Kalvakuntla Kavitha Speech: क्यों विधान परिषद में फूट-फूटकर रोई MLC? किया ऐसा खुलासा, सुनकर हैरान रह गए सब

तेलंगाना विधान परिषद में बुधवार को एक ऐसा वाक्या देखने को मिला, जिसने पूरे सदन के माहौल को गंभीर और भावनात्मक बना दिया. बीआरएस (BRS) एमएलसी और तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कलवकुंतला कविता सदन के पटल पर भावुक होकर बिलख उठीं. अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उनकी बहुत बेइज्जती की है और उन्हें राजनीतिक रूप से अलग-थलग कर दिया गया है. सदन में अपनी बात रखते हुए कविता ने कहा कि जब उन्होंने पार्टी के भीतर मौजूद गलतियों और सवालों को उठाया तो बदले में उन्हें एक शक्तिशाली गुट या पैनल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. उन्होंने बताया कि पार्टी के कुछ नेताओं के ज़ुल्म और रवैये के बारे में उन्होंने हाईकमान से बार-बार शिकायत की, लेकिन उनकी सारी अपील बेकार साबित हुईं. कविता ने किया गिरफ्तारी का जिक्र कविता का दर्द तब साफ झलका जब उन्होंने अपनी गिरफ्तारी का जिक्र किया. आंसू रोकते हुए उन्होंने कहा कि जब वह जेल गईं तो पार्टी ने उनके साथ खड़े होने के बजाय कन्नी काट ली. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद भी पार्टी ने उनका साथ नहीं दिया, जबकि यही वो समय था जब एक संगठन को अपने कार्यकर्ता के साथ खड़ा होना चाहिए था. तेलंगाना राज्य आंदोलन तेलंगाना से अपने संबोधन के दौरान कलवकुंतला कविता ने तेलंगाना राज्य आंदोलन के दौरान अपनी भूमिका को याद किया. उन्होंने कहा कि एक सांसद के रूप में उन्होंने कई मुश्किलें झेलीं और राज्य बनाने के लिए सड़कों पर उतरीं, लेकिन आज उन्हें जो सम्मान मिलना चाहिए था, वह उन्हें नहीं मिला. कविता ने कहा कि उन्हें अपने ही लोगों की तरफ से नजरअंदाज किए जाने का दुख है. उनके इस भावनात्मक भाषण ने सदन में सन्नाटा पैदा कर दिया और बीआरएस की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ये भी पढ़ें: यूपी में राजनीतिक हलचल! PM मोदी और योगी आदित्यनाथ के बीच हुई हाई-लेवल मीटिंग, क्या होगा कैबिनेट में बदलाव

Jan 5, 2026 - 15:30
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Kalvakuntla Kavitha Speech: क्यों विधान परिषद में फूट-फूटकर रोई MLC? किया ऐसा खुलासा, सुनकर हैरान रह गए सब

तेलंगाना विधान परिषद में बुधवार को एक ऐसा वाक्या देखने को मिला, जिसने पूरे सदन के माहौल को गंभीर और भावनात्मक बना दिया. बीआरएस (BRS) एमएलसी और तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कलवकुंतला कविता सदन के पटल पर भावुक होकर बिलख उठीं. अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उनकी बहुत बेइज्जती की है और उन्हें राजनीतिक रूप से अलग-थलग कर दिया गया है.

सदन में अपनी बात रखते हुए कविता ने कहा कि जब उन्होंने पार्टी के भीतर मौजूद गलतियों और सवालों को उठाया तो बदले में उन्हें एक शक्तिशाली गुट या पैनल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. उन्होंने बताया कि पार्टी के कुछ नेताओं के ज़ुल्म और रवैये के बारे में उन्होंने हाईकमान से बार-बार शिकायत की, लेकिन उनकी सारी अपील बेकार साबित हुईं.

कविता ने किया गिरफ्तारी का जिक्र

कविता का दर्द तब साफ झलका जब उन्होंने अपनी गिरफ्तारी का जिक्र किया. आंसू रोकते हुए उन्होंने कहा कि जब वह जेल गईं तो पार्टी ने उनके साथ खड़े होने के बजाय कन्नी काट ली. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद भी पार्टी ने उनका साथ नहीं दिया, जबकि यही वो समय था जब एक संगठन को अपने कार्यकर्ता के साथ खड़ा होना चाहिए था.

तेलंगाना राज्य आंदोलन

तेलंगाना से अपने संबोधन के दौरान कलवकुंतला कविता ने तेलंगाना राज्य आंदोलन के दौरान अपनी भूमिका को याद किया. उन्होंने कहा कि एक सांसद के रूप में उन्होंने कई मुश्किलें झेलीं और राज्य बनाने के लिए सड़कों पर उतरीं, लेकिन आज उन्हें जो सम्मान मिलना चाहिए था, वह उन्हें नहीं मिला. कविता ने कहा कि उन्हें अपने ही लोगों की तरफ से नजरअंदाज किए जाने का दुख है. उनके इस भावनात्मक भाषण ने सदन में सन्नाटा पैदा कर दिया और बीआरएस की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

ये भी पढ़ें: यूपी में राजनीतिक हलचल! PM मोदी और योगी आदित्यनाथ के बीच हुई हाई-लेवल मीटिंग, क्या होगा कैबिनेट में बदलाव

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