CBSE की कमान किसके हाथ में, क्या काम करता है देश का सबसे बड़ा स्कूल बोर्ड

जब भी 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की बात होती है, तो सबसे पहले CBSE का नाम सामने आता है.देश के करोड़ों छात्र और लाखों अभिभावक इस बोर्ड से जुड़े हुए हैं. लेकिन CBSE सिर्फ परीक्षा कराने वाली संस्था नहीं है, बल्कि यह देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को दिशा देने वाले सबसे बड़े बोर्डों में से एक है. हाल के दिनों में CBSE अपने नए डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम को लेकर भी सुर्खियों में रहा है. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर CBSE क्या है, कैसे काम करता है और इसकी कमान किसके हाथ में होती है. CBSE यानी Central Board of Secondary Education भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाला राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा बोर्ड है. इसकी स्थापना वर्ष 1929 में हुई थी. वर्तमान समय में देश और विदेश के हजारों स्कूल CBSE से संबद्ध हैं. यह बोर्ड स्कूलों को मान्यता देने, पाठ्यक्रम तय करने और बोर्ड परीक्षाओं के संचालन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है. देश की स्कूली शिक्षा में क्यों अहम है CBSE? CBSE को देश का सबसे प्रभावशाली स्कूल बोर्ड माना जाता है. केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और बड़ी संख्या में निजी स्कूल इसी बोर्ड से जुड़े हुए हैं.मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी CBSE का पाठ्यक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. यही वजह है कि बोर्ड के किसी भी फैसले का असर सीधे करोड़ों छात्रों पर पड़ता है. CBSE के प्रमुख काम क्या हैं? CBSE की जिम्मेदारी केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं है. यह बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आयोजित करता है, स्कूलों को संबद्धता प्रदान करता है, परीक्षा पैटर्न तय करता है, मूल्यांकन प्रणाली तैयार करता है और नई शिक्षा नीतियों को लागू करने का काम भी करता है. इसके अलावा छात्रों के लिए विभिन्न शैक्षणिक सुधार और डिजिटल पहल भी इसी बोर्ड के माध्यम से लागू की जाती हैं. यह भी पढ़ें- SBI Recruitment: एसबीआई में 7150 पदों पर बंपर भर्ती, नहीं किया अप्लाई तो अभी कर लें, बढ़ गई अंतिम तिथि CBSE प्रमुख कौन है? CBSE का सबसे बड़ा अधिकारी चेयरपर्सन होता है. इस पद पर आमतौर पर केंद्र सरकार किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति करती है. जून 2026 में केंद्र सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है. इससे पहले वे केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. अकादमिक विशेषज्ञ या ब्यूरोक्रेट, किसके हाथ में होती है कमान? CBSE की सबसे खास बात यह है कि इसका शीर्ष नेतृत्व अक्सर वरिष्ठ IAS अधिकारियों के पास होता है.यानी संस्था की कमान आमतौर पर ब्यूरोक्रेट्स के हाथ में रहती है.हालांकि पाठ्यक्रम, परीक्षा और शिक्षा से जुड़े फैसलों में शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों और शिक्षा विशेषज्ञों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसलिए CBSE प्रशासनिक और शैक्षणिक विशेषज्ञता का एक मिश्रित मॉडल माना जाता है. OSM विवाद के कारण चर्चा में आया CBSE हाल ही में CBSE का नया On-Screen Marking (OSM) सिस्टम विवादों में रहा. यह एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है जिसके जरिए उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑनलाइन की जाती है. कुछ छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया, स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए.मामले ने इतना तूल पकड़ा कि केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दिए और बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों में बदलाव भी किया गया. इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मामले से जुड़ी याचिका पर केंद्र सरकार और CBSE से जवाब मांगा है. यह भी पढ़ें - इस सरकारी यूनिवर्सिटी में बिना एग्जाम दिए मिलेगा एडमिशन, जान लें क्या है पूरी प्रक्रिया

