Brendan Doggett Story: कारपेंटर से टेस्ट क्रिकेट तक… अब ऑस्ट्रेलिया को मिला नया ‘सरप्राइज पेसर’?

Brendan Doggett Story: एशेज की शुरुआत से ठीक पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम को ऐसा पेसर मिल गया है जिसकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती. 31 साल के ब्रेंडन डॉगेट, जो कभी कारपेंटर का काम करते थे. अब इंग्लैंड के खिलाफ पहले एशेज टेस्ट में डेब्यू के बेहद करीब हैं. टीम के धाकड़ गेंदबाज पैट कमिंस, जॉश हेजलवुड और सीन एबट की चोटों के कारण बाहर होने के बाद डॉगेट की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है. अगर वह 21 नवंबर से पर्थ में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में उतरते हैं, तो यह उनके क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा दिन होगा. 7 साल बाद ‘रिटर्न’, इस बार मौका पक्का! डॉगेट को ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिलना कोई नई बात नही है. उन्हें पहली बार 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन वह बेंच से आगे नहीं बढ़ सके. फिर 2024 में भारत के खिलाफ श्रृंखला के दौरान हेजलवुड के इंजर्ड होने पर दोबारा बुलाया गया. इंडिया-ए के खिलाफ उनका पांच विकेट हॉल टीम मैनेजमेंट की नजरों में आ गया, लेकिन तब भी डेब्यू नहीं मिला. अब तीसरी बार जब उनका नाम टेस्ट टीम में आया है, तो इस बार हालात उनके पक्ष में हैं. अगर वह डेब्यू करते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया की ओर से टेस्ट खेलने वाले 472वें खिलाड़ी बन जाएंगे. साथ ही जेसन गिलेस्पी और स्कॉट बोलैंड के बाद वह तीसरे स्वदेशी क्रिकेटर होंगे. अगर बोलैंड प्लेइंग इलेवन में होते हैं, तो पहली बार एक साथ दो स्वदेशी खिलाड़ी टेस्ट खेलते नजर आएंगे. 259 विकेट… और अब बड़ी छलांग! डॉगेट ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. 115 मैचों में 259 विकेट अपने आप में बताता है कि यह पेसर ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी लाइन-अप को मजबूती देने की क्षमता रखता है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट: 50 मैच, 190 विकेट लिस्ट ए: 17 मैच, 26 विकेट T20: 48 मैच, 43 विकेट तेज गेंदबाजी में गति ही नही, बल्कि लगातार लंबी लाइन-लेंथ पर हिट करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है. टुवुंबा में कारपेंटर के तौर पर काम करने से लेकर ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट टीम के दरवाजे तक का सफर डॉगेट की कहानी प्रेरणा से भरी है. हेजलवुड की चोट, डॉगेट के लिए ‘गोल्डन मौका’ जॉश हेजलवुड की चोट ऑस्ट्रेलिया के लिए भले चिंता का विषय हो, लेकिन डॉगेट के लिए यह करियर-टर्निंग अवसर है. वह मानते हैं कि कमिंस और हेजलवुड की तरह बड़े आंकड़े शायद ना जुटा पाएं, लेकिन मौके पर अपनी ‘छाप छोड़ने’ की पूरी क्षमता रखते हैं. एशेज में डॉगेट की तेज गेंदें नई कहानी लिख पाएंगी या नहीं, यह 21 नवंबर के पर्थ टेस्ट में साफ हो जाएगा.  

Nov 18, 2025 - 12:30
 0
Brendan Doggett Story: कारपेंटर से टेस्ट क्रिकेट तक… अब ऑस्ट्रेलिया को मिला नया ‘सरप्राइज पेसर’?

Brendan Doggett Story: एशेज की शुरुआत से ठीक पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम को ऐसा पेसर मिल गया है जिसकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती. 31 साल के ब्रेंडन डॉगेट, जो कभी कारपेंटर का काम करते थे. अब इंग्लैंड के खिलाफ पहले एशेज टेस्ट में डेब्यू के बेहद करीब हैं. टीम के धाकड़ गेंदबाज पैट कमिंस, जॉश हेजलवुड और सीन एबट की चोटों के कारण बाहर होने के बाद डॉगेट की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है. अगर वह 21 नवंबर से पर्थ में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में उतरते हैं, तो यह उनके क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा दिन होगा.

7 साल बाद ‘रिटर्न’, इस बार मौका पक्का!

डॉगेट को ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिलना कोई नई बात नही है. उन्हें पहली बार 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन वह बेंच से आगे नहीं बढ़ सके. फिर 2024 में भारत के खिलाफ श्रृंखला के दौरान हेजलवुड के इंजर्ड होने पर दोबारा बुलाया गया. इंडिया-ए के खिलाफ उनका पांच विकेट हॉल टीम मैनेजमेंट की नजरों में आ गया, लेकिन तब भी डेब्यू नहीं मिला.

अब तीसरी बार जब उनका नाम टेस्ट टीम में आया है, तो इस बार हालात उनके पक्ष में हैं. अगर वह डेब्यू करते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया की ओर से टेस्ट खेलने वाले 472वें खिलाड़ी बन जाएंगे. साथ ही जेसन गिलेस्पी और स्कॉट बोलैंड के बाद वह तीसरे स्वदेशी क्रिकेटर होंगे. अगर बोलैंड प्लेइंग इलेवन में होते हैं, तो पहली बार एक साथ दो स्वदेशी खिलाड़ी टेस्ट खेलते नजर आएंगे.

259 विकेट… और अब बड़ी छलांग!

डॉगेट ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. 115 मैचों में 259 विकेट अपने आप में बताता है कि यह पेसर ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी लाइन-अप को मजबूती देने की क्षमता रखता है.

फर्स्ट क्लास क्रिकेट: 50 मैच, 190 विकेट

लिस्ट ए: 17 मैच, 26 विकेट

T20: 48 मैच, 43 विकेट

तेज गेंदबाजी में गति ही नही, बल्कि लगातार लंबी लाइन-लेंथ पर हिट करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है. टुवुंबा में कारपेंटर के तौर पर काम करने से लेकर ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट टीम के दरवाजे तक का सफर डॉगेट की कहानी प्रेरणा से भरी है.

हेजलवुड की चोट, डॉगेट के लिए ‘गोल्डन मौका’

जॉश हेजलवुड की चोट ऑस्ट्रेलिया के लिए भले चिंता का विषय हो, लेकिन डॉगेट के लिए यह करियर-टर्निंग अवसर है. वह मानते हैं कि कमिंस और हेजलवुड की तरह बड़े आंकड़े शायद ना जुटा पाएं, लेकिन मौके पर अपनी ‘छाप छोड़ने’ की पूरी क्षमता रखते हैं.

एशेज में डॉगेट की तेज गेंदें नई कहानी लिख पाएंगी या नहीं, यह 21 नवंबर के पर्थ टेस्ट में साफ हो जाएगा.  

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow