिल्ली-उत्तराखंड में जमीन, प्राइवेट कंपनी में हिस्सेदारी, कितने अमीर हैं तरुण तेजपाल?
What's Your Reaction?