Heat stroke: सूरज की तपिश से बढ़ने लगे हीट स्ट्रोक के मामले, डॉक्टर से जानें बचने के तरीके

Heat stroke:  अप्रैल जैसे-जैसे खत्म हो रहा है, गर्मी बढ़ती जा रही है. घर से बाहर निकलते ही धूप लोगों की परेशानी कर देती है. इस तेज धूप और लगातार हर दिन बढ़ता तापमान इन दिनों हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ा रहा है. ऐसे में लंबे समय तक धूप में घूमना या भारी शारीरिक गतिविधि करने से शरीर का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं गर्मी के दिनों में हीट स्ट्रोक से कैसे बचा जाए.  हीट स्ट्रोक क्या है? डॉ. राहुल चिराग (कंसल्टेंट फिजिशियन, Care Hospitals) के अनुसार, हीट स्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान अत्यधिक गर्मी या लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने के कारण बहुत बढ़ जाता है. यह तब होता है जब शरीर का तापमान 104°F या उससे अधिक हो जाता है. यह समस्या भीषण गर्मी में अधिक देखने को मिलती है. डॉक्टर के मुताबिक, हीट स्ट्रोक दो प्रकार का होता है-एक्सर्शनल और नॉन-एक्सर्शनल. एक्सर्शनल हीट स्ट्रोक अधिकतर खिलाड़ियों और मजदूरों में होता है क्योंकि वे तेज धूप में भारी शारीरिक काम या एक्सरसाइज करते हैं, जबकि नॉन-एक्सर्शनल हीट स्ट्रोक बुजुर्गों और छोटे बच्चों में अधिक देखा जाता है क्योंकि इनके शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर होती है. यह भी पढ़ेंः सुबह उठते ही एड़ियों में होता है दर्द, जानें यह किस बीमारी का है संकेत? हीट स्ट्रोक के लक्षण और खतरे हीट स्ट्रोक के लक्षणों की बात की जाए तो इसमें बुखार, सिरदर्द, भ्रम की स्थिति, चिड़चिड़ापन, बेहोशी या दौरे पड़ना शामिल है. इसके अलावा स्किन का ड्राई और गर्म होना, दिल की धड़कन तेज हो जाना और सांस का तेज चलना भी हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं. समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है, इसलिए लक्षण दिखते ही तुरंत ध्यान देते हुए डॉक्टर से मिलना जरूरी है. हीट स्ट्रोक से बचाव और उपचार के तरीके हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए. हल्के और ढीले कपड़े पहनने चाहिए. अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए  और धूप में छाता या टोपी का उपयोग करना चाहिए. इसके उपचार के लिए व्यक्ति को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करना चाहिए. ढीले कपड़े कर देने चाहिए और ठंडे पानी की पट्टियां लगानी चाहिए. अगर स्थिति गंभीर हो जैसे बेहोशी या तेज बुखार हो तो तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए. यह भी पढ़ेंः पेन किलर लेने के तुरंत बाद कैसे खत्म हो जाता है शरीर का दर्द, कैसे काम करती है दवा?  

Apr 24, 2026 - 04:30
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Heat stroke: सूरज की तपिश से बढ़ने लगे हीट स्ट्रोक के मामले, डॉक्टर से जानें बचने के तरीके

Heat stroke:  अप्रैल जैसे-जैसे खत्म हो रहा है, गर्मी बढ़ती जा रही है. घर से बाहर निकलते ही धूप लोगों की परेशानी कर देती है. इस तेज धूप और लगातार हर दिन बढ़ता तापमान इन दिनों हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ा रहा है. ऐसे में लंबे समय तक धूप में घूमना या भारी शारीरिक गतिविधि करने से शरीर का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं गर्मी के दिनों में हीट स्ट्रोक से कैसे बचा जाए. 

हीट स्ट्रोक क्या है?

डॉ. राहुल चिराग (कंसल्टेंट फिजिशियन, Care Hospitals) के अनुसार, हीट स्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान अत्यधिक गर्मी या लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने के कारण बहुत बढ़ जाता है. यह तब होता है जब शरीर का तापमान 104°F या उससे अधिक हो जाता है. यह समस्या भीषण गर्मी में अधिक देखने को मिलती है. डॉक्टर के मुताबिक, हीट स्ट्रोक दो प्रकार का होता है-एक्सर्शनल और नॉन-एक्सर्शनल. एक्सर्शनल हीट स्ट्रोक अधिकतर खिलाड़ियों और मजदूरों में होता है क्योंकि वे तेज धूप में भारी शारीरिक काम या एक्सरसाइज करते हैं, जबकि नॉन-एक्सर्शनल हीट स्ट्रोक बुजुर्गों और छोटे बच्चों में अधिक देखा जाता है क्योंकि इनके शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर होती है.

यह भी पढ़ेंः सुबह उठते ही एड़ियों में होता है दर्द, जानें यह किस बीमारी का है संकेत?

हीट स्ट्रोक के लक्षण और खतरे

हीट स्ट्रोक के लक्षणों की बात की जाए तो इसमें बुखार, सिरदर्द, भ्रम की स्थिति, चिड़चिड़ापन, बेहोशी या दौरे पड़ना शामिल है. इसके अलावा स्किन का ड्राई और गर्म होना, दिल की धड़कन तेज हो जाना और सांस का तेज चलना भी हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं. समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है, इसलिए लक्षण दिखते ही तुरंत ध्यान देते हुए डॉक्टर से मिलना जरूरी है.

हीट स्ट्रोक से बचाव और उपचार के तरीके

हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए. हल्के और ढीले कपड़े पहनने चाहिए. अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए  और धूप में छाता या टोपी का उपयोग करना चाहिए. इसके उपचार के लिए व्यक्ति को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करना चाहिए. ढीले कपड़े कर देने चाहिए और ठंडे पानी की पट्टियां लगानी चाहिए. अगर स्थिति गंभीर हो जैसे बेहोशी या तेज बुखार हो तो तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए.

यह भी पढ़ेंः पेन किलर लेने के तुरंत बाद कैसे खत्म हो जाता है शरीर का दर्द, कैसे काम करती है दवा?

 

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