Honey Benefits For Throat: सिर्फ एक चम्मच पी लें यह चीज, तुरंत निकल जाएगा सीने में जमा पूरा बलगम, बस रखें इस बात का ध्यान

Honey Home Remedy Viral Trend: आजकल सोशल मीडिया पर एक घरेलू नुस्खा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि अगर रात को सोने से पहले शहद, घी, हिंग और हल्की हल्दी पाउडर मिलाकर गुनगुना करके पी लिया जाए और उसके बाद पानी न पिया जाए, तो अगली सुबह गला पूरी तरह साफ हो जाता है और खांसी बलगम में तुरंत आराम मिलता है. खांसी वैसे तो एक सामान्य प्रक्रिया है, जो गले और सांस की नलियों में जमा बलगम, धूल या इंफेक्शन को बाहर निकालने में मदद करती है. लेकिन जब खांसी लगातार बनी रहे, नींद खराब करे या छाती भारी लगने लगे, तब यह आसान सा मिश्रण काफी राहत दे सकता है. शहद क्यों फायदेमंद? शहद में मौजूद प्राकृतिक एंजाइम और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन कम करते हैं और जमा बलगम को ढीला करते हैं. घी गले को चिकनाहट देता है, जिससे खराश शांत होती है. हल्दी और हिंग दोनों ही अपने एंटीमाइक्रोबियल गुणों के लिए जाने जाते हैं, जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं और सीने में भरी भारीपन की समस्या को हल्का करते हैं. कई लोगों का दावा है कि एक चम्मच यह मिश्रण पीने के बाद रातभर गला आराम में रहता है और सुबह उठते ही कफ निकल कर गला हल्का महसूस होता है. यह गुनगुना मिश्रण गले की परत पर एक नैचुरल लेयर बनाता है, जो लगातार हो रही खांसी को भी शांत करता है. लंबे समय से असरदार शहद को वैसे भी लंबे समय से खांसी और गले की जलन में असरदार माना जाता रहा है. clevelandclinic रिपोर्ट्स में भी बताया गया है कि शहद कई बार ओटीसी खांसी की दवाओं जितना प्रभाव दिखा सकता है. जब इसे हल्दी और घी जैसे पारंपरिक तत्वों के साथ मिलाया जाता है, तो इसका स्मूथ इफेक्ट और भी बढ़ जाता है. इस बात का रखें ध्यान हालांकि यह घरेलू उपाय आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन एक साल से छोटे बच्चों को कभी भी शहद न दिया जाए. अगर खांसी दो हफ्ते से ज्यादा चले या सांस लेने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. चीनी का ध्यान रखें. शहद भी एक तरह की प्राकृतिक शक्कर है, इसलिए इसे हमेशा सीमित मात्रा में ही लें, खासकर अगर आपको डायबिटीज है या आप शुगर कंट्रोल कर रहे हैं. इसके साथ ही लेबल जरूर पढ़ें. बहुत-सी मार्केट वाली साफ या ब्लेंडेड किस्मों में प्रोसेसिंग ज्यादा होती है और कई बार इनमें कॉर्न सिरप जैसे मीठे पदार्थ मिलाए जाते हैं, जिससे शहद का असली असर कम हो जाता है. अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो शहद गले की खराश में आराम दे सकता है और हल्का एंटीबैक्टीरियल व एंटी-इंफ्लेमेटरी फायदा पहुंचा सकता है खासकर जब इसे दूसरे घरेलू नुस्खों के साथ लिया जाए. इसे भी पढ़ें: Preterm Birth Causes: भारत में क्यों बढ़ रहे समय से पहले जन्म के केस? जानें प्रीमैच्योर डिलीवरी की असली वजह Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Dec 14, 2025 - 21:30
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Honey Benefits For Throat: सिर्फ एक चम्मच पी लें यह चीज, तुरंत निकल जाएगा सीने में जमा पूरा बलगम, बस रखें इस बात का ध्यान

Honey Home Remedy Viral Trend: आजकल सोशल मीडिया पर एक घरेलू नुस्खा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि अगर रात को सोने से पहले शहद, घी, हिंग और हल्की हल्दी पाउडर मिलाकर गुनगुना करके पी लिया जाए और उसके बाद पानी न पिया जाए, तो अगली सुबह गला पूरी तरह साफ हो जाता है और खांसी बलगम में तुरंत आराम मिलता है. खांसी वैसे तो एक सामान्य प्रक्रिया है, जो गले और सांस की नलियों में जमा बलगम, धूल या इंफेक्शन को बाहर निकालने में मदद करती है. लेकिन जब खांसी लगातार बनी रहे, नींद खराब करे या छाती भारी लगने लगे, तब यह आसान सा मिश्रण काफी राहत दे सकता है.

शहद क्यों फायदेमंद?

शहद में मौजूद प्राकृतिक एंजाइम और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन कम करते हैं और जमा बलगम को ढीला करते हैं. घी गले को चिकनाहट देता है, जिससे खराश शांत होती है. हल्दी और हिंग दोनों ही अपने एंटीमाइक्रोबियल गुणों के लिए जाने जाते हैं, जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं और सीने में भरी भारीपन की समस्या को हल्का करते हैं. कई लोगों का दावा है कि एक चम्मच यह मिश्रण पीने के बाद रातभर गला आराम में रहता है और सुबह उठते ही कफ निकल कर गला हल्का महसूस होता है. यह गुनगुना मिश्रण गले की परत पर एक नैचुरल लेयर बनाता है, जो लगातार हो रही खांसी को भी शांत करता है.

लंबे समय से असरदार

शहद को वैसे भी लंबे समय से खांसी और गले की जलन में असरदार माना जाता रहा है. clevelandclinic रिपोर्ट्स में भी बताया गया है कि शहद कई बार ओटीसी खांसी की दवाओं जितना प्रभाव दिखा सकता है. जब इसे हल्दी और घी जैसे पारंपरिक तत्वों के साथ मिलाया जाता है, तो इसका स्मूथ इफेक्ट और भी बढ़ जाता है.

इस बात का रखें ध्यान

हालांकि यह घरेलू उपाय आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन एक साल से छोटे बच्चों को कभी भी शहद न दिया जाए. अगर खांसी दो हफ्ते से ज्यादा चले या सांस लेने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. चीनी का ध्यान रखें. शहद भी एक तरह की प्राकृतिक शक्कर है, इसलिए इसे हमेशा सीमित मात्रा में ही लें, खासकर अगर आपको डायबिटीज है या आप शुगर कंट्रोल कर रहे हैं. इसके साथ ही लेबल जरूर पढ़ें. बहुत-सी मार्केट वाली साफ या ब्लेंडेड किस्मों में प्रोसेसिंग ज्यादा होती है और कई बार इनमें कॉर्न सिरप जैसे मीठे पदार्थ मिलाए जाते हैं, जिससे शहद का असली असर कम हो जाता है. अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो शहद गले की खराश में आराम दे सकता है और हल्का एंटीबैक्टीरियल व एंटी-इंफ्लेमेटरी फायदा पहुंचा सकता है खासकर जब इसे दूसरे घरेलू नुस्खों के साथ लिया जाए.

इसे भी पढ़ें: Preterm Birth Causes: भारत में क्यों बढ़ रहे समय से पहले जन्म के केस? जानें प्रीमैच्योर डिलीवरी की असली वजह

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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