CJI गवई के साथ गलत व्यवहार करने वाले वकील के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सख्त कदम, रद्द की SCBA की सदस्यता
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश (SCBA) भूषण रामकृष्ण की कोर्ट में अशोभनीय आचरण करने वाले वकील राकेश किशोर की सदस्यता रद्द कर दी है. राकेश किशोर 2011 से SCBA के अस्थायी सदस्य थे.इससे पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने राकेश किशोर को वकालत की प्रैक्टिस से निलंबित किया था. 6 अक्टूबर को सीजेआई बी आर गवई की कोर्ट में राकेश किशोर अचानक बेंच के पास पहुंचे और जूता उतारकर बेंच की तरफ फेंकने की कोशिश करने लगे, लेकिन तभी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया. जब सुरक्षाकर्मी उन्हें कोर्ट से बाहर ले जाने लगे तो राकेश किशोर ने नारे लगाते हुए कहा- सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान. इसके बाद उन्हें थोड़ी देर के लिए हिरासत में रखा गया. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सीजेआई गवई शांत रहे और उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. राकेश किशोर ने भी इस घटना पर कई बयान दिए हैं. उनका कहना है कि वह खजुराहो में भगवान विष्णु की 7 फीट की खंडित मूर्ति को रिस्टोर करने की मांग पर सीजेआई गवई की टिप्पणी से नाराज थे. सीजेआई गवई ने मूर्ति रिस्टोर किए जाने की मांग कर रहे याचिकाकर्ता से कहा था कि आप भगवान विष्णु के इतने बड़े भक्त हैं तो उनसे ही कुछ करने के लिए कहो. सीजेआई ने इसे एएसआई के अधिकार क्षेत्र का मामला बताते हुए याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश (SCBA) भूषण रामकृष्ण की कोर्ट में अशोभनीय आचरण करने वाले वकील राकेश किशोर की सदस्यता रद्द कर दी है. राकेश किशोर 2011 से SCBA के अस्थायी सदस्य थे.
इससे पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने राकेश किशोर को वकालत की प्रैक्टिस से निलंबित किया था.
6 अक्टूबर को सीजेआई बी आर गवई की कोर्ट में राकेश किशोर अचानक बेंच के पास पहुंचे और जूता उतारकर बेंच की तरफ फेंकने की कोशिश करने लगे, लेकिन तभी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया. जब सुरक्षाकर्मी उन्हें कोर्ट से बाहर ले जाने लगे तो राकेश किशोर ने नारे लगाते हुए कहा- सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान. इसके बाद उन्हें थोड़ी देर के लिए हिरासत में रखा गया. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सीजेआई गवई शांत रहे और उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
राकेश किशोर ने भी इस घटना पर कई बयान दिए हैं. उनका कहना है कि वह खजुराहो में भगवान विष्णु की 7 फीट की खंडित मूर्ति को रिस्टोर करने की मांग पर सीजेआई गवई की टिप्पणी से नाराज थे. सीजेआई गवई ने मूर्ति रिस्टोर किए जाने की मांग कर रहे याचिकाकर्ता से कहा था कि आप भगवान विष्णु के इतने बड़े भक्त हैं तो उनसे ही कुछ करने के लिए कहो. सीजेआई ने इसे एएसआई के अधिकार क्षेत्र का मामला बताते हुए याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था.
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