BSE Limited: ट्रेडर जीते या हारे, कमाई पक्की! जानें निवेशकों की हर खरीद-बिक्री से कैसे कमाता है BSE?

BSE Limited: दुनिया के हर कैसीनो में एक कहावत मशहूर है, 'हाउस हमेशा जीतता है.' यानी खिलाड़ी जीतें या हारें, कैसीनो मालिक हर दांव से पैसा कमाता है. कुछ ऐसा ही मॉडल भारत के शेयर बाजार में भी देखने को मिलता है, खासकर BSE Limited के बिजनेस में. भारत में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग करने वाले 90% से ज्यादा छोटे निवेशक पैसा गंवाते हैं. इसके बावजूद BSE का कारोबार तेजी से बढ़ा है. वजह ये है कि BSE हर ट्रेड, हर एक्सपायरी और हर सौदे पर फीस कमाता है. ट्रेडर को फायदा हो या नुकसान, एक्सचेंज की कमाई होती रहती है. BSE का इतिहासएशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज BSE साल 1875 में शुरू हुआ था. लंबे समय तक ये नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE से पीछे माना जाता था. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसकी तस्वीर बदल गई. जब सुंदररमन राममूर्ति 2023 में CEO बने, तब BSE का मार्केट कैप करीब 5,000 करोड़ रुपये था. अब ये बढ़कर लगभग 1.68 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. पिछले पांच साल में शेयर ने करीब 3,985% रिटर्न दिया है. ये भी पढ़ें: Rupee News: कमजोर रुपया, मजबूत कमाई! जानिए कैसे बढ़ सकता है आपका पोर्टफोलियों रिटर्न BSE का बिजनेस मॉडल है मजबूतइस तेजी की सबसे बड़ी वजह डेरिवेटिव कारोबार में बढ़ोतरी रही. SEBI के सख्त नियमों और NSE के कुछ बदलावों के बाद BSE के Sensex और Bankex ऑप्शन प्रोडक्ट्स में ट्रेडिंग तेजी से बढ़ी. FY26 में डेरिवेटिव कारोबार से मिलने वाली ट्रांजैक्शन फीस 87% बढ़कर 3,795 करोड़ रुपये पहुंच गई. BSE का बिजनेस मॉडल बेहद मजबूत माना जाता है क्योंकि ये खुद बाजार में दांव नहीं लगाता. ये सिर्फ ट्रेडिंग के लिए प्लेटफॉर्म, टेक्नोलॉजी और सिस्टम उपलब्ध कराता है और हर लेनदेन पर फीस कमाता है. हालांकि इसमें जोखिम भी हैं. अगर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया भविष्य में F&O ट्रेडिंग पर और सख्त नियम लागू करता है, तो BSE की कमाई पर असर पड़ सकता है. फिर भी फिलहाल बढ़ती ट्रेडिंग गतिविधि और निवेशकों की संख्या BSE के लिए बड़ा फायदा साबित हो रही है. ये भी पढ़ें: SBI Rewards: एसबीआई रिवार्ड्स रीडीम करने पर मिल रहे हजारों रुपए, क्या आपके पास आया मेसेज?

May 30, 2026 - 04:30
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BSE Limited: ट्रेडर जीते या हारे, कमाई पक्की! जानें निवेशकों की हर खरीद-बिक्री से कैसे कमाता है BSE?

BSE Limited: दुनिया के हर कैसीनो में एक कहावत मशहूर है, 'हाउस हमेशा जीतता है.' यानी खिलाड़ी जीतें या हारें, कैसीनो मालिक हर दांव से पैसा कमाता है. कुछ ऐसा ही मॉडल भारत के शेयर बाजार में भी देखने को मिलता है, खासकर BSE Limited के बिजनेस में. भारत में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग करने वाले 90% से ज्यादा छोटे निवेशक पैसा गंवाते हैं. इसके बावजूद BSE का कारोबार तेजी से बढ़ा है. वजह ये है कि BSE हर ट्रेड, हर एक्सपायरी और हर सौदे पर फीस कमाता है. ट्रेडर को फायदा हो या नुकसान, एक्सचेंज की कमाई होती रहती है.

BSE का इतिहास
एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज BSE साल 1875 में शुरू हुआ था. लंबे समय तक ये नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE से पीछे माना जाता था. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसकी तस्वीर बदल गई. जब सुंदररमन राममूर्ति 2023 में CEO बने, तब BSE का मार्केट कैप करीब 5,000 करोड़ रुपये था. अब ये बढ़कर लगभग 1.68 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. पिछले पांच साल में शेयर ने करीब 3,985% रिटर्न दिया है.

ये भी पढ़ें: Rupee News: कमजोर रुपया, मजबूत कमाई! जानिए कैसे बढ़ सकता है आपका पोर्टफोलियों रिटर्न

BSE का बिजनेस मॉडल है मजबूत
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह डेरिवेटिव कारोबार में बढ़ोतरी रही. SEBI के सख्त नियमों और NSE के कुछ बदलावों के बाद BSE के Sensex और Bankex ऑप्शन प्रोडक्ट्स में ट्रेडिंग तेजी से बढ़ी. FY26 में डेरिवेटिव कारोबार से मिलने वाली ट्रांजैक्शन फीस 87% बढ़कर 3,795 करोड़ रुपये पहुंच गई. BSE का बिजनेस मॉडल बेहद मजबूत माना जाता है क्योंकि ये खुद बाजार में दांव नहीं लगाता. ये सिर्फ ट्रेडिंग के लिए प्लेटफॉर्म, टेक्नोलॉजी और सिस्टम उपलब्ध कराता है और हर लेनदेन पर फीस कमाता है.

हालांकि इसमें जोखिम भी हैं. अगर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया भविष्य में F&O ट्रेडिंग पर और सख्त नियम लागू करता है, तो BSE की कमाई पर असर पड़ सकता है. फिर भी फिलहाल बढ़ती ट्रेडिंग गतिविधि और निवेशकों की संख्या BSE के लिए बड़ा फायदा साबित हो रही है.

ये भी पढ़ें: SBI Rewards: एसबीआई रिवार्ड्स रीडीम करने पर मिल रहे हजारों रुपए, क्या आपके पास आया मेसेज?

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