Gold Price On MCX: नवरात्रि के बीच बढ़ गए सोना-चांदी के दाम, जानें आज 29 सितंबर को आपके शहर का ताजा भाव

Gold Price Today: वैश्विक जगत में हलचल के बीच सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है. यूएस फेडरल रिजर्व की तरफ से संभावित ब्याज दरों में कटौती की संभावना और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के बीच सोने की कीमत में उछाल आया है. पिछले कुछ महीनों के दौरान सोने की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसने इसके मुकाबले निवेश के अन्य विकल्प जैसे इक्विटी और रियल एस्टेट को काफी पीछे छोड़ दिया है. ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल के संदीप राईचुरा की मानें तो सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत वर्तमान में 3,800 डॉलर प्रति औंस है और 26 प्रतिशत के इजाफे के साथ यह 4,800 डॉलर के पार जा सकती है. आपके शहर का ताजा भाव: आज एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोना राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1,16,550 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,06,850 रुपये है. इसी तरह पुणे, आर्थिक राजधानी मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,16,400 रुपये की दर से उपलब्ध है, वहीं इन जगहों पर 22 कैरेट सोना 1,06,700 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है. सोना और चांदी के दाम रोज़ाना आधार पर तय किए जाते हैं और इसके पीछे कई कारक जिम्मेदार होते हैं. इनमें मुख्यतः निम्नलिखित कारण शामिल हैं: चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर-रुपया विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर इन धातुओं की कीमत पर पड़ता है. अगर डॉलर की कीमत बढ़ती है या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं. कैसे तय होता है रेट? भारत में सोने का अधिकांश हिस्सा आयात किया जाता है. ऐसे में सीमा शुल्क (Import Duty), GST और अन्य स्थानीय टैक्स सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं. वैश्विक बाजार में उथल-पुथल (जैसे युद्ध, आर्थिक मंदी या ब्याज दरों में बदलाव) का सीधा असर सोने की कीमत पर पड़ता है. जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर या अन्य अस्थिर संपत्तियों की बजाय सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों को चुनते हैं. भारत में सोना केवल निवेश ही नहीं, बल्कि परंपरा और सांस्कृतिक मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है. शादी-ब्याह, त्योहार और शुभ अवसरों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. इसलिए मांग अधिक होती है, जिससे कीमतें प्रभावित होती हैं. सोना लंबे समय से महंगाई के मुकाबले बेहतर रिटर्न देने वाला विकल्प रहा है. जब महंगाई बढ़ती है या शेयर बाजार में जोखिम होता है, तो लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं. यही कारण है कि इसकी मांग और कीमत हमेशा बनी रहती है. ये भी पढ़ें: हफ्ते के पहले दिन उछला बाजार, 330 अंक चढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी 24750 के पार

Sep 29, 2025 - 13:30
 0
Gold Price On MCX: नवरात्रि के बीच बढ़ गए सोना-चांदी के दाम, जानें आज 29 सितंबर को आपके शहर का ताजा भाव

Gold Price Today: वैश्विक जगत में हलचल के बीच सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है. यूएस फेडरल रिजर्व की तरफ से संभावित ब्याज दरों में कटौती की संभावना और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के बीच सोने की कीमत में उछाल आया है. पिछले कुछ महीनों के दौरान सोने की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसने इसके मुकाबले निवेश के अन्य विकल्प जैसे इक्विटी और रियल एस्टेट को काफी पीछे छोड़ दिया है.

ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल के संदीप राईचुरा की मानें तो सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत वर्तमान में 3,800 डॉलर प्रति औंस है और 26 प्रतिशत के इजाफे के साथ यह 4,800 डॉलर के पार जा सकती है.

आपके शहर का ताजा भाव:

आज एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोना राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1,16,550 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,06,850 रुपये है. इसी तरह पुणे, आर्थिक राजधानी मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,16,400 रुपये की दर से उपलब्ध है, वहीं इन जगहों पर 22 कैरेट सोना 1,06,700 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है.

सोना और चांदी के दाम रोज़ाना आधार पर तय किए जाते हैं और इसके पीछे कई कारक जिम्मेदार होते हैं. इनमें मुख्यतः निम्नलिखित कारण शामिल हैं: चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर-रुपया विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर इन धातुओं की कीमत पर पड़ता है. अगर डॉलर की कीमत बढ़ती है या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं.

कैसे तय होता है रेट?

भारत में सोने का अधिकांश हिस्सा आयात किया जाता है. ऐसे में सीमा शुल्क (Import Duty), GST और अन्य स्थानीय टैक्स सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं. वैश्विक बाजार में उथल-पुथल (जैसे युद्ध, आर्थिक मंदी या ब्याज दरों में बदलाव) का सीधा असर सोने की कीमत पर पड़ता है. जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर या अन्य अस्थिर संपत्तियों की बजाय सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों को चुनते हैं.

भारत में सोना केवल निवेश ही नहीं, बल्कि परंपरा और सांस्कृतिक मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है. शादी-ब्याह, त्योहार और शुभ अवसरों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. इसलिए मांग अधिक होती है, जिससे कीमतें प्रभावित होती हैं. सोना लंबे समय से महंगाई के मुकाबले बेहतर रिटर्न देने वाला विकल्प रहा है. जब महंगाई बढ़ती है या शेयर बाजार में जोखिम होता है, तो लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं. यही कारण है कि इसकी मांग और कीमत हमेशा बनी रहती है.

ये भी पढ़ें: हफ्ते के पहले दिन उछला बाजार, 330 अंक चढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी 24750 के पार

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow