Dollar vs Rupee: क्रूड ऑयल में तेजी और डॉलर की मजबूती के आगे धराशायी रुपया, जानें क्यों नहीं रह पाई मजबूती

Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये में एक दिन पहले दिखी मजबूती अगले कारोबारी दिन कायम नहीं रह सकी. मंगलवार को हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन की शुरुआत होते ही रुपया सात पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.96 पर आ गया. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मजबूत रुख से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा. Finrex Treasury Advisors LLP के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि रुपया 90.67 तक मजबूत हुआ, लेकिन यह बढ़त टिक नहीं पाई क्योंकि शेयर बाजार अपने शुरुआती उच्च स्तर पर कायम नहीं रह सके. उन्होंने कहा कि Supreme Court of the United States के अनुकूल फैसले के बावजूद रुपये में बड़ी तेजी नहीं आई और हर गिरावट पर आयातकों तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने डॉलर खरीदारी की. उनके मुताबिक, रुपया 90.60 से 91.00 के दायरे में रह सकता है. क्यों टूटा रुपया? विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत ने रुपये पर दबाव बढ़ाया. हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने तेज गिरावट को थामने में मदद की. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.91 पर खुला और फिसलकर 90.96 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से सात पैसे की गिरावट दर्शाता है. सोमवार को रुपया पांच पैसे की बढ़त के साथ 90.89 पर बंद हुआ था. इस बीच डॉलर इंडेक्स 0.11 प्रतिशत बढ़कर 97.81 पर रहा, जिससे डॉलर की मजबूती झलकी. शेयर बाजार में गिरावट घरेलू बाजार में भी कमजोरी दिखी. BSE Sensex 525.29 अंक टूटकर 82,769.37 पर आ गया, जबकि Nifty 50 145.85 अंक फिसलकर 25,567.15 पर पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय मानक Brent Crude 0.85 प्रतिशत बढ़कर 72.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे आयात बिल बढ़ने की आशंका के कारण रुपये पर अतिरिक्त दबाव बना. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) सोमवार को लिवाल रहे और उन्होंने 3,483.70 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को कुछ समर्थन मिला. ये भी पढ़ें: इस ज्वेलरी कंपनी का खुला IPO, एंकर निवेशकों से जुटाए 170 करोड़; जानिए प्राइस बैंड और GMP

Feb 24, 2026 - 13:30
 0
Dollar vs Rupee: क्रूड ऑयल में तेजी और डॉलर की मजबूती के आगे धराशायी रुपया, जानें क्यों नहीं रह पाई मजबूती

Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये में एक दिन पहले दिखी मजबूती अगले कारोबारी दिन कायम नहीं रह सकी. मंगलवार को हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन की शुरुआत होते ही रुपया सात पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.96 पर आ गया. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मजबूत रुख से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा.

Finrex Treasury Advisors LLP के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि रुपया 90.67 तक मजबूत हुआ, लेकिन यह बढ़त टिक नहीं पाई क्योंकि शेयर बाजार अपने शुरुआती उच्च स्तर पर कायम नहीं रह सके. उन्होंने कहा कि Supreme Court of the United States के अनुकूल फैसले के बावजूद रुपये में बड़ी तेजी नहीं आई और हर गिरावट पर आयातकों तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने डॉलर खरीदारी की. उनके मुताबिक, रुपया 90.60 से 91.00 के दायरे में रह सकता है.

क्यों टूटा रुपया?

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत ने रुपये पर दबाव बढ़ाया. हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने तेज गिरावट को थामने में मदद की.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.91 पर खुला और फिसलकर 90.96 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से सात पैसे की गिरावट दर्शाता है. सोमवार को रुपया पांच पैसे की बढ़त के साथ 90.89 पर बंद हुआ था. इस बीच डॉलर इंडेक्स 0.11 प्रतिशत बढ़कर 97.81 पर रहा, जिससे डॉलर की मजबूती झलकी.

शेयर बाजार में गिरावट

घरेलू बाजार में भी कमजोरी दिखी. BSE Sensex 525.29 अंक टूटकर 82,769.37 पर आ गया, जबकि Nifty 50 145.85 अंक फिसलकर 25,567.15 पर पहुंच गया.

अंतरराष्ट्रीय मानक Brent Crude 0.85 प्रतिशत बढ़कर 72.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे आयात बिल बढ़ने की आशंका के कारण रुपये पर अतिरिक्त दबाव बना. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) सोमवार को लिवाल रहे और उन्होंने 3,483.70 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को कुछ समर्थन मिला.

ये भी पढ़ें: इस ज्वेलरी कंपनी का खुला IPO, एंकर निवेशकों से जुटाए 170 करोड़; जानिए प्राइस बैंड और GMP

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow