Chand Baori History: भूलभुलैया से बैटमैन तक! हॉलीवुड-बॉलीवुड का फेवरेट है यह 'सीक्रेट' खजाना, बनाएं घूमने का प्लान
What Is Special About Chand Baori Stepwell: राजस्थान अपनी भव्य वास्तुकला के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, यहां के किले, महल और मंदिर इसकी पहचान हैं. लेकिन इन मशहूर जगहों के बीच कुछ ऐसे भी अद्भुत स्थल हैं, जो अब भी लोगों की नजरों से दूर हैं. ऐसा ही एक अनोखा अजूबा है चांद बावड़ी, जिसे हाल ही में उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने फिर से चर्चा में ला दिया. आनंद महिंद्रा ने अपने पोस्ट में इस प्राचीन बावड़ी को सिर्फ एक स्मारक नहीं, बल्कि पत्थरों में तराशी गई सोच बताया. उनका कहना है कि जहां लोग राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित होते हैं, वहीं यह जगह अपनी ज्योमेट्रिकल खूबसूरती और डिजाइन के कारण अलग पहचान रखती है. 1000 साल पुराना अद्भुत निर्माण आभानेरी गांव में स्थित चांद बावड़ी का निर्माण 8वीं-9वीं शताब्दी में निकुंभ वंश के राजा चंदा ने करवाया था. लगभग 30 मीटर गहरी यह बावड़ी 13 मंजिलों में फैली हुई है और इसमें करीब 3500 सीढ़ियां हैं, जो एकदम सटीक समरूपता में बनी हैं. पहली नजर में ही यह संरचना किसी को भी चौंका देती है. इसकी सबसे खास बात इसकी डिजाइन है. ऊपर से देखने पर सीढ़ियों का पैटर्न एक उल्टे पिरामिड जैसा नजर आता है, जो एक तरह का ऑप्टिकल इल्यूजन पैदा करता है. यही वजह है कि इसे देखने वाले लोग इसकी बनावट में खो जाते हैं. People come from across the world to see Rajasthan’s palaces and forts rising into the sky.But one of its most remarkable sights does the exact opposite.It goes deep into the ground.Chand Baori, in Abhaneri, was built over a thousand years ago. It drops nearly 30 metres… pic.twitter.com/BCjChiHSW6 — anand mahindra (@anandmahindra) March 29, 2026 सिर्फ खूबसूरती नहीं, उपयोगिता भी चांद बावड़ी सिर्फ देखने के लिए नहीं बनाई गई थी, बल्कि यह एक बेहद उपयोगी संरचना थी. राजस्थान के गर्म और शुष्क मौसम में पानी की कमी हमेशा बड़ी समस्या रही है. ऐसे में यह बावड़ी वर्षा जल संचयन का एक महत्वपूर्ण साधन थी. यहां पानी जमा करके लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाता था. इसके साथ ही, इसकी गहराई और संरचना आसपास के तापमान को भी ठंडा बनाए रखने में मदद करती थी. इस तरह यह जगह सिर्फ जल भंडारण ही नहीं, बल्कि जलवायु संतुलन का भी काम करती थी. इसे भी पढ़ें - पहली बार विदेश घूमने जा रहे हैं, तो इन 4 गलतियों से बचें, वरना खराब हो सकता है ट्रिप फिल्मों से भी है कनेक्शन चांद बावड़ी की खूबसूरती सिर्फ पर्यटकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि फिल्मी दुनिया को भी आकर्षित कर चुकी है. यह स्थान बॉलीवुड फिल्म पहेली और भूल भुलैया में नजर आ चुका है. वहीं हॉलीवुड की फिल्म The Dark Knight Rises और The Fall में भी इसकी झलक देखने को मिली है। कैसे पहुंचे यहां? जयपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित यह बावड़ी सड़क मार्ग से आसानी से पहुंची जा सकती है. इसके पास में हर्षत माता मंदिर भी है, जहां पहले लोग दर्शन से पहले बावड़ी पर जरूर जाते थे. चांद बावड़ी सिर्फ एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि उस दौर की सोच और इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण है. एक ऐसा छिपा खजाना, जिसे अब फिर से पहचान मिल रही है. इसे भी पढ़ें - दिल्ली की लेट मॉर्निंग...मुंबई की नींद गायब, जानिए भारतीय शहरों की स्लीप स्टोरी, कौन कितना सोता है?
