CJI-NALSAR विवाद: बार काउंसिल ने फैसला पलटा, दीपके करेंगे मनन मिश्रा के खिलाफ आंदोलन?

चीफ जस्टिस आफ इंडिया सूर्यकांत को NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के दीक्षांत समारोह में बुलाने का विरोध करने के विवाद ने नया तूल पकड़ लिया है. विरोध करने वाले छात्रों की जांच और उनके बतौर वकील नामांकन नहीं करने के अपने निर्देश को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने वापस ले लिया है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने यह फैसला लिया है. यही नहीं अब सीजेपी बीसीआई के अध्यक्ष और भाजपा के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा का इस्तीफा मांगने का भी संकेत दे रही है. वहीं मनन मिश्रा की ओर से एक्स पर फैसला वापस लेने की जानकारी पर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'हो गया, भाई. युवाओं की एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी.' #BreakingIt’s done, bro. Another major victory for the youth! But the quest for accountability will continue.@Cockroachisback https://t.co/jllQrc6irm — Saurav Das (@SauravDassss) August 13, 2026 मनन मिश्रा का इस्तीफा मांगने का समय आया? सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा, क्या मनन कुमार मिश्रा का इस्तीफा मांगने का समय आ गया है. वहीं सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने भी एक्स पर लिखा, 'मनन कुमार मिश्रा के बारे में जिस तरह की डरावनी बातें सामने आ रही हैं, उसके बाद उन्हें तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. एक ठीक-ठाक काम करने वाले लोकतंत्र में ऐसा ही होता है. एक ठीक-ठाक लोकतंत्र बनाने के लिए कॉकरोच आ गए हैं. मिस्टर मिश्रा, अब समय खत्म हो गया है!' Time for Manan Mishra isteefa do? — Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 13, 2026 बाहरी लोगों ने छात्रों को भड़कायाः काउंसिल सीजेपी के विरोध के बाद काउंसिल ने यह तय किया है कि राज्य बार काउंसिल सभी छात्रों का बतौर वकील नामांकन कर सकते हैं. मामले में विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा. काउंसिल ने अपने बदले हुए आदेश का आधार इस बात को बनाया है कि ज्यादातर छात्र इस मामले में निर्दोष हैं. लेकिन, साथ ही यह भी कहा है कि 'कुछ शिक्षकों और बाहरी लोगों' ने यूनिवर्सिटी में CJI सूर्यकांत को बुलाए जाने पर विरोध-प्रदर्शन को भड़काया था. मनन मिश्रा ने दी सफाई, बोले- कार्रवाई की जरूरत नहीं मनन मिश्रा ने एक्स पर जानकारी दी कि सीनियर वकीलों, बार के सम्मानित सदस्यों, लॉ के छात्रों और समाज के प्रति जागरूक नागरिकों की बातों और प्रतिक्रियाओं पर विचार करने और इस बात से संतुष्ट होने के बाद कि NALSAR हैदराबाद के 2026 बैच की किसी भी गड़बड़ी या आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी इसलिए बीसीआई ने इस मामले की कार्यवाही को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है. अब और किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है. कांग्रेस और ओवैसी ने की आलोचना इससे पहले कांग्रेस सांसद कार्ति चिंदबरम ने एक्स पर लिखा, मनन मिश्रा को मेरी सलाह है कि सीजेपी द्वारा बाहर किए जाने से पहले ही इस्तीफा दे दें. वहीं एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि यह बिल्कुल निंदनीय है. बीसीआई चेयरमैन ने पहले स्टेट बार काउंसिल्स को निर्देश दिया था कि वे NALSAR के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स को एडवोकेट के तौर पर एनरोल न करें. अब बीसीआई ने अपना पिछला आदेश वापस ले लिया है और इसके बजाय इस बात की जांच का आदेश दिया है कि कन्वोकेशन में सीजेआई की भागीदारी को लेकर छात्रों का कैंपेन किसने आयोजित किया था.

Aug 14, 2026 - 09:30
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CJI-NALSAR विवाद: बार काउंसिल ने फैसला पलटा, दीपके करेंगे मनन मिश्रा के खिलाफ आंदोलन?

चीफ जस्टिस आफ इंडिया सूर्यकांत को NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के दीक्षांत समारोह में बुलाने का विरोध करने के विवाद ने नया तूल पकड़ लिया है. विरोध करने वाले छात्रों की जांच और उनके बतौर वकील नामांकन नहीं करने के अपने निर्देश को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने वापस ले लिया है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने यह फैसला लिया है. यही नहीं अब सीजेपी बीसीआई के अध्यक्ष और भाजपा के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा का इस्तीफा मांगने का भी संकेत दे रही है.

वहीं मनन मिश्रा की ओर से एक्स पर फैसला वापस लेने की जानकारी पर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'हो गया, भाई. युवाओं की एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी.'

मनन मिश्रा का इस्तीफा मांगने का समय आया?

सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा, क्या मनन कुमार मिश्रा का इस्तीफा मांगने का समय आ गया है. वहीं सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने भी एक्स पर लिखा, 'मनन कुमार मिश्रा के बारे में जिस तरह की डरावनी बातें सामने आ रही हैं, उसके बाद उन्हें तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. एक ठीक-ठाक काम करने वाले लोकतंत्र में ऐसा ही होता है. एक ठीक-ठाक लोकतंत्र बनाने के लिए कॉकरोच आ गए हैं. मिस्टर मिश्रा, अब समय खत्म हो गया है!'

बाहरी लोगों ने छात्रों को भड़कायाः काउंसिल

सीजेपी के विरोध के बाद काउंसिल ने यह तय किया है कि राज्य बार काउंसिल सभी छात्रों का बतौर वकील नामांकन कर सकते हैं. मामले में विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा. काउंसिल ने अपने बदले हुए आदेश का आधार इस बात को बनाया है कि ज्यादातर छात्र इस मामले में निर्दोष हैं. लेकिन, साथ ही यह भी कहा है कि 'कुछ शिक्षकों और बाहरी लोगों' ने यूनिवर्सिटी में CJI सूर्यकांत को बुलाए जाने पर विरोध-प्रदर्शन को भड़काया था.

मनन मिश्रा ने दी सफाई, बोले- कार्रवाई की जरूरत नहीं

मनन मिश्रा ने एक्स पर जानकारी दी कि सीनियर वकीलों, बार के सम्मानित सदस्यों, लॉ के छात्रों और समाज के प्रति जागरूक नागरिकों की बातों और प्रतिक्रियाओं पर विचार करने और इस बात से संतुष्ट होने के बाद कि NALSAR हैदराबाद के 2026 बैच की किसी भी गड़बड़ी या आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी इसलिए बीसीआई ने इस मामले की कार्यवाही को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है. अब और किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है.

कांग्रेस और ओवैसी ने की आलोचना

इससे पहले कांग्रेस सांसद कार्ति चिंदबरम ने एक्स पर लिखा, मनन मिश्रा को मेरी सलाह है कि सीजेपी द्वारा बाहर किए जाने से पहले ही इस्तीफा दे दें. वहीं एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि यह बिल्कुल निंदनीय है. बीसीआई चेयरमैन ने पहले स्टेट बार काउंसिल्स को निर्देश दिया था कि वे NALSAR के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स को एडवोकेट के तौर पर एनरोल न करें. अब बीसीआई ने अपना पिछला आदेश वापस ले लिया है और इसके बजाय इस बात की जांच का आदेश दिया है कि कन्वोकेशन में सीजेआई की भागीदारी को लेकर छात्रों का कैंपेन किसने आयोजित किया था.

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