Eye Cancer Risk Factors: आंखों में रहता है दर्द या दिखाई देने लगा है धुंधला तो हल्के में न लें, हो सकता है EYE कैंसर

Can Blurry Vision Be A Sign Of Eye Cancer: आंखों में लगातार दर्द रहना, धुंधला दिखाई देना या नजर कमजोर लगना कई लोग सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कुछ मामलों में ये लक्षण आंखों के कैंसर यानी आई कैंसर का संकेत भी हो सकते हैं. हालांकि यह बीमारी बहुत आम नहीं है, लेकिन समय पर पहचान न होने पर यह आंखों की रोशनी ही नहीं, जान के लिए भी खतरा बन सकती है.  क्या आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है?  आंखों के बारे में जानकारी देने वाली संस्था Centreforsight के अनुसार, आई कैंसर तब होता है जब आंख के अंदर मौजूद सेल्स अनकंट्रोल तरीके से बढ़ने लगती हैं. यह समस्या आंख के अलग-अलग हिस्सों जैसे रेटिना, आइरिस या यूविया में हो सकती है. रिसर्च बताती है कि अगर बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए तो इलाज ज्यादा असरदार होता है और आंखों की रोशनी बचाने की संभावना भी बढ़ जाती है.  कितने तरह के होते हैं आई कैंसर? आई कैंसर के कई प्रकार होते हैं. इनमें इंट्राऑक्यूलर मेलानोमा वयस्कों में सबसे ज्यादा देखा जाता है. इसके लक्षणों में धुंधला दिखाई देना, आंख की पुतली पर काले धब्बे पड़ना या पुतली के आकार में बदलाव शामिल हो सकते हैं. वहीं रेटिनोब्लास्टोमा नाम का कैंसर छोटे बच्चों में ज्यादा पाया जाता है.  क्या होते हैं इसके लक्षण? एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आंखों में होने वाले कुछ बदलावों को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर लगातार धुंधलापन महसूस हो, सीधी लाइनें टेढ़ी दिखने लगें, आंख की पुतली का आकार बदल जाए या देखने का दायरा कम होने लगे तो तुरंत जांच करवानी चाहिए. कई मामलों में आंख के आसपास सूजन, गांठ या लगातार लालिमा भी गंभीर संकेत हो सकते हैं. इसे भी पढ़ें - Heart Fights Cancer: दिल धड़क रहा है यानी कैंसर से लड़ रहा है, नई स्टडी से जागी उम्मीद क्या आई कैंसर से आंखों में दर्द होता है? खास बात यह है कि आई कैंसर शुरुआती स्टेज में हमेशा दर्द नहीं देता. यही वजह है कि कई लोग देर से डॉक्टर के पास पहुंचते हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि नियमित आई चेकअप इस बीमारी को समय रहते पकड़ने का सबसे अच्छा तरीका है. खासकर उन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है जिनकी आंखें हल्के रंग की हों या परिवार में कैंसर की हिस्ट्री रही हो.  रिसर्च में यह भी सामने आया है कि लंबे समय तक तेज अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में रहना, स्मोकिंग, ज्यादा शराब और हानिकारक केमिकल्स वाले वातावरण में काम करना आई कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं. बढ़ती उम्र के साथ भी इसका जोखिम बढ़ने लगता है. इसे भी पढ़ें- Vitamin D Deficiency: क्या बिना बात रहता है बदन दर्द और खराब मूड, कहीं इस विटामिन की कमी से तो नहीं हो रहा ऐसा? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

May 12, 2026 - 04:30
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Eye Cancer Risk Factors: आंखों में रहता है दर्द या दिखाई देने लगा है धुंधला तो हल्के में न लें, हो सकता है EYE कैंसर

Can Blurry Vision Be A Sign Of Eye Cancer: आंखों में लगातार दर्द रहना, धुंधला दिखाई देना या नजर कमजोर लगना कई लोग सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कुछ मामलों में ये लक्षण आंखों के कैंसर यानी आई कैंसर का संकेत भी हो सकते हैं. हालांकि यह बीमारी बहुत आम नहीं है, लेकिन समय पर पहचान न होने पर यह आंखों की रोशनी ही नहीं, जान के लिए भी खतरा बन सकती है. 

क्या आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है?

 आंखों के बारे में जानकारी देने वाली संस्था Centreforsight के अनुसार, आई कैंसर तब होता है जब आंख के अंदर मौजूद सेल्स अनकंट्रोल तरीके से बढ़ने लगती हैं. यह समस्या आंख के अलग-अलग हिस्सों जैसे रेटिना, आइरिस या यूविया में हो सकती है. रिसर्च बताती है कि अगर बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए तो इलाज ज्यादा असरदार होता है और आंखों की रोशनी बचाने की संभावना भी बढ़ जाती है. 

कितने तरह के होते हैं आई कैंसर?

आई कैंसर के कई प्रकार होते हैं. इनमें इंट्राऑक्यूलर मेलानोमा वयस्कों में सबसे ज्यादा देखा जाता है. इसके लक्षणों में धुंधला दिखाई देना, आंख की पुतली पर काले धब्बे पड़ना या पुतली के आकार में बदलाव शामिल हो सकते हैं. वहीं रेटिनोब्लास्टोमा नाम का कैंसर छोटे बच्चों में ज्यादा पाया जाता है. 

क्या होते हैं इसके लक्षण?

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आंखों में होने वाले कुछ बदलावों को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर लगातार धुंधलापन महसूस हो, सीधी लाइनें टेढ़ी दिखने लगें, आंख की पुतली का आकार बदल जाए या देखने का दायरा कम होने लगे तो तुरंत जांच करवानी चाहिए. कई मामलों में आंख के आसपास सूजन, गांठ या लगातार लालिमा भी गंभीर संकेत हो सकते हैं.

इसे भी पढ़ें - Heart Fights Cancer: दिल धड़क रहा है यानी कैंसर से लड़ रहा है, नई स्टडी से जागी उम्मीद

क्या आई कैंसर से आंखों में दर्द होता है?

खास बात यह है कि आई कैंसर शुरुआती स्टेज में हमेशा दर्द नहीं देता. यही वजह है कि कई लोग देर से डॉक्टर के पास पहुंचते हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि नियमित आई चेकअप इस बीमारी को समय रहते पकड़ने का सबसे अच्छा तरीका है. खासकर उन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है जिनकी आंखें हल्के रंग की हों या परिवार में कैंसर की हिस्ट्री रही हो.  रिसर्च में यह भी सामने आया है कि लंबे समय तक तेज अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में रहना, स्मोकिंग, ज्यादा शराब और हानिकारक केमिकल्स वाले वातावरण में काम करना आई कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं. बढ़ती उम्र के साथ भी इसका जोखिम बढ़ने लगता है.

इसे भी पढ़ें- Vitamin D Deficiency: क्या बिना बात रहता है बदन दर्द और खराब मूड, कहीं इस विटामिन की कमी से तो नहीं हो रहा ऐसा?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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