What Is Special About Chand Baori Stepwell: राजस्थान अपनी भव्य वास्तुकला के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, यहां के किले, महल और मंदिर इसकी पहचान हैं. लेकिन इन मशहूर जगहों के बीच कुछ ऐसे भी अद्भुत स्थल हैं, जो अब भी लोगों की नजरों से दूर हैं. ऐसा ही एक अनोखा अजूबा है चांद बावड़ी, जिसे हाल ही में उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने फिर से चर्चा में ला दिया. आनंद महिंद्रा ने अपने पोस्ट में इस प्राचीन बावड़ी को सिर्फ एक स्मारक नहीं, बल्कि पत्थरों में तराशी गई सोच बताया. उनका कहना है कि जहां लोग राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित होते हैं, वहीं यह जगह अपनी ज्योमेट्रिकल खूबसूरती और डिजाइन के कारण अलग पहचान रखती है.
1000 साल पुराना अद्भुत निर्माण
आभानेरी गांव में स्थित चांद बावड़ी का निर्माण 8वीं-9वीं शताब्दी में निकुंभ वंश के राजा चंदा ने करवाया था. लगभग 30 मीटर गहरी यह बावड़ी 13 मंजिलों में फैली हुई है और इसमें करीब 3500 सीढ़ियां हैं, जो एकदम सटीक समरूपता में बनी हैं. पहली नजर में ही यह संरचना किसी को भी चौंका देती है. इसकी सबसे खास बात इसकी डिजाइन है. ऊपर से देखने पर सीढ़ियों का पैटर्न एक उल्टे पिरामिड जैसा नजर आता है, जो एक तरह का ऑप्टिकल इल्यूजन पैदा करता है. यही वजह है कि इसे देखने वाले लोग इसकी बनावट में खो जाते हैं.
People come from across the world to see Rajasthan’s palaces and forts rising into the sky.
But one of its most remarkable sights does the exact opposite.
It goes deep into the ground.
Chand Baori, in Abhaneri, was built over a thousand years ago. It drops nearly 30 metres… pic.twitter.com/BCjChiHSW6 — anand mahindra (@anandmahindra) March 29, 2026
सिर्फ खूबसूरती नहीं, उपयोगिता भी
चांद बावड़ी सिर्फ देखने के लिए नहीं बनाई गई थी, बल्कि यह एक बेहद उपयोगी संरचना थी. राजस्थान के गर्म और शुष्क मौसम में पानी की कमी हमेशा बड़ी समस्या रही है. ऐसे में यह बावड़ी वर्षा जल संचयन का एक महत्वपूर्ण साधन थी. यहां पानी जमा करके लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाता था. इसके साथ ही, इसकी गहराई और संरचना आसपास के तापमान को भी ठंडा बनाए रखने में मदद करती थी. इस तरह यह जगह सिर्फ जल भंडारण ही नहीं, बल्कि जलवायु संतुलन का भी काम करती थी.
इसे भी पढ़ें - पहली बार विदेश घूमने जा रहे हैं, तो इन 4 गलतियों से बचें, वरना खराब हो सकता है ट्रिप
फिल्मों से भी है कनेक्शन
चांद बावड़ी की खूबसूरती सिर्फ पर्यटकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि फिल्मी दुनिया को भी आकर्षित कर चुकी है. यह स्थान बॉलीवुड फिल्म पहेली और भूल भुलैया में नजर आ चुका है. वहीं हॉलीवुड की फिल्म The Dark Knight Rises और The Fall में भी इसकी झलक देखने को मिली है।
कैसे पहुंचे यहां?
जयपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित यह बावड़ी सड़क मार्ग से आसानी से पहुंची जा सकती है. इसके पास में हर्षत माता मंदिर भी है, जहां पहले लोग दर्शन से पहले बावड़ी पर जरूर जाते थे. चांद बावड़ी सिर्फ एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि उस दौर की सोच और इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण है. एक ऐसा छिपा खजाना, जिसे अब फिर से पहचान मिल रही है.
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