CNG Price: महंगी सीएनजी ने बढ़ाई सबकी परेशानी, टूट रहा लोगों का सब्र, ABP से बोले ड्राइवर्स- अब तो बस...
CNG Price Hike: दिल्ली NCR समेत देश के सही राज्यों में CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों और कमर्शियल ड्राइवरों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. लगातार बढ़ती महंगाई के बीच टैक्सी, ऑटो और कैब चलाने वाले लोग अब खुद को आर्थिक दबाव में घिरा महसूस कर रहे हैं. ड्राइवरों का कहना है कि कमाई घट रही है, खर्च बढ़ रहा है और कंपनियां अपना कमीशन काटने में कोई कमी नहीं कर रहीं. छोटी दूरी की राइड्स में भी कंपनियां का 25 से 30 फीसदी तक होता है कमीशन कार ड्राइवर गुलशन कुमार सैनी का कहना है कि मौजूदा हालात में गाड़ी चलाना घाटे का सौदा बन चुका है. उनका आरोप है कि छोटी दूरी की राइड्स में भी कंपनियां 25 से 30 फीसदी तक कमीशन काट लेती हैं. उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को प्राइवेट गाड़ियों की जगह कमर्शियल वाहन और मेट्रो इस्तेमाल करने की सलाह देती है, लेकिन लोग अब भी अकेले कार लेकर निकल रहे हैं. ऐसे में ट्रैफिक और ईंधन दोनों का दबाव बढ़ता जा रहा है. एयर इंडिया से उड़ने वाले सावधान, घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कर दी भारी कटौती, सफर से पहले देखें लिस्ट सैलरी नहीं बढ़ती, सिर्फ महंगाई बढ़ती है जसवीर सिंह (नौकरी पेशा वाले) ने कहा कि सभी प्रकार की ईंधनों की कीमतें धीरे-धीरे इसलिए बढ़ाई जा रही हैं ताकि जनता का गुस्सा अचानक न भड़के. उनका मानना है कि अगर महंगाई के साथ लोगों की आय भी बढ़ती तो असर कम पड़ता, लेकिन फिलहाल हालात उल्टे हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण जरूरी है, वरना आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ेंगी. पेट्रोल-डीजल से लेकर सिलेंडर तक, लोगों ने सरकार पर उठाए सवाल निजी कार चालक अमित नाम के एक अन्य नागरिक ने मौजूदा हालात को लेकर सरकार पर तीखी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष में रहते हुए जो नेता महंगे पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर को लेकर विरोध करते थे, अब वही मुद्दों पर चुप हैं. उनका कहना है कि CNG के दाम 35 रुपये से बढ़कर 83 रुपये तक पहुंच चुके हैं, लेकिन टैक्सी किराए में कोई राहत नहीं दी जा रही. उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा दबाव मिडिल क्लास और ड्राइवरों पर पड़ रहा है. रेट बढ़े तो घटने भी चाहिए, लोगों ने मांगी राहत रूपेश कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने पर भारत में तुरंत असर दिखता है, लेकिन जब कीमतें कम होती हैं तो राहत नहीं मिलती. उनका कहना है कि मिडिल क्लास हर तरफ से दबाव झेल रहा है. टैक्स से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक सबसे ज्यादा बोझ नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार आने वाले समय में आम लोगों की परेशानियों को समझेगी. EMI, लोन और घटती कमाई ने ड्राइवरों की बढ़ाई चिंता गजेंद्र बजाज ने बताया कि होम लोन, गाड़ी की किश्त और लगातार बढ़ती महंगाई ने ड्राइवरों की आर्थिक हालत कमजोर कर दी है. उनका कहना है कि कई ड्राइवर मानसिक तनाव में जी रहे हैं क्योंकि आमदनी पहले जैसी नहीं रही. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐप बेस्ड कंपनियां बेहद कम किराए में राइड्स करा रही हैं, जिससे स्थानीय ड्राइवरों की कमाई पर असर पड़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि कर्ज और बैंक के दबाव की वजह से कई लोग मानसिक रूप से टूट चुके हैं. इलेक्शन रिजल्ट के 24 दिन बाद पेट्रोल-डीजल, गैस और खाने का तेल के दाम कहां पहुंच गए, अभी और कितना बढ़ना बाकी? दिल्ली में फिर 11 दिन में चौथी बार बढ़े CNG के दाम राजधानी दिल्ली में CNG अब 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे पहले कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो थी. बीते 11 दिनों में यह चौथी बार है जब CNG महंगी हुई है. 23 मई को भी 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी. लगातार बढ़ रही कीमतों ने कैब, ऑटो और निजी वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है. देश के कई शहरों में CNG 90 रुपये के पार दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता जैसे शहरों में CNG के दाम 90 रुपये प्रति किलो के आसपास या उससे ऊपर पहुंच चुके हैं. हैदराबाद में CNG सबसे महंगी होकर 97 रुपये प्रति किलो बिक रही है. वहीं मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन वहां भी लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है. बढ़ती महंगाई के बीच राहत की उम्मीद में आम लोग ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट को पूरी तरह प्रभावित किया है. टैक्सी और ऑटो चालक जहां किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, वहीं नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग महंगाई से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में हालात और मुश्किल हो सकते हैं.
CNG Price Hike: दिल्ली NCR समेत देश के सही राज्यों में CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों और कमर्शियल ड्राइवरों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. लगातार बढ़ती महंगाई के बीच टैक्सी, ऑटो और कैब चलाने वाले लोग अब खुद को आर्थिक दबाव में घिरा महसूस कर रहे हैं. ड्राइवरों का कहना है कि कमाई घट रही है, खर्च बढ़ रहा है और कंपनियां अपना कमीशन काटने में कोई कमी नहीं कर रहीं.
छोटी दूरी की राइड्स में भी कंपनियां का 25 से 30 फीसदी तक होता है कमीशन
कार ड्राइवर गुलशन कुमार सैनी का कहना है कि मौजूदा हालात में गाड़ी चलाना घाटे का सौदा बन चुका है. उनका आरोप है कि छोटी दूरी की राइड्स में भी कंपनियां 25 से 30 फीसदी तक कमीशन काट लेती हैं. उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को प्राइवेट गाड़ियों की जगह कमर्शियल वाहन और मेट्रो इस्तेमाल करने की सलाह देती है, लेकिन लोग अब भी अकेले कार लेकर निकल रहे हैं. ऐसे में ट्रैफिक और ईंधन दोनों का दबाव बढ़ता जा रहा है.
सैलरी नहीं बढ़ती, सिर्फ महंगाई बढ़ती है
जसवीर सिंह (नौकरी पेशा वाले) ने कहा कि सभी प्रकार की ईंधनों की कीमतें धीरे-धीरे इसलिए बढ़ाई जा रही हैं ताकि जनता का गुस्सा अचानक न भड़के. उनका मानना है कि अगर महंगाई के साथ लोगों की आय भी बढ़ती तो असर कम पड़ता, लेकिन फिलहाल हालात उल्टे हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण जरूरी है, वरना आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ेंगी.
पेट्रोल-डीजल से लेकर सिलेंडर तक, लोगों ने सरकार पर उठाए सवाल
निजी कार चालक अमित नाम के एक अन्य नागरिक ने मौजूदा हालात को लेकर सरकार पर तीखी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष में रहते हुए जो नेता महंगे पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर को लेकर विरोध करते थे, अब वही मुद्दों पर चुप हैं. उनका कहना है कि CNG के दाम 35 रुपये से बढ़कर 83 रुपये तक पहुंच चुके हैं, लेकिन टैक्सी किराए में कोई राहत नहीं दी जा रही. उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा दबाव मिडिल क्लास और ड्राइवरों पर पड़ रहा है.
रेट बढ़े तो घटने भी चाहिए, लोगों ने मांगी राहत
रूपेश कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने पर भारत में तुरंत असर दिखता है, लेकिन जब कीमतें कम होती हैं तो राहत नहीं मिलती. उनका कहना है कि मिडिल क्लास हर तरफ से दबाव झेल रहा है. टैक्स से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक सबसे ज्यादा बोझ नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार आने वाले समय में आम लोगों की परेशानियों को समझेगी.
EMI, लोन और घटती कमाई ने ड्राइवरों की बढ़ाई चिंता
गजेंद्र बजाज ने बताया कि होम लोन, गाड़ी की किश्त और लगातार बढ़ती महंगाई ने ड्राइवरों की आर्थिक हालत कमजोर कर दी है. उनका कहना है कि कई ड्राइवर मानसिक तनाव में जी रहे हैं क्योंकि आमदनी पहले जैसी नहीं रही. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐप बेस्ड कंपनियां बेहद कम किराए में राइड्स करा रही हैं, जिससे स्थानीय ड्राइवरों की कमाई पर असर पड़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि कर्ज और बैंक के दबाव की वजह से कई लोग मानसिक रूप से टूट चुके हैं.
दिल्ली में फिर 11 दिन में चौथी बार बढ़े CNG के दाम
राजधानी दिल्ली में CNG अब 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे पहले कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो थी. बीते 11 दिनों में यह चौथी बार है जब CNG महंगी हुई है. 23 मई को भी 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी. लगातार बढ़ रही कीमतों ने कैब, ऑटो और निजी वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है.
देश के कई शहरों में CNG 90 रुपये के पार
दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता जैसे शहरों में CNG के दाम 90 रुपये प्रति किलो के आसपास या उससे ऊपर पहुंच चुके हैं. हैदराबाद में CNG सबसे महंगी होकर 97 रुपये प्रति किलो बिक रही है. वहीं मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन वहां भी लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है.
बढ़ती महंगाई के बीच राहत की उम्मीद में आम लोग
ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट को पूरी तरह प्रभावित किया है. टैक्सी और ऑटो चालक जहां किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, वहीं नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग महंगाई से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में हालात और मुश्किल हो सकते हैं.
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