Pillow Hygiene Tips: आपको कितनी बार धोना चाहिए अपना तकिया, कहीं आप भी तो बार-बार नहीं करतीं ये गलतियां?

How Often Should You Clean Your Pillow: तकिया ऊपर से साफ दिख सकता है, लेकिन समय के साथ इसमें पसीना, शरीर के तेल, धूल और यहां तक कि डेड सेल्स भी जमा हो जाती हैं. यही वजह है कि एक्सपर्ट तकिए की नियमित सफाई को जरूरी मानते हैं, क्योंकि केवल तकिया कवर बदलना पूरी तरह से सफाई का समाधान नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कि इसको कितने दिनों में साफ कर लेना चाहिए और इससे क्या- क्या दिक्कत हो सकती है.  कितने दिनों में कर लेना चाहिए साफ? आमतौर पर सलाह दी जाती है कि तकियों को हर तीन से छह महीने में एक बार जरूर साफ किया जाए. हालांकि, अगर किसी को ज्यादा पसीना आता है, एलर्जी की समस्या है या वह पालतू जानवरों के साथ सोता है, तो दो से तीन महीने में सफाई करना बेहतर माना जाता है. यह आदत तकिए में जमा धूल, तेल और बैक्टीरिया को हटाने में मदद करती है. बिस्तर से जुड़े रिसर्च बताते हैं कि अगर तकियों की नियमित सफाई न की जाए, तो वे बैक्टीरिया और एलर्जन का बड़ा सोर्स बन सकते हैं. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिनमें प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, तकियों और बिस्तर में डस्ट माइट एलर्जन बड़ी मात्रा में जमा हो सकते हैं, खासकर गर्म और नमी वाले वातावरण में. इतना ही नहीं, अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, त्वचा के संपर्क में आने वाले कपड़ों पर जमा गंदगी, तेल और कीटाणु मुंहासों और स्किन इरिटेशन को बढ़ा सकते हैं. इसलिए तकिया कवर को हफ्ते में कम से कम एक बार धोना जरूरी है, ताकि गंदगी तकिए के अंदर गहराई तक न जाए.  इसे भी पढ़ें-Oil Wells Ocean: क्या समुद्र में भी होते हैं तेल के कुएं, जानें यहां से कैसे निकाला जाता है तेल कैसे कर सकते हैं सफाई? तकिए की सफाई का तरीका उसके अंदर भरे मटेरियल पर निर्भर करता है. डाउन और माइक्रोफाइबर तकिए आमतौर पर मशीन में हल्के डिटर्जेंट के साथ धोए जा सकते हैं. वहीं, कुछ तकियों को पूरी तरह भिगोने के बजाय हल्के साबुन वाले कपड़े से साफ करना बेहतर होता है, ताकि उनका आकार खराब न हो. धोने के बाद तकिए को अच्छी तरह सुखाना भी उतना ही जरूरी है. अगर अंदर थोड़ी भी नमी रह जाए, तो फफूंदी पनप सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है. इसलिए धूप में सुखाना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है, या फिर ड्रायर में हल्की गर्मी पर पूरी तरह सूखने देना चाहिए. कितने साल में इसको बदल लेना चाहिए? सफाई के बावजूद, तकियों की एक सीमित उम्र होती है. एक्सपर्ट के अनुसार, हर एक से दो साल में तकिया बदल देना चाहिए, क्योंकि समय के साथ उसका सपोर्ट कम हो जाता है और उसमें एलर्जन जमा हो जाते हैं, जिन्हें पूरी तरह हटाना मुश्किल होता है. अगर तकिए से लगातार बदबू आ रही हो, उसमें गांठें बन गई हों या सुबह उठते समय गर्दन में दर्द महसूस हो, तो यह संकेत है कि अब उसे बदलने का समय आ गया है. इसे भी पढ़ें-History Of Hormuz: क्या होर्मुज स्ट्रेट में भी रहते थे लोग तो कहां गए, उन्होंने क्यों छोड़ दिया अपना यह ठिकाना?

