Byju Raveendran: मेस्सी और टीम इंडिया की जर्सी से जेल तक, सबसे बड़े स्टार्टअप ने रवींद्रन को बना दिया था अरबपति

Byju's Collapsed News: इन दिनों मशहूर एडटेक कंपनी बायजू  वित्तीय संकट और कानूनी विवादों में घिरी हुई है. बायजूस के फाउंडर रवींद्रन को सिंगापुर की एक कोर्ट ने छह महीने की जेल की सजा सुनाई है.  उन पर कोर्ट के कई आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप है.  कोर्ट ने साथ ही उन पर 70,500 डॉलर का जुर्माना भी लगाया है. एक समय ऐसा भी था जब प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी बायजू के ग्लोबल अंबेसडर बने, जिससे पता चलता है कि भारत का सबसे फेमस एडटेक स्टार्टअप कितना बड़ा बन चुका था. कंपनी का लोगो भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर दिखाई दिया. ग्लोबल इन्वेस्टरों ने स्टार्टअप में अरबों डॉलर का निवेश किया. जिसके बाद बायजू रवींद्रन भारत के स्टार्टअप बूम के सबसे बड़े चेहरों में से एक बन गए.  क्या है पूरा मामला और क्यों हुई सजा? दरअसल, यह पूरा मामला रवींद्रन की प्रोपर्टीयों और कानूनी आदेशों को नजरअंदाज से जुड़ा हुआ है. सिंगापुर की कोर्ट के मुताबिक,  रवींद्रन ने अप्रैल 2024 से अपनी संपत्तियों से जुड़ी  वित्तीय जानकारी को जानबूझकर नजरअंदाज किया. इन आदेशों का पालन न करने की वजह से उन्हें कोर्ट  की अवमानना का दोषी पाया गया और छह महीने की जेल की सजा तय की गई. सजा के अलावा, कोर्ट ने रवींद्रन पर जुर्माना भी लगाया है. कानूनी खर्च के तौर पर 90,000 सिंगापुर डॉलर (करीब 70,500 अमेरिकी डॉलर) का भुगतान करने का निर्देश दिया है.  Byju Raveendran: बायजूस के संस्थापक रवींद्रन को 6 महीने की जेल, लेकिन क्यों? कभी थे अरबपति, अब 0 है नेटवर्थ एक समय कंपनी के सर पर था 'ताज' साल 2011 जब थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के रूप में कंपनी ने अपनी नीव रखी. बायजू ने भारत में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की भारी मांग का फायदा उठाते हुए तेजी से विकास किया. समय भी बिल्कुल अनुकूल था. जहां भारत में स्मार्टफोन का विस्तार हो रहा था तो, दूसरी ओर ऑनलाइन शिक्षा मुख्यधारा बन गई, कंपनी ने खुद को शिक्षा के भविष्य के रूप में खुद को खड़ा किया.  बात साल 2020 की है. जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रहा था, स्कूल बंद हो गए, छात्र ऑनलाइन पढ़ाई करने लगे और डिजिटल शिक्षा की मांग में जबरदस्त उछाल आया. निवेशकों ने तुरंत निवेश किया और बायजू ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़े लेवल पर अपना विस्तार किया. आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज, ग्रेट लर्निंग और एपिक समेत कई फर्मों पर अपना कब्जा किया, जिनके सौदे आमतौर पर करीब 3 अरब डॉलर के थे. जिसके बाद साल 2022 में बायजू की कुल वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर के पार पहुंच गई. कंपनी ने बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियान चलाए, मशहूर हस्तियों के साथ कोलाबरेशन किया,  रवींद्रन विश्व के नए टेक अरबपति का खिताब अपने नाम कर चुके थे. एयर इंडिया से उड़ने वाले सावधान, घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कर दी भारी कटौती, सफर से पहले देखें लिस्ट

May 27, 2026 - 20:30
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Byju Raveendran: मेस्सी और टीम इंडिया की जर्सी से जेल तक, सबसे बड़े स्टार्टअप ने रवींद्रन को बना दिया था अरबपति

Byju's Collapsed News: इन दिनों मशहूर एडटेक कंपनी बायजू  वित्तीय संकट और कानूनी विवादों में घिरी हुई है. बायजूस के फाउंडर रवींद्रन को सिंगापुर की एक कोर्ट ने छह महीने की जेल की सजा सुनाई है.  उन पर कोर्ट के कई आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप है.  कोर्ट ने साथ ही उन पर 70,500 डॉलर का जुर्माना भी लगाया है.

एक समय ऐसा भी था जब प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी बायजू के ग्लोबल अंबेसडर बने, जिससे पता चलता है कि भारत का सबसे फेमस एडटेक स्टार्टअप कितना बड़ा बन चुका था. कंपनी का लोगो भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर दिखाई दिया. ग्लोबल इन्वेस्टरों ने स्टार्टअप में अरबों डॉलर का निवेश किया. जिसके बाद बायजू रवींद्रन भारत के स्टार्टअप बूम के सबसे बड़े चेहरों में से एक बन गए. 

क्या है पूरा मामला और क्यों हुई सजा?

दरअसल, यह पूरा मामला रवींद्रन की प्रोपर्टीयों और कानूनी आदेशों को नजरअंदाज से जुड़ा हुआ है. सिंगापुर की कोर्ट के मुताबिक,  रवींद्रन ने अप्रैल 2024 से अपनी संपत्तियों से जुड़ी  वित्तीय जानकारी को जानबूझकर नजरअंदाज किया. इन आदेशों का पालन न करने की वजह से उन्हें कोर्ट  की अवमानना का दोषी पाया गया और छह महीने की जेल की सजा तय की गई. सजा के अलावा, कोर्ट ने रवींद्रन पर जुर्माना भी लगाया है. कानूनी खर्च के तौर पर 90,000 सिंगापुर डॉलर (करीब 70,500 अमेरिकी डॉलर) का भुगतान करने का निर्देश दिया है. 

Byju Raveendran: बायजूस के संस्थापक रवींद्रन को 6 महीने की जेल, लेकिन क्यों? कभी थे अरबपति, अब 0 है नेटवर्थ

एक समय कंपनी के सर पर था 'ताज'

साल 2011 जब थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के रूप में कंपनी ने अपनी नीव रखी. बायजू ने भारत में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की भारी मांग का फायदा उठाते हुए तेजी से विकास किया. समय भी बिल्कुल अनुकूल था. जहां भारत में स्मार्टफोन का विस्तार हो रहा था तो, दूसरी ओर ऑनलाइन शिक्षा मुख्यधारा बन गई, कंपनी ने खुद को शिक्षा के भविष्य के रूप में खुद को खड़ा किया. 

बात साल 2020 की है. जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रहा था, स्कूल बंद हो गए, छात्र ऑनलाइन पढ़ाई करने लगे और डिजिटल शिक्षा की मांग में जबरदस्त उछाल आया. निवेशकों ने तुरंत निवेश किया और बायजू ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़े लेवल पर अपना विस्तार किया.

आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज, ग्रेट लर्निंग और एपिक समेत कई फर्मों पर अपना कब्जा किया, जिनके सौदे आमतौर पर करीब 3 अरब डॉलर के थे. जिसके बाद साल 2022 में बायजू की कुल वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर के पार पहुंच गई. कंपनी ने बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियान चलाए, मशहूर हस्तियों के साथ कोलाबरेशन किया,  रवींद्रन विश्व के नए टेक अरबपति का खिताब अपने नाम कर चुके थे.

एयर इंडिया से उड़ने वाले सावधान, घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कर दी भारी कटौती, सफर से पहले देखें लिस्ट

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