E20 Fuel: सरकार E20 पेट्रोल पर पीछे हटेगी या नहीं? संसद में बताया, एथेनॉल से खराब हो रही गाड़ियों पर क्या कहा?

Govt on E20 Fuel: जब से पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं तभी से E20 फ्यूल काफी चर्चा में आ गया है. इस फ्यूल को लेकर लोगों ने सरकार का काफी विरोध किया है. कई लोगों का मानना है कि इस फ्यूल की वजह से गाड़ी का इंजर खराब हो रहा है. जिसके बाद सरकार से लोगों ने इस फ्यूल को वापस लेने की बात भी की थी. वहीं अब सरकार ने खुद साफ कर दिया है कि वो ऐसा करने वाली है या नहीं. E20 पर पीछे हटेगी सरकार?संसद का मानसून सत्र चल रहा है, जिसमें ई20 पर भी सरकार जनता के हर सवाल का जवाव दे रही है. इसी दौरान संसद में सरकार ने बताया है कि वो ई20 पेट्रोल पर पीछे नहीं हटेगी, क्योंकि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित, जांचा-परखा और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है. ऑटोमोबाइल कंपनियां इसके साथ पूरा सहयोग कर रही हैं और वारंटी भी दे रही हैं. इसलिए सरकार का E0 या E10 पेट्रोल को दोबारा शुरू करने का कोई इरादा नहीं है. ये भी पढ़ें: E20: एथेनॉल और कच्चा तेल खरीदने के लिए कितना पैसा खर्च करती है सरकार? संसद में बताया प्रति लीटर का हिसाब नहीं मिली गाड़ी खराब होने की शिकायतेंसरकार ने इस दौरान ये भी बताया कि उन्हें E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के खराब होने या उनकी परफॉर्मेंस खराब होने की कोई शिकायत नहीं मिली है. इतना ही नहीं बल्कि देश में पिछले करीब साढ़े तीन सालों से E15+ और करीब ढाई साल से E19 qJ E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा रहा है. सरकार के मुताबिक करीब 20 करोड़ दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें इस फ्यूल पर बिना किसी इंजन फेलियर के चल रही हैं. कंपनियां आज भी E20 पर चलने वाली गाड़ियों को वारंटी दे रही हैं. सरकार ने दिए तेल कंपनियों को आदेशनीति आयोग की समिति ने इस फ्यूल की बराबर से टेस्टिंग की है, जिससे साफ है कि पुरानी गाड़ियों में भी स्टार्टिंग, ड्राइविंग, मेटल और प्लास्टिक के पुर्जों पर भी इसका कोई नुकसानदायक प्रभाव नहीं पड़ रहा है. जिसके बाद सरकार ने नीति के तहत तेल विपणन कंपनियों को पूरे देश में BIS मानकों के अनुरूप 20% तक एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल सप्लाई करने के निर्देश दिए हैं. ये भी पढ़ें: अंडे, चिकन और मीट खाने वालों को बड़ा झटका, बढ़ी कीमतें, आने वाले दिनों में राहत मिलेगी या नहीं? 1 अप्रैल से लागू हुआ नया नियमवहीं सरकार ने ये भी बताया कि 1 अप्रैल 2026 से कम से कम 95 RON (रिसर्च ऑक्टेन नंबर) वाले एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को अधिसूचित किया गया है, जो ईंधन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाता है. इस फ्यूल को जनता के सामने लाने का मकसद पर्यावरण के संरक्षण, देश की ऊर्जा सुरक्षा किसानों की आय को ध्यान में रखकर लिया गया है. ऐसे में ये फ्यूल देश का पैसा बचाएगा और किसीनों को भी मालामाल बनाएगा.

Jul 22, 2026 - 02:30
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E20 Fuel: सरकार E20 पेट्रोल पर पीछे हटेगी या नहीं? संसद में बताया, एथेनॉल से खराब हो रही गाड़ियों पर क्या कहा?

Govt on E20 Fuel: जब से पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं तभी से E20 फ्यूल काफी चर्चा में आ गया है. इस फ्यूल को लेकर लोगों ने सरकार का काफी विरोध किया है. कई लोगों का मानना है कि इस फ्यूल की वजह से गाड़ी का इंजर खराब हो रहा है. जिसके बाद सरकार से लोगों ने इस फ्यूल को वापस लेने की बात भी की थी. वहीं अब सरकार ने खुद साफ कर दिया है कि वो ऐसा करने वाली है या नहीं.

E20 पर पीछे हटेगी सरकार?
संसद का मानसून सत्र चल रहा है, जिसमें ई20 पर भी सरकार जनता के हर सवाल का जवाव दे रही है. इसी दौरान संसद में सरकार ने बताया है कि वो ई20 पेट्रोल पर पीछे नहीं हटेगी, क्योंकि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित, जांचा-परखा और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है. ऑटोमोबाइल कंपनियां इसके साथ पूरा सहयोग कर रही हैं और वारंटी भी दे रही हैं. इसलिए सरकार का E0 या E10 पेट्रोल को दोबारा शुरू करने का कोई इरादा नहीं है.

ये भी पढ़ें: E20: एथेनॉल और कच्चा तेल खरीदने के लिए कितना पैसा खर्च करती है सरकार? संसद में बताया प्रति लीटर का हिसाब

नहीं मिली गाड़ी खराब होने की शिकायतें
सरकार ने इस दौरान ये भी बताया कि उन्हें E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के खराब होने या उनकी परफॉर्मेंस खराब होने की कोई शिकायत नहीं मिली है. इतना ही नहीं बल्कि देश में पिछले करीब साढ़े तीन सालों से E15+ और करीब ढाई साल से E19 qJ E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा रहा है. सरकार के मुताबिक करीब 20 करोड़ दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें इस फ्यूल पर बिना किसी इंजन फेलियर के चल रही हैं. कंपनियां आज भी E20 पर चलने वाली गाड़ियों को वारंटी दे रही हैं.

सरकार ने दिए तेल कंपनियों को आदेश
नीति आयोग की समिति ने इस फ्यूल की बराबर से टेस्टिंग की है, जिससे साफ है कि पुरानी गाड़ियों में भी स्टार्टिंग, ड्राइविंग, मेटल और प्लास्टिक के पुर्जों पर भी इसका कोई नुकसानदायक प्रभाव नहीं पड़ रहा है. जिसके बाद सरकार ने नीति के तहत तेल विपणन कंपनियों को पूरे देश में BIS मानकों के अनुरूप 20% तक एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल सप्लाई करने के निर्देश दिए हैं.

ये भी पढ़ें: अंडे, चिकन और मीट खाने वालों को बड़ा झटका, बढ़ी कीमतें, आने वाले दिनों में राहत मिलेगी या नहीं?

1 अप्रैल से लागू हुआ नया नियम
वहीं सरकार ने ये भी बताया कि 1 अप्रैल 2026 से कम से कम 95 RON (रिसर्च ऑक्टेन नंबर) वाले एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को अधिसूचित किया गया है, जो ईंधन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाता है. इस फ्यूल को जनता के सामने लाने का मकसद पर्यावरण के संरक्षण, देश की ऊर्जा सुरक्षा किसानों की आय को ध्यान में रखकर लिया गया है. ऐसे में ये फ्यूल देश का पैसा बचाएगा और किसीनों को भी मालामाल बनाएगा.

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