Guru Gochar 2025: 18 अक्टूबर को गुरु का कर्क राशि में महागोचर, करियर...परिवार, स्वास्थ्य पर क्या पड़ेगा असर

Jupiter Transit in Cancer: गुरु का यह महागोचर 18 अक्टूबर 2025 को होने जा रहा है. इस दिन बृहस्पति मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, और यह गोचर धनतेरस के दिन होगा. गुरु लगभग 49 दिनों तक कर्क राशि में रहेंगे, जिसके बाद 4 दिसंबर 2025 को वक्री होकर फिर से मिथुन राशि में लौट जाएंगे. यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे करियर, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार और वित्त से जुड़ी स्थितियों में बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे. खास तौर पर कर्क और कन्या राशि के लोगों के लिए यह गोचर बहुत शुभ साबित होगा, जबकि सिंह राशि वालों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. करियर पर प्रभाव गुरु का यह गोचर करियर में प्रगति और नए अवसर लेकर आएगा. जिन लोगों को लंबे समय से प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन का इंतजार है, उनके लिए यह समय अनुकूल रहेगा. व्यापार करने वालों के लिए भी नए निवेश और विस्तार के मौके मिलेंगे. सिंह राशि के जातकों को खर्च और निर्णयों में सावधानी रखनी चाहिए, जबकि कर्क और कन्या राशि वालों के लिए यह समय करियर में उन्नति का होगा. उपाय: गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु को हल्दी अर्पित करें. वित्त पर प्रभाव गुरु के कर्क राशि में आने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. विशेष रूप से कन्या राशि के लोगों को प्रॉपर्टी और शेयर बाज़ार से लाभ के योग हैं. हालांकि सिंह राशि के जातकों के खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए आर्थिक प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है. धनतेरस के आसपास निवेश करना शुभ रहेगा. उपाय: भोजन से पहले भगवान को धन्यवाद दें और बेसन या केसर का प्रयोग करें. परिवार और विवाह जीवन पर प्रभाव कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर परिवारिक सुख और विवाह के योग लेकर आएगा. जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह समय शुभ रहेगा. गुरु के उच्च स्थिति में आने से वैवाहिक रिश्तों में समझ और प्रेम बढ़ेगा. जो लोग विवाह में विलंब से परेशान हैं, उन्हें भी राहत मिलेगी. उपाय: गुरुवार का व्रत रखें, विष्णु जी की पूजा करें और पीला चंदन लगाएं. स्वास्थ्य पर प्रभाव गुरु का यह गोचर मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से ऊर्जा बढ़ाएगा. हालांकि सिंह राशि वालों को तनाव और अनावश्यक खर्चों से बचना चाहिए. सात्विक आहार और नियमित पूजा-पाठ से सेहत में सुधार रहेगा. उपाय: मांस-मदिरा से दूर रहें और भोजन करने से पहले भगवान को भोग लगाएं. शिक्षा पर प्रभाव विद्यार्थियों के लिए यह समय अत्यंत शुभ रहेगा. विदेश में पढ़ाई या उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए नए अवसर मिलेंगे. गुरु की कृपा से एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ेगी. उपाय: “ॐ गुर्वे नमः” मंत्र का रोज़ जाप करें और हल्दी की गांठ विष्णु मंदिर में अर्पित करें. अध्यात्म और मानवता पर प्रभाव गुरु के उच्च स्थिति में आने से समाज में करुणा, धार्मिकता और आध्यात्मिकता का भाव बढ़ेगा. लोगों के जीवन में दया, संयम और प्रेम का प्रसार होगा. उपाय: विष्णु चालीसा और नारायण कवच का पाठ करें. इससे मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ेगा. बृहस्पति को मजबूत करने के सरल उपाय  सात्विक भोजन करें और मांस-मदिरा से दूर रहें.  भोजन से पहले भगवान को धन्यवाद दें.  बेसन से बनी चीज़ें और थोड़ा मीठा ज़रूर खाएं.  पीले फल और केसर का सेवन करें.  भोजन से पहले भगवान को भोग लगाकर ही खाएं. 18 अक्टूबर 2025 का यह बृहस्पति गोचर जीवन के कई पहलुओं में बदलाव लाने वाला होगा. करियर, धन, परिवार और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएँ बनेंगी. कर्क और कन्या राशि वालों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ रहेगा, जबकि सिंह राशि के लोगों को संयम और विवेक से निर्णय लेना चाहिए. बृहस्पति देव की कृपा पाने के लिए गुरु के दिन पूजा, व्रत और पीले वस्त्र धारण करना लाभकारी रहेगा. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Oct 17, 2025 - 18:30
 0
Guru Gochar 2025: 18 अक्टूबर को गुरु का कर्क राशि में महागोचर, करियर...परिवार, स्वास्थ्य पर क्या पड़ेगा असर

Jupiter Transit in Cancer: गुरु का यह महागोचर 18 अक्टूबर 2025 को होने जा रहा है. इस दिन बृहस्पति मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, और यह गोचर धनतेरस के दिन होगा. गुरु लगभग 49 दिनों तक कर्क राशि में रहेंगे, जिसके बाद 4 दिसंबर 2025 को वक्री होकर फिर से मिथुन राशि में लौट जाएंगे.

यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे करियर, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार और वित्त से जुड़ी स्थितियों में बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे. खास तौर पर कर्क और कन्या राशि के लोगों के लिए यह गोचर बहुत शुभ साबित होगा, जबकि सिंह राशि वालों को सतर्क रहने की आवश्यकता है.

करियर पर प्रभाव गुरु का यह गोचर करियर में प्रगति और नए अवसर लेकर आएगा. जिन लोगों को लंबे समय से प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन का इंतजार है, उनके लिए यह समय अनुकूल रहेगा. व्यापार करने वालों के लिए भी नए निवेश और विस्तार के मौके मिलेंगे. सिंह राशि के जातकों को खर्च और निर्णयों में सावधानी रखनी चाहिए, जबकि कर्क और कन्या राशि वालों के लिए यह समय करियर में उन्नति का होगा.

  • उपाय: गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु को हल्दी अर्पित करें.

वित्त पर प्रभाव गुरु के कर्क राशि में आने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. विशेष रूप से कन्या राशि के लोगों को प्रॉपर्टी और शेयर बाज़ार से लाभ के योग हैं. हालांकि सिंह राशि के जातकों के खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए आर्थिक प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है. धनतेरस के आसपास निवेश करना शुभ रहेगा.

  • उपाय: भोजन से पहले भगवान को धन्यवाद दें और बेसन या केसर का प्रयोग करें.

परिवार और विवाह जीवन पर प्रभाव कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर परिवारिक सुख और विवाह के योग लेकर आएगा. जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह समय शुभ रहेगा. गुरु के उच्च स्थिति में आने से वैवाहिक रिश्तों में समझ और प्रेम बढ़ेगा. जो लोग विवाह में विलंब से परेशान हैं, उन्हें भी राहत मिलेगी.

  • उपाय: गुरुवार का व्रत रखें, विष्णु जी की पूजा करें और पीला चंदन लगाएं.

स्वास्थ्य पर प्रभाव गुरु का यह गोचर मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से ऊर्जा बढ़ाएगा. हालांकि सिंह राशि वालों को तनाव और अनावश्यक खर्चों से बचना चाहिए. सात्विक आहार और नियमित पूजा-पाठ से सेहत में सुधार रहेगा.

  • उपाय: मांस-मदिरा से दूर रहें और भोजन करने से पहले भगवान को भोग लगाएं.

शिक्षा पर प्रभाव विद्यार्थियों के लिए यह समय अत्यंत शुभ रहेगा. विदेश में पढ़ाई या उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए नए अवसर मिलेंगे. गुरु की कृपा से एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ेगी.

  • उपाय: “ॐ गुर्वे नमः” मंत्र का रोज़ जाप करें और हल्दी की गांठ विष्णु मंदिर में अर्पित करें.

अध्यात्म और मानवता पर प्रभाव गुरु के उच्च स्थिति में आने से समाज में करुणा, धार्मिकता और आध्यात्मिकता का भाव बढ़ेगा. लोगों के जीवन में दया, संयम और प्रेम का प्रसार होगा.

  • उपाय: विष्णु चालीसा और नारायण कवच का पाठ करें. इससे मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ेगा.

बृहस्पति को मजबूत करने के सरल उपाय

  •  सात्विक भोजन करें और मांस-मदिरा से दूर रहें.
  •  भोजन से पहले भगवान को धन्यवाद दें.
  •  बेसन से बनी चीज़ें और थोड़ा मीठा ज़रूर खाएं.
  •  पीले फल और केसर का सेवन करें.
  •  भोजन से पहले भगवान को भोग लगाकर ही खाएं.

18 अक्टूबर 2025 का यह बृहस्पति गोचर जीवन के कई पहलुओं में बदलाव लाने वाला होगा. करियर, धन, परिवार और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएँ बनेंगी. कर्क और कन्या राशि वालों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ रहेगा, जबकि सिंह राशि के लोगों को संयम और विवेक से निर्णय लेना चाहिए. बृहस्पति देव की कृपा पाने के लिए गुरु के दिन पूजा, व्रत और पीले वस्त्र धारण करना लाभकारी रहेगा.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow