Hindustan Zinc में 2% की हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, खबर मिलते ही लगा 5% का लोअर सर्किट

Hindustan Zinc: आज हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में 5% से अधिक की भारी गिरावट देखी गई. इंट्रा-डे में शेयर अपने पिछले बंद भाव से टूटकर 570 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए. शेयरों की कीमत में आई इस कमी के पीछे एक बड़ी वजह है. दरअसल, सरकार हिंदुस्तान जिकं में अपनी 2%  तक की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है, जिससे बाजार से करीब 5000 करोड़ रुपये तक जुटाए जा सके.  ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के तहत आने वाला डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) हिस्सेदारी बेचे जाने की इस प्रक्रिया को इसी महीने या जुलाई से शुरू कर सकती है. सरकार ने इसके लिए देश के बड़े मर्चेंट बैंकर्स से सलाह लेने का काम भी शुरू कर दिया है. इनमें मुख्य रूप से ICICI Securities, Axis Capital, IIFL Capital Services, HDFC Securities शामिल हैं.  मौजूदा शेयर होल्डिंग पैटर्न  हिंदुस्तान जिंक देश की सबसे बड़ी जिंग, लेड और चांदी उत्पादक कंपनियों में से एक है. इस कंपनी में अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड की लगभग 61% की हिस्सेदारी है, जबकि सरकार के पास कंपनी की करीब 28% हिस्सेदारी है. इसमें से सरकार 2% बेचने जा रही है. यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) रूट के जरिए स्टॉक एक्सचेंज पर की जाएगी.  शेयर की कीमतों पर असर इस खबर के सामने आते ही शुक्रवार को हिंदुस्तान जिकं के शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई. शेयर लगभग 5% टूटकर 570-575 रुपये के स्तर पर पहुंच गए, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे निचला स्तर है. हिंदुस्तान जिंक की मुख्य प्रमोटर कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयरों में भी आज करीब 3-5% तक की गिरावट आई है.  गिरावट की वजह सरकार जब भी OFS लेकर आती है, तो वह शेयरों की मौजूदा बाजार कीमत से कुछ डिस्काउंट पर फ्लोर प्राइस तय करती है. इसी डिस्काउंट की उम्मीद में बाजार में पहले से ही बिकवाली शुरू हो जाती है.   ये भी पढ़ें: गौतम अडानी ने रच दिया इतिहास, साल 2026 में हर रोज की इतनी कमाई जान उड़ जाएंगे होश 

Jun 5, 2026 - 19:30
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Hindustan Zinc में 2% की हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, खबर मिलते ही लगा 5% का लोअर सर्किट

Hindustan Zinc: आज हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में 5% से अधिक की भारी गिरावट देखी गई. इंट्रा-डे में शेयर अपने पिछले बंद भाव से टूटकर 570 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए. शेयरों की कीमत में आई इस कमी के पीछे एक बड़ी वजह है. दरअसल, सरकार हिंदुस्तान जिकं में अपनी 2%  तक की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है, जिससे बाजार से करीब 5000 करोड़ रुपये तक जुटाए जा सके. 

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के तहत आने वाला डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) हिस्सेदारी बेचे जाने की इस प्रक्रिया को इसी महीने या जुलाई से शुरू कर सकती है. सरकार ने इसके लिए देश के बड़े मर्चेंट बैंकर्स से सलाह लेने का काम भी शुरू कर दिया है. इनमें मुख्य रूप से ICICI Securities, Axis Capital, IIFL Capital Services, HDFC Securities शामिल हैं. 

मौजूदा शेयर होल्डिंग पैटर्न 

हिंदुस्तान जिंक देश की सबसे बड़ी जिंग, लेड और चांदी उत्पादक कंपनियों में से एक है. इस कंपनी में अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड की लगभग 61% की हिस्सेदारी है, जबकि सरकार के पास कंपनी की करीब 28% हिस्सेदारी है. इसमें से सरकार 2% बेचने जा रही है. यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) रूट के जरिए स्टॉक एक्सचेंज पर की जाएगी. 

शेयर की कीमतों पर असर

इस खबर के सामने आते ही शुक्रवार को हिंदुस्तान जिकं के शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई. शेयर लगभग 5% टूटकर 570-575 रुपये के स्तर पर पहुंच गए, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे निचला स्तर है. हिंदुस्तान जिंक की मुख्य प्रमोटर कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयरों में भी आज करीब 3-5% तक की गिरावट आई है. 

गिरावट की वजह

सरकार जब भी OFS लेकर आती है, तो वह शेयरों की मौजूदा बाजार कीमत से कुछ डिस्काउंट पर फ्लोर प्राइस तय करती है. इसी डिस्काउंट की उम्मीद में बाजार में पहले से ही बिकवाली शुरू हो जाती है.  

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