Hormuz Crisis: एक जहाज को रास्ता देने के बदले 37 करोड़ वसूलता है ये देश, कर रहा तगड़ी कमाई

Panama Canal: यूएस- ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर विश्वभर में देखने को मिल रहा है. इसके चलते क्रूड ऑइल की आवाजाही पर काफी असर पड़ रहा है. जिसकी वजह से भारत समेत दुनियाभर में भी इसकी कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. हालांकि इस युद्ध का कई अन्य छोटे देश फायदा भी उठा रहे हैं. युद्ध के नाम पर क्रूड ऑइल की आवाजाही पर यहां करोड़ों रुपये की वसूली की जा रही है. कौन-सा देश कर रहा वसूली?दरअसल युद्ध के कारण हॉर्मुज ब्लॉक है, जिसके चलते तेल और गैस के जहाज दूसरे रास्ते से निकल रहे हैं. ये दूसरा रास्ता है पनामा कैनाल, लेकिन ये रास्ता भी इन जहाजों के लिए आसान नहीं है. बल्कि इस रास्ते से निकलने पर इनसे अच्छी- खासी वसूली की जा रही है. यहां से निकलने के लिए जहाजों की नीलामी की जा रही है जिसमें बोली करीब 4 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से 37 करोड़ रुपये तक पहुंच रही है. जिससे पनामा कैनाल की तो चांदी ही चांदी हो रही है. प्रायॉरिटी एक्सेस के नाम पर वसूलीइस समय जहां कंपनियां एक जहाज के 4 मिलियन डॉलर ले रही हैं, तो वहीं इससे पहले इस कैनाल से जहाजों के निकलने पर 3 से 4 लाख डॉलर का खर्च आता था, लेकिन अब प्रायॉरिटी एक्सेस के नाम पर तगड़ी वसूली की जा रही है. पहले, फास्ट-ट्रैक स्लॉट पर ढाई से तीन लाख डॉलर का एक्स्ट्रा खर्च लगता था, लेकिन इन दिनों हालात ये हैं कि एक्स्ट्रा खर्च बढ़कर 4.25 लाख डॉलर से भी ज्यादा हो गया है. बता दें कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनियाभर की खपत के लिए करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. ये तेल सीधे भारत के गुजरात राज्य में पहुंचता है, जहां से इसकी अन्य शहरों में सप्लाई होती है. फिलहाल अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते ये आवाजाही बंद है. जिसकी वजह से पनामा सरकार की कैनाल अथॉरिटी तगड़ी कमाई कर रही है.

Apr 28, 2026 - 11:30
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Hormuz Crisis: एक जहाज को रास्ता देने के बदले 37 करोड़ वसूलता है ये देश, कर रहा तगड़ी कमाई

Panama Canal: यूएस- ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर विश्वभर में देखने को मिल रहा है. इसके चलते क्रूड ऑइल की आवाजाही पर काफी असर पड़ रहा है. जिसकी वजह से भारत समेत दुनियाभर में भी इसकी कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. हालांकि इस युद्ध का कई अन्य छोटे देश फायदा भी उठा रहे हैं. युद्ध के नाम पर क्रूड ऑइल की आवाजाही पर यहां करोड़ों रुपये की वसूली की जा रही है.

कौन-सा देश कर रहा वसूली?
दरअसल युद्ध के कारण हॉर्मुज ब्लॉक है, जिसके चलते तेल और गैस के जहाज दूसरे रास्ते से निकल रहे हैं. ये दूसरा रास्ता है पनामा कैनाल, लेकिन ये रास्ता भी इन जहाजों के लिए आसान नहीं है. बल्कि इस रास्ते से निकलने पर इनसे अच्छी- खासी वसूली की जा रही है. यहां से निकलने के लिए जहाजों की नीलामी की जा रही है जिसमें बोली करीब 4 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से 37 करोड़ रुपये तक पहुंच रही है. जिससे पनामा कैनाल की तो चांदी ही चांदी हो रही है.

प्रायॉरिटी एक्सेस के नाम पर वसूली
इस समय जहां कंपनियां एक जहाज के 4 मिलियन डॉलर ले रही हैं, तो वहीं इससे पहले इस कैनाल से जहाजों के निकलने पर 3 से 4 लाख डॉलर का खर्च आता था, लेकिन अब प्रायॉरिटी एक्सेस के नाम पर तगड़ी वसूली की जा रही है. पहले, फास्ट-ट्रैक स्लॉट पर ढाई से तीन लाख डॉलर का एक्स्ट्रा खर्च लगता था, लेकिन इन दिनों हालात ये हैं कि एक्स्ट्रा खर्च बढ़कर 4.25 लाख डॉलर से भी ज्यादा हो गया है.

बता दें कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनियाभर की खपत के लिए करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. ये तेल सीधे भारत के गुजरात राज्य में पहुंचता है, जहां से इसकी अन्य शहरों में सप्लाई होती है. फिलहाल अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते ये आवाजाही बंद है. जिसकी वजह से पनामा सरकार की कैनाल अथॉरिटी तगड़ी कमाई कर रही है.

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