Heart Attack: घर में अकेले हैं और आ गया हार्ट अटैक? सबसे पहले करें ये काम

What to do During Heart Attack: दिल की बीमारी रोग आज भी दुनिया में मौत का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है. साल 2022 में करीब 2 करोड़ लोगों की मौत हार्ट से संबंधित बीमारियों के कारण हुई, जिनमें ज्यादातर हार्ट अटैक और स्ट्रोक से थीं. अमेरिका जैसे विकसित देश में भी हर साल लाखों लोग हृदय रोग से जान गंवाते हैं. ये आंकड़े दिखाते हैं कि हार्ट अटैक कितना आम है और समय पर कार्रवाई करना क्यों जरूरी है. हाल ही में डॉ. क्रिस्टाबेल अकिनोला ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र किया जिसने हार्ट अटैक के लक्षण पहचानकर तुरंत सही कदम उठाए और अपनी जान बचाई. डॉक्टर ने बताया कि उस व्यक्ति ने क्या किया जिससे उसकी जान बची और क्यों ये कदम जरूरी हैं. अचानक हार्ट अटैक आने पर क्या करना चाहिए? सबसे पहले इमरजेंसी सेवा को कॉल करें. अगर आपको हार्ट अटैक के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत इमरजेंसी सेवा को कॉल करें और डिस्पैचर को बताएं कि आप इस स्थिति में हैं. फोन को स्पीकर पर रखें ताकि आपके दोनों हाथ फ्री रहें और गाइडेंस का पालन कर सकें. अपनी लोकेशन, एलर्जी और दवाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से बताएं. खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश न करें, एंबुलेंस को आने दें ताकि इलाज तुरंत शुरू किया जा सके.             View this post on Instagram                       A post shared by Dr Christabel Akinola | Health | Family | Lifestyle (@drbelswellness) अगर आप होश में हैं और एस्पिरिन से एलर्जी नहीं है, तो एक नॉन-कोटेड एस्पिरिन (लगभग 300 mg) चबाकर लें. इसे चबाने से दवा जल्दी असर करती है. कई स्टजी में पाया गया है कि हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों के बाद तुरंत एस्पिरिन लेने से मौत का खतरा करीब 25 प्रतिशत तक घटता है. क्या कहा एक्सपर्ट ने? डॉ. अकिनोला ने सोशल मीडिया पर वायरल कफ सीपीआर गहरी सांस लेकर जोर से खांसना को लेकर भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यह तकनीक केवल मेडिकल मॉनिटरिंग के दौरान ही कुछ मामलों में उपयोगी हो सकती है, लेकिन घर पर अकेले इसका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है. हार्ट अटैक के लक्षण महसूस होने पर खुद से ऐसे प्रयोग न करें, बल्कि तुरंत मदद मांगें. अगर आपको चक्कर या कमजोरी महसूस हो रही है, तो लेट जाएं और पैरों को हल्का ऊपर उठाकर किसी सपोर्ट पर रखें. इससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है और थोड़ी राहत मिल सकती है, हालांकि यह इलाज नहीं बल्कि एक अस्थायी सहारा है. इस दौरान खुद को शांत रखने की कोशिश करें. डर और घबराहट से हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है. गहरी सांस लें, बैठ जाएं या लेट जाएं, कपड़े ढीले करें और किसी से बात करें इससे दिल पर दबाव कम होगा. अगर आप घर में अकेले रहते हैं, तो पहले से कुछ तैयारियां कर लें. फोन हमेशा पास रखें, दरवाजा अंदर से ऐसे बंद करें कि जरूरत पड़ने पर लोग जल्दी पहुंच सकें, और दवाओं व एलर्जी की लिस्ट पास में रखें ताकि डॉक्टरों को जानकारी मिल सके. सबसे जरूरी चीजें हार्ट अटैक के वक्त शुरुआती 10 मिनट सबसे अहम होते हैं. अगर आप अकेले हैं और सही समय पर ये कदम उठाते हैं, तो आपकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. समय पर की गई कार्रवाई ही सबसे बड़ा इलाज है. इसे भी पढ़ें: नाक के बजाय मुंह से सांस क्यों लेते हैं कुछ लोग, इसका सेहत पर क्या पड़ता है असर? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Nov 11, 2025 - 15:30
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Heart Attack: घर में अकेले हैं और आ गया हार्ट अटैक? सबसे पहले करें ये काम

