Facebook-Instagram का नया AI टूल करेगा ऑनलाइन बच्चों की पहचान! जानिए कैसे करता है काम
Meta AI: Meta Platforms ने उम्र की जांच (Age Verification) को और सख्त बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेना शुरू कर दिया है. Instagram और Facebook चलाने वाली इस कंपनी ने एक नया AI सिस्टम पेश किया है जिसका मकसद 13 साल से कम उम्र के यूजर्स को पहचानना है. कंपनी के मुताबिक यह टेक्नोलॉजी फोटो, वीडियो और यूजर एक्टिविटी के आधार पर संकेत ढूंढती है लेकिन इसे लेकर गोपनीयता को ध्यान में रखा गया है. AI सिस्टम कैसे करता है काम? Meta का यह AI सिस्टम सीधे किसी व्यक्ति की पहचान नहीं करता, बल्कि पैटर्न और संकेतों को समझने की कोशिश करता है. यह फोटो और वीडियो में मौजूद सामान्य विजुअल संकेत जैसे कद-काठी या बॉडी स्ट्रक्चर का विश्लेषण करता है साथ ही पोस्ट, कैप्शन, बायो और कमेंट्स को पढ़कर यह अंदाजा लगाता है कि यूजर की उम्र क्या हो सकती है कंपनी ने साफ किया है कि यह फेशियल रिकग्निशन (Face Recognition) नहीं है यानी यह किसी खास व्यक्ति की पहचान नहीं करता बल्कि सिर्फ संभावित उम्र का अनुमान लगाता है. अगर AI आपको अंडरएज मान ले तो क्या होगा? अगर सिस्टम को लगता है कि कोई अकाउंट 13 साल से कम उम्र के व्यक्ति का है तो सीधा एक्शन लिया जा सकता है अकाउंट को अस्थायी रूप से बंद (Deactivate) किया जा सकता है. यूजर को दोबारा एक्सेस पाने के लिए अपनी उम्र साबित करनी होगी. फिलहाल इस फीचर का टेस्ट कुछ चुनिंदा देशों में हो रहा है जिसमें अमेरिका शामिल है और धीरे-धीरे इसे बाकी जगहों पर भी लागू किया जा सकता है. दूसरे टूल्स जैसा ही तरीका Meta का यह नया सिस्टम कुछ हद तक उन थर्ड-पार्टी टूल्स जैसा है जो पहले से उम्र का अनुमान लगाते हैं Yoti, k-ID. ये टूल्स भी विजुअल संकेतों के आधार पर उम्र का अनुमान लगाते हैं बिना किसी की असली पहचान उजागर किए. Meta ने Teen Accounts फीचर को भी और मजबूत किया है. 13 से 17 साल के यूजर्स को ऑटोमैटिक इस मोड में रखा जाता है. अनजान लोगों के मैसेज सीमित कर दिए जाते हैं. कंटेंट फिल्टर सख्त कर दिए जाते हैं. 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए लाइवस्ट्रीमिंग जैसी सुविधाओं पर रोक लगाई जाती है. पहले यह फीचर Instagram पर आया था और अब Facebook पर भी लागू किया जा रहा है. आखिर अभी क्यों उठाया गया यह कदम? यह बड़ा बदलाव ऐसे समय में आया है जब Meta पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में एक अमेरिकी कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा कि प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर यूजर्स को सही जानकारी नहीं दी गई. इसके चलते कंपनी पर भारी जुर्माना भी लगाया गया. ऐसे में Meta का यह AI सिस्टम सिर्फ एक नया फीचर नहीं बल्कि बढ़ते दबाव के बीच उठाया गया एक जरूरी कदम भी माना जा रहा है. यह भी पढ़ें: ईयरबड्स खरीदने से पहले रुकिए! इन 7 बातों को नहीं देखा तो पैसे हो सकते हैं बर्बाद
Meta AI: Meta Platforms ने उम्र की जांच (Age Verification) को और सख्त बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेना शुरू कर दिया है. Instagram और Facebook चलाने वाली इस कंपनी ने एक नया AI सिस्टम पेश किया है जिसका मकसद 13 साल से कम उम्र के यूजर्स को पहचानना है. कंपनी के मुताबिक यह टेक्नोलॉजी फोटो, वीडियो और यूजर एक्टिविटी के आधार पर संकेत ढूंढती है लेकिन इसे लेकर गोपनीयता को ध्यान में रखा गया है.
AI सिस्टम कैसे करता है काम?
Meta का यह AI सिस्टम सीधे किसी व्यक्ति की पहचान नहीं करता, बल्कि पैटर्न और संकेतों को समझने की कोशिश करता है. यह फोटो और वीडियो में मौजूद सामान्य विजुअल संकेत जैसे कद-काठी या बॉडी स्ट्रक्चर का विश्लेषण करता है साथ ही पोस्ट, कैप्शन, बायो और कमेंट्स को पढ़कर यह अंदाजा लगाता है कि यूजर की उम्र क्या हो सकती है
कंपनी ने साफ किया है कि यह फेशियल रिकग्निशन (Face Recognition) नहीं है यानी यह किसी खास व्यक्ति की पहचान नहीं करता बल्कि सिर्फ संभावित उम्र का अनुमान लगाता है.
अगर AI आपको अंडरएज मान ले तो क्या होगा?
अगर सिस्टम को लगता है कि कोई अकाउंट 13 साल से कम उम्र के व्यक्ति का है तो सीधा एक्शन लिया जा सकता है अकाउंट को अस्थायी रूप से बंद (Deactivate) किया जा सकता है. यूजर को दोबारा एक्सेस पाने के लिए अपनी उम्र साबित करनी होगी. फिलहाल इस फीचर का टेस्ट कुछ चुनिंदा देशों में हो रहा है जिसमें अमेरिका शामिल है और धीरे-धीरे इसे बाकी जगहों पर भी लागू किया जा सकता है.
दूसरे टूल्स जैसा ही तरीका
Meta का यह नया सिस्टम कुछ हद तक उन थर्ड-पार्टी टूल्स जैसा है जो पहले से उम्र का अनुमान लगाते हैं Yoti, k-ID. ये टूल्स भी विजुअल संकेतों के आधार पर उम्र का अनुमान लगाते हैं बिना किसी की असली पहचान उजागर किए. Meta ने Teen Accounts फीचर को भी और मजबूत किया है. 13 से 17 साल के यूजर्स को ऑटोमैटिक इस मोड में रखा जाता है.
अनजान लोगों के मैसेज सीमित कर दिए जाते हैं. कंटेंट फिल्टर सख्त कर दिए जाते हैं. 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए लाइवस्ट्रीमिंग जैसी सुविधाओं पर रोक लगाई जाती है. पहले यह फीचर Instagram पर आया था और अब Facebook पर भी लागू किया जा रहा है.
आखिर अभी क्यों उठाया गया यह कदम?
यह बड़ा बदलाव ऐसे समय में आया है जब Meta पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में एक अमेरिकी कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा कि प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर यूजर्स को सही जानकारी नहीं दी गई. इसके चलते कंपनी पर भारी जुर्माना भी लगाया गया. ऐसे में Meta का यह AI सिस्टम सिर्फ एक नया फीचर नहीं बल्कि बढ़ते दबाव के बीच उठाया गया एक जरूरी कदम भी माना जा रहा है.
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