IIM Bangalore में नया UG School शुरू, Tata Trusts ने साइन किया एमओयू
IIM बेंगलुरु और Tata Trusts ने नए अंडरग्रेजुएट स्कूल के लिए एमओयू साइन किया है. इस स्कूल का नाम IIMB–Dorabji Tata School of Undergraduate Studies रखा गया है. पहले बैच में 80 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला, जिसके लिए करीब 12 हजार एप्लिकेशन आई थीं. 31 अगस्त से शुरू होगी पढ़ाई आईआईएम बेंगलुरु के नए अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम का पहला बैच 31 अगस्त 2026 से शुरू होगा, जिसमें कुल 80 स्टूडेंट्स होंगे. इनमें 40 छात्र स्टूडेंट्स बीएससी (ऑनर्स) इन डेटा साइंसेज की पढ़ाई करेंगे. वहीं, बाकी 40 स्टूडेंट्स बीएससी (ऑनर्स) इन इकोनॉमिक्स में होंगे. दोनों प्रोग्राम चार साल के फुल टाइम और रेजिडेंशियल कोर्स होंगे. डेटा साइंसेज के स्टूडेंट्स को इकोनॉमिक्स के बेसिक और इकोनॉमिक्स के स्टूडेंट्स को डेटा साइंसेज के बेसिक सीखने का मौका मिलेगा. इसका मतलब है कि सभी स्टूडेंट्स को दोनों फील्ड में पढ़ाई का मौका मिलेगा. क्या है इस समझौते का मकसद? आईआईएम बेंगलुरु और टाटा ट्रस्ट्स के बीच हुए एमओयू के तहत टाटा ट्रस्ट्स नए अंडरग्रेजुएट स्कूल के शुरुआती डिवेलपमेंट में मदद करेगा. इसके तहत इन चीजों पर फोकस किया जाएगा. मॉडर्न अकैडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना रिसर्च फैसिलिटीज को मजबूत करना स्कूल का स्ट्रैटिजीकल डायरेक्शन तय करने में सहयोग पॉलिसी और गवर्नेंस से जुड़े काम में योगदान नई फैकल्टी और रिसर्च क्षमता को डिवेलप करने में मदद टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और आईआईएम बेंगलुरु के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की चेयरपर्सन डॉ. देवी शेट्टी ने एमओयू पर साइन किए. एआई और डेटा साइंसेज पर रहेगा खास फोकस आईआईएम बेंगलुरु के नए यूजी स्कूल का फोकस सिर्फ पारंपरिक मैनेजमेंट एजुकेशन पर नहीं रहेगा. संस्थान एआई, डेटा साइंसेज और दूसरी नई टेक्नोलॉजी को पढ़ाई और रिसर्च का अहम हिस्सा बनाना चाहता है. स्कूल में ऐसे रिसर्च एरिया पर भी काम होगा, जहां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डेटा साइंसेज, एल्गोरिदम डिजाइन, इंडियन नॉलेज सिस्टम और बिजनेस एक-दूसरे से कनेक्ट होते हैं. IIMB के मुताबिक, आज के दौर में AI बिजनेस, सरकार और समाज के काम करने के तरीके को तेजी से बदल रहा है. ऐसे में छात्रों को तकनीकी जानकारी के साथ अलग-अलग विषयों को जोड़कर सोचने की क्षमता भी डिवेलप करनी होगी. 23 किलोमीटर दूर बनेगा नया कैंपस नए अंडरग्रेजुएट स्कूल का कैंपस आईआईएम बेंगलुरु के बन्नेरघट्टा रोड स्थित मौजूदा कैंपस से करीब 23 किलोमीटर दूर है. यह कैंपस जिगनी अनेकल एरिया में डिवेलप किया जा रहा है, जिसे यूजी स्टूडेंट्स के लिए खासतौर पर रेजिडेंशियल अकैडमिक कैंपस के रूप में तैयार किया जा रहा है. यहां छात्रों के लिए आधुनिक क्लासरूम, रिसर्च और रहने की सुविधाएं डिवेलप की जा रही हैं. ये भी पढ़ें: DU में अब भी मिल सकता है एडमिशन, 12वीं के नंबर पर ये कॉलेज दे रहे मौका
IIM बेंगलुरु और Tata Trusts ने नए अंडरग्रेजुएट स्कूल के लिए एमओयू साइन किया है. इस स्कूल का नाम IIMB–Dorabji Tata School of Undergraduate Studies रखा गया है. पहले बैच में 80 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला, जिसके लिए करीब 12 हजार एप्लिकेशन आई थीं.
31 अगस्त से शुरू होगी पढ़ाई
आईआईएम बेंगलुरु के नए अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम का पहला बैच 31 अगस्त 2026 से शुरू होगा, जिसमें कुल 80 स्टूडेंट्स होंगे. इनमें 40 छात्र स्टूडेंट्स बीएससी (ऑनर्स) इन डेटा साइंसेज की पढ़ाई करेंगे. वहीं, बाकी 40 स्टूडेंट्स बीएससी (ऑनर्स) इन इकोनॉमिक्स में होंगे. दोनों प्रोग्राम चार साल के फुल टाइम और रेजिडेंशियल कोर्स होंगे. डेटा साइंसेज के स्टूडेंट्स को इकोनॉमिक्स के बेसिक और इकोनॉमिक्स के स्टूडेंट्स को डेटा साइंसेज के बेसिक सीखने का मौका मिलेगा. इसका मतलब है कि सभी स्टूडेंट्स को दोनों फील्ड में पढ़ाई का मौका मिलेगा.
क्या है इस समझौते का मकसद?
आईआईएम बेंगलुरु और टाटा ट्रस्ट्स के बीच हुए एमओयू के तहत टाटा ट्रस्ट्स नए अंडरग्रेजुएट स्कूल के शुरुआती डिवेलपमेंट में मदद करेगा. इसके तहत इन चीजों पर फोकस किया जाएगा.
- मॉडर्न अकैडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना
- रिसर्च फैसिलिटीज को मजबूत करना
- स्कूल का स्ट्रैटिजीकल डायरेक्शन तय करने में सहयोग
- पॉलिसी और गवर्नेंस से जुड़े काम में योगदान
- नई फैकल्टी और रिसर्च क्षमता को डिवेलप करने में मदद
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और आईआईएम बेंगलुरु के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की चेयरपर्सन डॉ. देवी शेट्टी ने एमओयू पर साइन किए.
एआई और डेटा साइंसेज पर रहेगा खास फोकस
आईआईएम बेंगलुरु के नए यूजी स्कूल का फोकस सिर्फ पारंपरिक मैनेजमेंट एजुकेशन पर नहीं रहेगा. संस्थान एआई, डेटा साइंसेज और दूसरी नई टेक्नोलॉजी को पढ़ाई और रिसर्च का अहम हिस्सा बनाना चाहता है. स्कूल में ऐसे रिसर्च एरिया पर भी काम होगा, जहां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डेटा साइंसेज, एल्गोरिदम डिजाइन, इंडियन नॉलेज सिस्टम और बिजनेस एक-दूसरे से कनेक्ट होते हैं.
IIMB के मुताबिक, आज के दौर में AI बिजनेस, सरकार और समाज के काम करने के तरीके को तेजी से बदल रहा है. ऐसे में छात्रों को तकनीकी जानकारी के साथ अलग-अलग विषयों को जोड़कर सोचने की क्षमता भी डिवेलप करनी होगी.
23 किलोमीटर दूर बनेगा नया कैंपस
नए अंडरग्रेजुएट स्कूल का कैंपस आईआईएम बेंगलुरु के बन्नेरघट्टा रोड स्थित मौजूदा कैंपस से करीब 23 किलोमीटर दूर है. यह कैंपस जिगनी अनेकल एरिया में डिवेलप किया जा रहा है, जिसे यूजी स्टूडेंट्स के लिए खासतौर पर रेजिडेंशियल अकैडमिक कैंपस के रूप में तैयार किया जा रहा है. यहां छात्रों के लिए आधुनिक क्लासरूम, रिसर्च और रहने की सुविधाएं डिवेलप की जा रही हैं.
ये भी पढ़ें: DU में अब भी मिल सकता है एडमिशन, 12वीं के नंबर पर ये कॉलेज दे रहे मौका
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