Ebola Virus Outbreak: इबोला का कहर जारी, 900 से ज्यादा केस, भारत में अलर्ट और एडवाइजरी जारी; पढ़ें बड़े अपडेट

WHO Declares Ebola Outbreak Global Health Emergency: अफ्रीकी देशों डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है. हालात की गंभीरता को देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है. इस बार इंफेक्शन दुर्लभ बुंडीबुग्यो स्ट्रेन की वजह से फैल रहा है, जो तेजी से इंफेक्शन फैलाने के लिए जाना जाता है. एक्सपर्ट की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि फिलहाल इस स्ट्रेन के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है.  900 से ज्यादा संदिग्ध मामले वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब तक 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 101 मामलों की पुष्टि हुई है. संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बताया कि इटुरी प्रांत, जो इस प्रकोप का केंद्र बना हुआ है, वहां करीब 50 लाख लोग संघर्ष और अस्थिर हालात के बीच रह रहे हैं. 119 संदिग्ध मौतें और 10 पुष्ट मौतें दर्ज यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, कांगो में अब तक 904 संदिग्ध मामले, 101 पुष्ट मामले, 119 संदिग्ध मौतें और 10 पुष्ट मौतें दर्ज की गई हैं. वहीं 24 मई तक युगांडा में 5 पुष्ट मामलों और 1 मौत की पुष्टि हुई है. 23 मई को तीन नए लैब-प्रमाणित मामलों की जानकारी सामने आने के बाद वहां संक्रमितों की संख्या और बढ़ गई. तेजी से फैल रहा है वायरस 22 मई को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन  ने राष्ट्रीय स्तर पर जोखिम की श्रेणी को हाई रिस्क कर दिया, हालांकि क्षेत्रीय स्तर पर इसे हाई रिस्क और वैश्विक स्तर पर कम खतरा माना गया है. शुरुआत में  इंफेक्शन कांगो के इटुरी और नॉर्थ-किवु प्रांतों तक सीमित था, लेकिन अब यह साउथ-किवु प्रांत तक फैल चुका है. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वायरस अब समुदायों के भीतर फैल रहा है और स्थानीय स्तर पर नियंत्रण के प्रयास पर्याप्त साबित नहीं हो रहे. युगांडा में 24 मई तक 5 पुष्ट मामले और 1 मौत की पुष्टि हुई है. 23 मई को तीन नए लैब-प्रमाणित मामलों की जानकारी सामने आई थी. भारत में बरती जा रही है एहतियात इधर भारत सरकार ने भी एहतियात बढ़ा दी गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने या वहां से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है. सरकार ने कहा है कि जिन यात्रियों में बुखार, उल्टी, सिरदर्द, असामान्य ब्लीडिंग या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने जैसे लक्षण हों, वे इमिग्रेशन क्लियरेंस से पहले तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर्स को जानकारी दें. इसे भी पढ़ें-Stress And Heart Health: लगातार तनाव से 20-30 की उम्र में हाई हो रहा बीपी, जानें ऑफिस स्ट्रेस क्यों बन रहा साइलेंट किलर? भारत में अभी तक इबोला के मामले नहीं फिलहाल भारत में इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग, लैब तैयारियों और क्वारंटीन व्यवस्था को मजबूत किया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह भी दी है.  आंध्र प्रदेश में स्थिति से निपटने के लिए तैयारी आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा कि सरकार हाई अलर्ट पर है और मेडिकल एवं स्वास्थ्य विभाग किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने भी केंद्र की एडवाइजरी के बाद एयरपोर्ट्स, बंदरगाहों और सरकारी अस्पतालों में निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए थे. इसे भी पढ़ें-Heart Health: सुबह का सिरदर्द-थकान है साइलेंट किलर का अलर्ट, न करें इग्नोर वरना होंगे खतरनाक बीमारी के शिकार

May 27, 2026 - 05:30
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Ebola Virus Outbreak: इबोला का कहर जारी,  900 से ज्यादा केस, भारत में अलर्ट और एडवाइजरी जारी; पढ़ें बड़े अपडेट

WHO Declares Ebola Outbreak Global Health Emergency: अफ्रीकी देशों डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है. हालात की गंभीरता को देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है. इस बार इंफेक्शन दुर्लभ बुंडीबुग्यो स्ट्रेन की वजह से फैल रहा है, जो तेजी से इंफेक्शन फैलाने के लिए जाना जाता है. एक्सपर्ट की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि फिलहाल इस स्ट्रेन के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है. 

900 से ज्यादा संदिग्ध मामले

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब तक 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 101 मामलों की पुष्टि हुई है. संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बताया कि इटुरी प्रांत, जो इस प्रकोप का केंद्र बना हुआ है, वहां करीब 50 लाख लोग संघर्ष और अस्थिर हालात के बीच रह रहे हैं.

119 संदिग्ध मौतें और 10 पुष्ट मौतें दर्ज

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, कांगो में अब तक 904 संदिग्ध मामले, 101 पुष्ट मामले, 119 संदिग्ध मौतें और 10 पुष्ट मौतें दर्ज की गई हैं. वहीं 24 मई तक युगांडा में 5 पुष्ट मामलों और 1 मौत की पुष्टि हुई है. 23 मई को तीन नए लैब-प्रमाणित मामलों की जानकारी सामने आने के बाद वहां संक्रमितों की संख्या और बढ़ गई.

तेजी से फैल रहा है वायरस

22 मई को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन  ने राष्ट्रीय स्तर पर जोखिम की श्रेणी को हाई रिस्क कर दिया, हालांकि क्षेत्रीय स्तर पर इसे हाई रिस्क और वैश्विक स्तर पर कम खतरा माना गया है. शुरुआत में  इंफेक्शन कांगो के इटुरी और नॉर्थ-किवु प्रांतों तक सीमित था, लेकिन अब यह साउथ-किवु प्रांत तक फैल चुका है. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वायरस अब समुदायों के भीतर फैल रहा है और स्थानीय स्तर पर नियंत्रण के प्रयास पर्याप्त साबित नहीं हो रहे. युगांडा में 24 मई तक 5 पुष्ट मामले और 1 मौत की पुष्टि हुई है. 23 मई को तीन नए लैब-प्रमाणित मामलों की जानकारी सामने आई थी.

भारत में बरती जा रही है एहतियात

इधर भारत सरकार ने भी एहतियात बढ़ा दी गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने या वहां से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है. सरकार ने कहा है कि जिन यात्रियों में बुखार, उल्टी, सिरदर्द, असामान्य ब्लीडिंग या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने जैसे लक्षण हों, वे इमिग्रेशन क्लियरेंस से पहले तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर्स को जानकारी दें.

इसे भी पढ़ें-Stress And Heart Health: लगातार तनाव से 20-30 की उम्र में हाई हो रहा बीपी, जानें ऑफिस स्ट्रेस क्यों बन रहा साइलेंट किलर?

भारत में अभी तक इबोला के मामले नहीं

फिलहाल भारत में इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग, लैब तैयारियों और क्वारंटीन व्यवस्था को मजबूत किया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह भी दी है. 

आंध्र प्रदेश में स्थिति से निपटने के लिए तैयारी

आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा कि सरकार हाई अलर्ट पर है और मेडिकल एवं स्वास्थ्य विभाग किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने भी केंद्र की एडवाइजरी के बाद एयरपोर्ट्स, बंदरगाहों और सरकारी अस्पतालों में निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए थे.

इसे भी पढ़ें-Heart Health: सुबह का सिरदर्द-थकान है साइलेंट किलर का अलर्ट, न करें इग्नोर वरना होंगे खतरनाक बीमारी के शिकार

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