ED Raid: MP में 70 करोड़ की MDMA ड्रग्स तस्करी मामले में ED का बड़ा एक्शन! इंदौर-मंदसौर में ताबड़तोड़ छापेमारी
केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ED ने मध्य प्रदेश में ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए इंदौर और मंदसौर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. ये कार्रवाई करीब 70 करोड़ रुपये कीमत की 70 किलो एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स की कथित तस्करी से जुड़े मामले में की गई. ये जांच इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. एफआईआर में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान ED को पता चला कि मामले का एक मुख्य आरोपी अपने सभी पुराने ठिकाने छोड़कर फरार हो गया था. ये भी पढ़ें: ED Raid: बिहार के 131 करोड़ के बालू खनन मामले में ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-राजस्थान समेत 3 राज्यों में रेड ED की टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी ED की टीम ने तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और आधुनिक जांच तकनीकों की मदद से कई दिनों तक आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी. जांच के दौरान उसकी लोकेशन हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर तक ट्रैक की गई. आखिरकार आरोपी को इंदौर के एक ऐसे पते से तलाश लिया गया, जिसकी जानकारी पहले एजेंसी के पास नहीं थी.इसके बाद उसके ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. छापेमारी के दौरान ED को कई अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत और आरोपियों की संपत्ति तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड मिले है. कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए है. जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. एजेंसी अब ये पता लगाएगी कि ड्रग्स तस्करी से कमाए गए पैसे को कहां-कहां लगाया गया और मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था. ED को जांच के दौरान बैंक लॉकर भी मिला जांच के दौरान एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर बैंक लॉकर भी मिला है. ED अब उस लॉकर की अलग से तलाशी और जांच कर रही है. एजेंसी का मानना है कि बरामद सबूतों से ड्रग्स तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों और इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. ED ने कहा है कि मामले में सभी संदिग्ध लोगों की भूमिका और ड्रग्स से कमाई गई रकम के लेन-देन की गहन जांच जारी है. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक के अनशन का आज 20वां दिन, 9 किलो वजन घटा, सोनाक्षी सिन्हां से कपिल सिब्बल तक, किसने क्या कहा?
केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ED ने मध्य प्रदेश में ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए इंदौर और मंदसौर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. ये कार्रवाई करीब 70 करोड़ रुपये कीमत की 70 किलो एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स की कथित तस्करी से जुड़े मामले में की गई.
ये जांच इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. एफआईआर में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान ED को पता चला कि मामले का एक मुख्य आरोपी अपने सभी पुराने ठिकाने छोड़कर फरार हो गया था.
ये भी पढ़ें: ED Raid: बिहार के 131 करोड़ के बालू खनन मामले में ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-राजस्थान समेत 3 राज्यों में रेड
ED की टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी
ED की टीम ने तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और आधुनिक जांच तकनीकों की मदद से कई दिनों तक आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी. जांच के दौरान उसकी लोकेशन हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर तक ट्रैक की गई. आखिरकार आरोपी को इंदौर के एक ऐसे पते से तलाश लिया गया, जिसकी जानकारी पहले एजेंसी के पास नहीं थी.इसके बाद उसके ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. छापेमारी के दौरान ED को कई अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत और आरोपियों की संपत्ति तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड मिले है. कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए है. जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. एजेंसी अब ये पता लगाएगी कि ड्रग्स तस्करी से कमाए गए पैसे को कहां-कहां लगाया गया और मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था.
ED को जांच के दौरान बैंक लॉकर भी मिला
जांच के दौरान एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर बैंक लॉकर भी मिला है. ED अब उस लॉकर की अलग से तलाशी और जांच कर रही है. एजेंसी का मानना है कि बरामद सबूतों से ड्रग्स तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों और इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. ED ने कहा है कि मामले में सभी संदिग्ध लोगों की भूमिका और ड्रग्स से कमाई गई रकम के लेन-देन की गहन जांच जारी है.
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