Jun 10, 2026 - 06:30
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CBSE की कमान किसके हाथ में, क्या काम करता है देश का सबसे बड़ा स्कूल बोर्ड

जब भी 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की बात होती है, तो सबसे पहले CBSE का नाम सामने आता है.देश के करोड़ों छात्र और लाखों अभिभावक इस बोर्ड से जुड़े हुए हैं. लेकिन CBSE सिर्फ परीक्षा कराने वाली संस्था नहीं है, बल्कि यह देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को दिशा देने वाले सबसे बड़े बोर्डों में से एक है. हाल के दिनों में CBSE अपने नए डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम को लेकर भी सुर्खियों में रहा है. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर CBSE क्या है, कैसे काम करता है और इसकी कमान किसके हाथ में होती है.

CBSE यानी Central Board of Secondary Education भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाला राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा बोर्ड है. इसकी स्थापना वर्ष 1929 में हुई थी. वर्तमान समय में देश और विदेश के हजारों स्कूल CBSE से संबद्ध हैं. यह बोर्ड स्कूलों को मान्यता देने, पाठ्यक्रम तय करने और बोर्ड परीक्षाओं के संचालन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है.

देश की स्कूली शिक्षा में क्यों अहम है CBSE?

CBSE को देश का सबसे प्रभावशाली स्कूल बोर्ड माना जाता है. केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और बड़ी संख्या में निजी स्कूल इसी बोर्ड से जुड़े हुए हैं.मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी CBSE का पाठ्यक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. यही वजह है कि बोर्ड के किसी भी फैसले का असर सीधे करोड़ों छात्रों पर पड़ता है.

CBSE के प्रमुख काम क्या हैं?

CBSE की जिम्मेदारी केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं है. यह बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आयोजित करता है, स्कूलों को संबद्धता प्रदान करता है, परीक्षा पैटर्न तय करता है, मूल्यांकन प्रणाली तैयार करता है और नई शिक्षा नीतियों को लागू करने का काम भी करता है. इसके अलावा छात्रों के लिए विभिन्न शैक्षणिक सुधार और डिजिटल पहल भी इसी बोर्ड के माध्यम से लागू की जाती हैं.

यह भी पढ़ें- SBI Recruitment: एसबीआई में 7150 पदों पर बंपर भर्ती, नहीं किया अप्लाई तो अभी कर लें, बढ़ गई अंतिम तिथि

CBSE प्रमुख कौन है?

CBSE का सबसे बड़ा अधिकारी चेयरपर्सन होता है. इस पद पर आमतौर पर केंद्र सरकार किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति करती है. जून 2026 में केंद्र सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है. इससे पहले वे केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.

अकादमिक विशेषज्ञ या ब्यूरोक्रेट, किसके हाथ में होती है कमान?

CBSE की सबसे खास बात यह है कि इसका शीर्ष नेतृत्व अक्सर वरिष्ठ IAS अधिकारियों के पास होता है.यानी संस्था की कमान आमतौर पर ब्यूरोक्रेट्स के हाथ में रहती है.हालांकि पाठ्यक्रम, परीक्षा और शिक्षा से जुड़े फैसलों में शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों और शिक्षा विशेषज्ञों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसलिए CBSE प्रशासनिक और शैक्षणिक विशेषज्ञता का एक मिश्रित मॉडल माना जाता है.

OSM विवाद के कारण चर्चा में आया CBSE

हाल ही में CBSE का नया On-Screen Marking (OSM) सिस्टम विवादों में रहा. यह एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है जिसके जरिए उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑनलाइन की जाती है. कुछ छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया, स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए.मामले ने इतना तूल पकड़ा कि केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दिए और बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों में बदलाव भी किया गया. इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मामले से जुड़ी याचिका पर केंद्र सरकार और CBSE से जवाब मांगा है.

यह भी पढ़ें - इस सरकारी यूनिवर्सिटी में बिना एग्जाम दिए मिलेगा एडमिशन, जान लें क्या है पूरी प्रक्रिया

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