Claude Vs Grok: कोडिंग का असली बादशाह कौन? Elon Musk बोले, जल्द खत्म हो जाएगी ये रेस

Claude Vs Grok: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह तेजी से कोड लिखने में भी माहिर होता जा रहा है. हाल के दिनों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इंसानों द्वारा मैन्युअल कोडिंग का दौर खत्म होने वाला है. NodeJS के निर्माता Ryan Dahl तक ने संकेत दिया है कि पारंपरिक कोडिंग का भविष्य बदल सकता है. इंटरनेट पर इस समय बहस छिड़ी हुई है कि बेहतर कोडिंग कौन करता है Anthropic का Claude Code या xAI का Grok Code. लेकिन Elon Musk का मानना है कि यह तुलना ज्यादा समय तक मायने नहीं रखेगी. उनके अनुसार, बहुत जल्द कोडिंग एक सामान्य और सर्वसुलभ सेवा बन जाएगी. कोडिंग बनेगी सामान्य प्रोडक्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जवाब में मस्क ने कहा कि इस साल के भीतर कोडिंग एक जेनेरिक प्रोडक्ट बन जाएगी. उनका इशारा इस ओर था कि आने वाले समय में AI टूल इतने सक्षम हो जाएंगे कि कौन-सा मॉडल बेहतर है, यह सवाल ही बेमानी हो जाएगा. दूसरी ओर, Anthropic ने पहले दावा किया था कि उसके Claude Opus 4.6 मॉडल ने मात्र दो हफ्तों में खुद एक C-compiler तैयार कर लिया. यह उपलब्धि इसलिए बड़ी मानी जा रही है क्योंकि C-compiler बनाना तकनीकी रूप से बेहद जटिल काम है. गलतियां होंगी बेहद कम मस्क ने एक अन्य पोस्ट में यह भी कहा कि आने वाले महीनों में Grok Code काफी बेहतर हो जाएगा और संभव है कि Claude Code से भी आगे निकल जाए. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों के बीच अंतर इतना कम होगा कि पहचानना मुश्किल हो जाएगा कि कौन-सा मॉडल इस्तेमाल किया गया है. उनका मानना है कि अग्रणी AI कोडिंग मॉडल इतनी कम गलतियां करेंगे कि उनके बीच तुलना करना लगभग असंभव हो जाएगा. यानी कोडिंग एक तरह से कमोडिटी बन जाएगी ठीक वैसे ही जैसे समय के साथ सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक बेहतर और भरोसेमंद होती गई. कोड लिखने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी यह पहली बार नहीं है जब मस्क ने कोडिंग के भविष्य पर बड़ा बयान दिया हो. इससे पहले भी वे कह चुके हैं कि साल के अंत तक स्थिति ऐसी हो सकती है जब इंसानों को खुद कोड लिखने की जरूरत ही न पड़े. AI सीधे मशीन के लिए जरूरी बाइनरी तैयार कर देगा जिससे पारंपरिक कंपाइलर की भूमिका भी कम हो सकती है. इंडस्ट्री में बढ़ती AI की भूमिका टेक इंडस्ट्री में AI की बढ़ती भूमिका के संकेत पहले से मिल रहे हैं. Spotify ने हाल ही में स्वीकार किया कि उसके कई कोडिंग कार्यों में AI अहम भूमिका निभा रहा है. वहीं Dario Amodei ने भी माना है कि भविष्य में उनकी कंपनी को उतने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जरूरत नहीं पड़ सकती जितनी आज है. यह भी पढ़ें: AI का असली सुल्तान कौन? भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कमान किसके हाथ में, जानिए पूरी जानकारी

Feb 24, 2026 - 14:30
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Claude Vs Grok: कोडिंग का असली बादशाह कौन? Elon Musk बोले, जल्द खत्म हो जाएगी ये रेस

Claude Vs Grok: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह तेजी से कोड लिखने में भी माहिर होता जा रहा है. हाल के दिनों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इंसानों द्वारा मैन्युअल कोडिंग का दौर खत्म होने वाला है. NodeJS के निर्माता Ryan Dahl तक ने संकेत दिया है कि पारंपरिक कोडिंग का भविष्य बदल सकता है. इंटरनेट पर इस समय बहस छिड़ी हुई है कि बेहतर कोडिंग कौन करता है Anthropic का Claude Code या xAI का Grok Code. लेकिन Elon Musk का मानना है कि यह तुलना ज्यादा समय तक मायने नहीं रखेगी. उनके अनुसार, बहुत जल्द कोडिंग एक सामान्य और सर्वसुलभ सेवा बन जाएगी.

कोडिंग बनेगी सामान्य प्रोडक्ट

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जवाब में मस्क ने कहा कि इस साल के भीतर कोडिंग एक जेनेरिक प्रोडक्ट बन जाएगी. उनका इशारा इस ओर था कि आने वाले समय में AI टूल इतने सक्षम हो जाएंगे कि कौन-सा मॉडल बेहतर है, यह सवाल ही बेमानी हो जाएगा.

दूसरी ओर, Anthropic ने पहले दावा किया था कि उसके Claude Opus 4.6 मॉडल ने मात्र दो हफ्तों में खुद एक C-compiler तैयार कर लिया. यह उपलब्धि इसलिए बड़ी मानी जा रही है क्योंकि C-compiler बनाना तकनीकी रूप से बेहद जटिल काम है.

गलतियां होंगी बेहद कम

मस्क ने एक अन्य पोस्ट में यह भी कहा कि आने वाले महीनों में Grok Code काफी बेहतर हो जाएगा और संभव है कि Claude Code से भी आगे निकल जाए. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों के बीच अंतर इतना कम होगा कि पहचानना मुश्किल हो जाएगा कि कौन-सा मॉडल इस्तेमाल किया गया है.

उनका मानना है कि अग्रणी AI कोडिंग मॉडल इतनी कम गलतियां करेंगे कि उनके बीच तुलना करना लगभग असंभव हो जाएगा. यानी कोडिंग एक तरह से कमोडिटी बन जाएगी ठीक वैसे ही जैसे समय के साथ सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक बेहतर और भरोसेमंद होती गई.

कोड लिखने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी

यह पहली बार नहीं है जब मस्क ने कोडिंग के भविष्य पर बड़ा बयान दिया हो. इससे पहले भी वे कह चुके हैं कि साल के अंत तक स्थिति ऐसी हो सकती है जब इंसानों को खुद कोड लिखने की जरूरत ही न पड़े. AI सीधे मशीन के लिए जरूरी बाइनरी तैयार कर देगा जिससे पारंपरिक कंपाइलर की भूमिका भी कम हो सकती है.

इंडस्ट्री में बढ़ती AI की भूमिका

टेक इंडस्ट्री में AI की बढ़ती भूमिका के संकेत पहले से मिल रहे हैं. Spotify ने हाल ही में स्वीकार किया कि उसके कई कोडिंग कार्यों में AI अहम भूमिका निभा रहा है. वहीं Dario Amodei ने भी माना है कि भविष्य में उनकी कंपनी को उतने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जरूरत नहीं पड़ सकती जितनी आज है.

यह भी पढ़ें:

AI का असली सुल्तान कौन? भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कमान किसके हाथ में, जानिए पूरी जानकारी

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