Apr 9, 2026 - 21:30
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Pillow Hygiene Tips: आपको कितनी बार धोना चाहिए अपना तकिया, कहीं आप भी तो बार-बार नहीं करतीं ये गलतियां?

How Often Should You Clean Your Pillow: तकिया ऊपर से साफ दिख सकता है, लेकिन समय के साथ इसमें पसीना, शरीर के तेल, धूल और यहां तक कि डेड सेल्स भी जमा हो जाती हैं. यही वजह है कि एक्सपर्ट तकिए की नियमित सफाई को जरूरी मानते हैं, क्योंकि केवल तकिया कवर बदलना पूरी तरह से सफाई का समाधान नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कि इसको कितने दिनों में साफ कर लेना चाहिए और इससे क्या- क्या दिक्कत हो सकती है. 

कितने दिनों में कर लेना चाहिए साफ?

आमतौर पर सलाह दी जाती है कि तकियों को हर तीन से छह महीने में एक बार जरूर साफ किया जाए. हालांकि, अगर किसी को ज्यादा पसीना आता है, एलर्जी की समस्या है या वह पालतू जानवरों के साथ सोता है, तो दो से तीन महीने में सफाई करना बेहतर माना जाता है. यह आदत तकिए में जमा धूल, तेल और बैक्टीरिया को हटाने में मदद करती है. बिस्तर से जुड़े रिसर्च बताते हैं कि अगर तकियों की नियमित सफाई न की जाए, तो वे बैक्टीरिया और एलर्जन का बड़ा सोर्स बन सकते हैं. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिनमें प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, तकियों और बिस्तर में डस्ट माइट एलर्जन बड़ी मात्रा में जमा हो सकते हैं, खासकर गर्म और नमी वाले वातावरण में.

इतना ही नहीं, अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, त्वचा के संपर्क में आने वाले कपड़ों पर जमा गंदगी, तेल और कीटाणु मुंहासों और स्किन इरिटेशन को बढ़ा सकते हैं. इसलिए तकिया कवर को हफ्ते में कम से कम एक बार धोना जरूरी है, ताकि गंदगी तकिए के अंदर गहराई तक न जाए. 

इसे भी पढ़ें-Oil Wells Ocean: क्या समुद्र में भी होते हैं तेल के कुएं, जानें यहां से कैसे निकाला जाता है तेल

कैसे कर सकते हैं सफाई?

तकिए की सफाई का तरीका उसके अंदर भरे मटेरियल पर निर्भर करता है. डाउन और माइक्रोफाइबर तकिए आमतौर पर मशीन में हल्के डिटर्जेंट के साथ धोए जा सकते हैं. वहीं, कुछ तकियों को पूरी तरह भिगोने के बजाय हल्के साबुन वाले कपड़े से साफ करना बेहतर होता है, ताकि उनका आकार खराब न हो. धोने के बाद तकिए को अच्छी तरह सुखाना भी उतना ही जरूरी है. अगर अंदर थोड़ी भी नमी रह जाए, तो फफूंदी पनप सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है. इसलिए धूप में सुखाना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है, या फिर ड्रायर में हल्की गर्मी पर पूरी तरह सूखने देना चाहिए.

कितने साल में इसको बदल लेना चाहिए?

सफाई के बावजूद, तकियों की एक सीमित उम्र होती है. एक्सपर्ट के अनुसार, हर एक से दो साल में तकिया बदल देना चाहिए, क्योंकि समय के साथ उसका सपोर्ट कम हो जाता है और उसमें एलर्जन जमा हो जाते हैं, जिन्हें पूरी तरह हटाना मुश्किल होता है. अगर तकिए से लगातार बदबू आ रही हो, उसमें गांठें बन गई हों या सुबह उठते समय गर्दन में दर्द महसूस हो, तो यह संकेत है कि अब उसे बदलने का समय आ गया है.

इसे भी पढ़ें-History Of Hormuz: क्या होर्मुज स्ट्रेट में भी रहते थे लोग तो कहां गए, उन्होंने क्यों छोड़ दिया अपना यह ठिकाना?

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