CBSE OSM पोर्टल हैकिंग दावा निकला गलत, CBSE ने अफवाहों का किया खंडन
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोशल मीडिया पर फैल रहे उन दावों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि उसके ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल को हैक कर लिया गया है.बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक जानकारी पर आधारित है. इस मामले को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी सामने आई थीं, जिसके बाद CBSE ने आधिकारिक बयान जारी किया है. क्या था पूरा मामला?सोशल मीडिया पर एक यूजर ने दावा किया था कि CBSE का On Screen Marking (OSM) पोर्टल, जिसका URL cbse.onmarks.co.in बताया गया, 26 फरवरी 2026 को हैक कर लिया गया है.इस दावे के बाद कई प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर तेजी से फैल गई, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई. CBSE का आधिकारिक बयानCBSE ने स्पष्ट किया है कि जिस URL का उल्लेख किया जा रहा है, वह वास्तविक परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली का हिस्सा नहीं है.यह केवल एक टेस्टिंग वेबसाइट है, जिसे आंतरिक परीक्षण और सिस्टम रिव्यू के लिए उपयोग किया जाता है.बोर्ड ने साफ कहा कि इस टेस्टिंग पोर्टल पर किसी भी प्रकार का वास्तविक मूल्यांकन डेटा, छात्र के अंक या कोई भी संवेदनशील जानकारी मौजूद नहीं है.इसलिए इस साइट पर हैकिंग या डेटा चोरी जैसी कोई घटना संभव ही नहीं है. वास्तविक OSM सिस्टम पूरी तरह सुरक्षितCBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक OSM सिस्टम, जिसका उपयोग उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए किया जाता है, पूरी तरह सुरक्षित है. इस मुख्य प्रणाली में किसी भी प्रकार की सुरक्षा खामी या साइबर हमले की कोई घटना सामने नहीं आई है.बोर्ड के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसी भी अनधिकृत पहुंच को रोका जा सके.यह भी पढ़ें - सीएम श्री एडमिशन 31 मई तक जारी होगा क्लास 11 का रिजल्ट, ऐसे करें चेक CBSE ने कहा है कि जिस असली ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का उपयोग उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए किया जाता है, वह पूरी तरह सुरक्षित है. उसमें किसी तरह की कोई सुरक्षा समस्या सामने नहीं आई है.बोर्ड ने बताया कि सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली लागू की गई है, ताकि किसी भी तरह की अनधिकृत पहुंच को रोका जा सके. CBSE ने यह भी कहा कि यह सिस्टम मूल्यांकन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने के लिए बनाया गया है.इसमें एक मजबूत शिकायत समाधान प्रणाली भी शामिल है, जिससे छात्रों और शिक्षकों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके. यह भी पढ़ें - IGNOU Admission 2026: IGNOU जुलाई सेशन के लिए आवेदन शुरू, 15 जुलाई तक करें रजिस्ट्रेशन
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोशल मीडिया पर फैल रहे उन दावों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि उसके ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल को हैक कर लिया गया है.बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक जानकारी पर आधारित है. इस मामले को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी सामने आई थीं, जिसके बाद CBSE ने आधिकारिक बयान जारी किया है.
क्या था पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने दावा किया था कि CBSE का On Screen Marking (OSM) पोर्टल, जिसका URL cbse.onmarks.co.in बताया गया, 26 फरवरी 2026 को हैक कर लिया गया है.इस दावे के बाद कई प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर तेजी से फैल गई, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई.
CBSE का आधिकारिक बयान
CBSE ने स्पष्ट किया है कि जिस URL का उल्लेख किया जा रहा है, वह वास्तविक परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली का हिस्सा नहीं है.यह केवल एक टेस्टिंग वेबसाइट है, जिसे आंतरिक परीक्षण और सिस्टम रिव्यू के लिए उपयोग किया जाता है.बोर्ड ने साफ कहा कि इस टेस्टिंग पोर्टल पर किसी भी प्रकार का वास्तविक मूल्यांकन डेटा, छात्र के अंक या कोई भी संवेदनशील जानकारी मौजूद नहीं है.इसलिए इस साइट पर हैकिंग या डेटा चोरी जैसी कोई घटना संभव ही नहीं है.
वास्तविक OSM सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक OSM सिस्टम, जिसका उपयोग उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए किया जाता है, पूरी तरह सुरक्षित है. इस मुख्य प्रणाली में किसी भी प्रकार की सुरक्षा खामी या साइबर हमले की कोई घटना सामने नहीं आई है.
बोर्ड के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसी भी अनधिकृत पहुंच को रोका जा सके.
यह भी पढ़ें - सीएम श्री एडमिशन 31 मई तक जारी होगा क्लास 11 का रिजल्ट, ऐसे करें चेक
CBSE ने कहा है कि जिस असली ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का उपयोग उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए किया जाता है, वह पूरी तरह सुरक्षित है. उसमें किसी तरह की कोई सुरक्षा समस्या सामने नहीं आई है.बोर्ड ने बताया कि सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली लागू की गई है, ताकि किसी भी तरह की अनधिकृत पहुंच को रोका जा सके.
CBSE ने यह भी कहा कि यह सिस्टम मूल्यांकन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने के लिए बनाया गया है.इसमें एक मजबूत शिकायत समाधान प्रणाली भी शामिल है, जिससे छात्रों और शिक्षकों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके.
यह भी पढ़ें - IGNOU Admission 2026: IGNOU जुलाई सेशन के लिए आवेदन शुरू, 15 जुलाई तक करें रजिस्ट्रेशन
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