Heatwave Health Risks: हीटवेव से ब्रेन और किडनी पर हो रहा असर, गर्मी के इन खतरनाक लक्षणों को कतई न करें इग्नोर

Doctors Explain Dangerous Effects Of Heatwave On Body: देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी और हीटवेव अब लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालने लगी है. अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिन्हें तेज धूप, डिहाइड्रेशन और अत्यधिक गर्मी की वजह से सिरदर्द, चक्कर, आंखों में जलन और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक गर्मी में रहने से शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है और यह स्थिति कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है. ज्यादा गर्मी से क्या होती है दिक्कत? दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में इन दिनों डिहाइड्रेशन से जुड़ी परेशानियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में इसका खतरा ज्यादा देखा जा रहा है. गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन विभाग की वाइस चेयरमैन डॉ. सुशीला कटारिया के मुताबिक, शरीर की तापमान कंट्रोल करने की क्षमता की भी एक सीमा होती है. जब गर्मी उस सीमा से आगे बढ़ जाती है तो शरीर में पानी और नमक की कमी होने लगती है. उन्होंने बताया कि हीट एग्जॉशन के शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, मतली और कमजोरी शामिल हैं. अगर समय रहते इलाज न मिले तो यह हीट स्ट्रोक में बदल सकता है, जो दिमाग और किडनी को प्रभावित कर सकता है.   #WATCH | Gurugram, Haryana: On heat wave, Vice Chairman of internal medicine, Medanta Gurugram, Dr Sushila Kataria says, “…there’s a limit of the body’s thermostat regulation, beyond which, exposure to heat causes loss of water and salt. The initial symptoms of heat exhaustion… pic.twitter.com/78EP1nLENL — ANI (@ANI) May 25, 2026 इससे बचने के लिए क्या कर सकते हैं आप? डॉ. कटारिया ने कहा कि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच जरूरत न हो तो बाहर निकलने से बचना चाहिए. शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी, नारियल पानी और ओआरएस सबसे बेहतर विकल्प हैं. वहीं चाय और कॉफी जैसे पेय शरीर में पानी की कमी और बढ़ा सकते हैं. उन्होंने लोगों को ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह भी दी. इसके  साथ ही फेफड़े, दिल और किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को मौसम बदलने के दौरान नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह लेने को कहा. इसे भी पढ़ें-Stress And Heart Health: लगातार तनाव से 20-30 की उम्र में हाई हो रहा बीपी, जानें ऑफिस स्ट्रेस क्यों बन रहा साइलेंट किलर? इन दिक्कतों को कतई न करें इग्नोर एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को लगातार भ्रम होना, बोलने में परेशानी, अत्यधिक सुस्ती, बेहोशी या दौरे जैसी समस्याएं महसूस हों तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ये गंभीर न्यूरोलॉजिकल इमरजेंसी के संकेत हो सकते हैं और तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है. डॉक्टरों का यह भी कहना है कि गर्मियों में आंखों की सेहत को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि तेज गर्मी और धूप आंखों में जलन और इंफेक्शन का खतरा बढ़ा सकती है. इसके अलावा चक्कर आना, तेज थकान, उल्टी, शरीर में अत्यधिक गर्मी महसूस होना, तेज धड़कन और मांसपेशियों में ऐंठन जैसे लक्षण भी हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं. इसे भी पढ़ें-Heart Health: सुबह का सिरदर्द-थकान है साइलेंट किलर का अलर्ट, न करें इग्नोर वरना होंगे खतरनाक बीमारी के शिकार Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

May 27, 2026 - 21:30
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Heatwave Health Risks: हीटवेव से ब्रेन और किडनी पर हो रहा असर, गर्मी के इन खतरनाक लक्षणों को कतई न करें इग्नोर

Doctors Explain Dangerous Effects Of Heatwave On Body: देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी और हीटवेव अब लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालने लगी है. अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिन्हें तेज धूप, डिहाइड्रेशन और अत्यधिक गर्मी की वजह से सिरदर्द, चक्कर, आंखों में जलन और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक गर्मी में रहने से शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है और यह स्थिति कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है.

ज्यादा गर्मी से क्या होती है दिक्कत?

दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में इन दिनों डिहाइड्रेशन से जुड़ी परेशानियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में इसका खतरा ज्यादा देखा जा रहा है. गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन विभाग की वाइस चेयरमैन डॉ. सुशीला कटारिया के मुताबिक, शरीर की तापमान कंट्रोल करने की क्षमता की भी एक सीमा होती है. जब गर्मी उस सीमा से आगे बढ़ जाती है तो शरीर में पानी और नमक की कमी होने लगती है. उन्होंने बताया कि हीट एग्जॉशन के शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, मतली और कमजोरी शामिल हैं. अगर समय रहते इलाज न मिले तो यह हीट स्ट्रोक में बदल सकता है, जो दिमाग और किडनी को प्रभावित कर सकता है.

 

इससे बचने के लिए क्या कर सकते हैं आप?

डॉ. कटारिया ने कहा कि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच जरूरत न हो तो बाहर निकलने से बचना चाहिए. शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी, नारियल पानी और ओआरएस सबसे बेहतर विकल्प हैं. वहीं चाय और कॉफी जैसे पेय शरीर में पानी की कमी और बढ़ा सकते हैं. उन्होंने लोगों को ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह भी दी. इसके  साथ ही फेफड़े, दिल और किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को मौसम बदलने के दौरान नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह लेने को कहा.

इसे भी पढ़ें-Stress And Heart Health: लगातार तनाव से 20-30 की उम्र में हाई हो रहा बीपी, जानें ऑफिस स्ट्रेस क्यों बन रहा साइलेंट किलर?

इन दिक्कतों को कतई न करें इग्नोर

एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को लगातार भ्रम होना, बोलने में परेशानी, अत्यधिक सुस्ती, बेहोशी या दौरे जैसी समस्याएं महसूस हों तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ये गंभीर न्यूरोलॉजिकल इमरजेंसी के संकेत हो सकते हैं और तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है. डॉक्टरों का यह भी कहना है कि गर्मियों में आंखों की सेहत को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि तेज गर्मी और धूप आंखों में जलन और इंफेक्शन का खतरा बढ़ा सकती है. इसके अलावा चक्कर आना, तेज थकान, उल्टी, शरीर में अत्यधिक गर्मी महसूस होना, तेज धड़कन और मांसपेशियों में ऐंठन जैसे लक्षण भी हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं.

इसे भी पढ़ें-Heart Health: सुबह का सिरदर्द-थकान है साइलेंट किलर का अलर्ट, न करें इग्नोर वरना होंगे खतरनाक बीमारी के शिकार

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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