Kashi Vishwanath: बाबा काशी विश्वनाथ की हल्दी रस्म का VIDEO वायरल, महाशिवरात्रि पर बनेंगे दूल्हा
Kashi Vishwanath Mahashivratri 2026: महादेव की नगरी काशी महाशिवरात्रि त्योहार के लिए सज चुकी है. बाबा विश्वनाथ के मंदिर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. जिस तरह विवाह से पहले दूल्हा दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है. उसी तरह बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में हल्दी रस्स निभाई गई. महाशिवरात्रि से पहले बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती की अचल प्रतिमा पर हल्दी लगाई गई. इस दौरान कई श्रद्धालु मौजूद थे. महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर हल्दी रस्म निभाई. इसका वीडियो वायरल हो रहा है. इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को है. View this post on Instagram A post shared by Raj Vaibhav Singh | Banaras (@vlogsofvaranasi) हल्दी के रंग में रंगे बाबा विश्वनाथ डमरुओं की थाप, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयकारे के बीच बाबा भोलेनाथ को जब शगुन की हल्दी लगाई गई. तो पूरी नगरी शिवमय हो उठी. महाशिवरात्रि पर 26 घंटे खुले रहेंगे काशी विश्वनाथ के कपाट बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में शिवभक्तों का सबसे बड़ा दिन महाशिवरात्रि है, जिसका इंतजार भक्त पूरे साल करते हैं. इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को है. 15 फरवरी की सुबह 4 बजे, मंगला आरती के बाद बाबा के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. इस दिन भक्त झांकी, शिव बारात के दर्शन, जलार्पण कर पाएंगे. बाबा के कपाट अगले दिन 16 फरवरी की सुबह 6 बजे तक खुले रहेंगे. श्रद्धालु झांकी दर्शन के साथ बाबा विश्वनाथ को जलार्पण कर सकेंगे. 27 फरवरी को होगा मां पार्वती का गौना 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. इसके बाद 27 फरवरी को बाबा विश्वनाथ की अचल प्रतिमा महंत आवास से बाबा विश्वनाथ के मंदिर तक मां गौरा के गौना को लेकर भेजी जाएगी. महाशिवरात्रि: शिव और शक्ति के मिलन की दिव्य कथा, जानिए कैसे हुए शिव-पार्वती का मिलन? Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Kashi Vishwanath Mahashivratri 2026: महादेव की नगरी काशी महाशिवरात्रि त्योहार के लिए सज चुकी है. बाबा विश्वनाथ के मंदिर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. जिस तरह विवाह से पहले दूल्हा दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है. उसी तरह बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में हल्दी रस्स निभाई गई.
महाशिवरात्रि से पहले बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती की अचल प्रतिमा पर हल्दी लगाई गई. इस दौरान कई श्रद्धालु मौजूद थे. महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर हल्दी रस्म निभाई. इसका वीडियो वायरल हो रहा है. इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को है.
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हल्दी के रंग में रंगे बाबा विश्वनाथ
डमरुओं की थाप, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयकारे के बीच बाबा भोलेनाथ को जब शगुन की हल्दी लगाई गई. तो पूरी नगरी शिवमय हो उठी.
महाशिवरात्रि पर 26 घंटे खुले रहेंगे काशी विश्वनाथ के कपाट
- बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में शिवभक्तों का सबसे बड़ा दिन महाशिवरात्रि है, जिसका इंतजार भक्त पूरे साल करते हैं.
- इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को है. 15 फरवरी की सुबह 4 बजे, मंगला आरती के बाद बाबा के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे.
- इस दिन भक्त झांकी, शिव बारात के दर्शन, जलार्पण कर पाएंगे.
- बाबा के कपाट अगले दिन 16 फरवरी की सुबह 6 बजे तक खुले रहेंगे. श्रद्धालु झांकी दर्शन के साथ बाबा विश्वनाथ को जलार्पण कर सकेंगे.
27 फरवरी को होगा मां पार्वती का गौना
15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. इसके बाद 27 फरवरी को बाबा विश्वनाथ की अचल प्रतिमा महंत आवास से बाबा विश्वनाथ के मंदिर तक मां गौरा के गौना को लेकर भेजी जाएगी.
महाशिवरात्रि: शिव और शक्ति के मिलन की दिव्य कथा, जानिए कैसे हुए शिव-पार्वती का मिलन?
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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