What to do During Heart Attack: दिल की बीमारी रोग आज भी दुनिया में मौत का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है. साल 2022 में करीब 2 करोड़ लोगों की मौत हार्ट से संबंधित बीमारियों के कारण हुई, जिनमें ज्यादातर हार्ट अटैक और स्ट्रोक से थीं. अमेरिका जैसे विकसित देश में भी हर साल लाखों लोग हृदय रोग से जान गंवाते हैं. ये आंकड़े दिखाते हैं कि हार्ट अटैक कितना आम है और समय पर कार्रवाई करना क्यों जरूरी है. हाल ही में डॉ. क्रिस्टाबेल अकिनोला ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र किया जिसने हार्ट अटैक के लक्षण पहचानकर तुरंत सही कदम उठाए और अपनी जान बचाई. डॉक्टर ने बताया कि उस व्यक्ति ने क्या किया जिससे उसकी जान बची और क्यों ये कदम जरूरी हैं.

अचानक हार्ट अटैक आने पर क्या करना चाहिए?

सबसे पहले इमरजेंसी सेवा को कॉल करें. अगर आपको हार्ट अटैक के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत इमरजेंसी सेवा को कॉल करें और डिस्पैचर को बताएं कि आप इस स्थिति में हैं. फोन को स्पीकर पर रखें ताकि आपके दोनों हाथ फ्री रहें और गाइडेंस का पालन कर सकें. अपनी लोकेशन, एलर्जी और दवाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से बताएं. खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश न करें, एंबुलेंस को आने दें ताकि इलाज तुरंत शुरू किया जा सके.

 

 
 
 
 
 
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अगर आप होश में हैं और एस्पिरिन से एलर्जी नहीं है, तो एक नॉन-कोटेड एस्पिरिन (लगभग 300 mg) चबाकर लें. इसे चबाने से दवा जल्दी असर करती है. कई स्टजी में पाया गया है कि हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों के बाद तुरंत एस्पिरिन लेने से मौत का खतरा करीब 25 प्रतिशत तक घटता है.

क्या कहा एक्सपर्ट ने?

डॉ. अकिनोला ने सोशल मीडिया पर वायरल कफ सीपीआर गहरी सांस लेकर जोर से खांसना को लेकर भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यह तकनीक केवल मेडिकल मॉनिटरिंग के दौरान ही कुछ मामलों में उपयोगी हो सकती है, लेकिन घर पर अकेले इसका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है. हार्ट अटैक के लक्षण महसूस होने पर खुद से ऐसे प्रयोग न करें, बल्कि तुरंत मदद मांगें. अगर आपको चक्कर या कमजोरी महसूस हो रही है, तो लेट जाएं और पैरों को हल्का ऊपर उठाकर किसी सपोर्ट पर रखें. इससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है और थोड़ी राहत मिल सकती है, हालांकि यह इलाज नहीं बल्कि एक अस्थायी सहारा है.

इस दौरान खुद को शांत रखने की कोशिश करें. डर और घबराहट से हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है. गहरी सांस लें, बैठ जाएं या लेट जाएं, कपड़े ढीले करें और किसी से बात करें इससे दिल पर दबाव कम होगा. अगर आप घर में अकेले रहते हैं, तो पहले से कुछ तैयारियां कर लें. फोन हमेशा पास रखें, दरवाजा अंदर से ऐसे बंद करें कि जरूरत पड़ने पर लोग जल्दी पहुंच सकें, और दवाओं व एलर्जी की लिस्ट पास में रखें ताकि डॉक्टरों को जानकारी मिल सके.

सबसे जरूरी चीजें

हार्ट अटैक के वक्त शुरुआती 10 मिनट सबसे अहम होते हैं. अगर आप अकेले हैं और सही समय पर ये कदम उठाते हैं, तो आपकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. समय पर की गई कार्रवाई ही सबसे बड़ा इलाज है.

इसे भी पढ़ें: नाक के बजाय मुंह से सांस क्यों लेते हैं कुछ लोग, इसका सेहत पर क्या पड़ता है असर?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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