BJP जिलाध्यक्ष पर वसूली रैकेट चलाने का आरोप, जम्मू कश्मीर पुलिस ने दर्ज किया केस

जम्मू कश्मीर पुलिस ने बीजेपी के पुलवामा जिलाध्यक्ष इंजीनियर सैयद शौकत गयूर अंद्राबी के खिलाफ केस दर्ज किया है. गयूर पर लगातार वसूली (extortion) रैकेट चलाने, अधिकृत कामों में बाधा डालने और कॉन्ट्रैक्टर के कर्मचारियों को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में लेने की धमकी देने के आरोप हैं.  शौकत गयूर को 2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में पंपोर विधानसभा क्षेत्र से BJP का आधिकारिक उम्मीदवार बनाया गया था. चुनाव लड़ने के बाद से वह पुलवामा के लिए BJP जिला अध्यक्ष के तौर पर संगठन की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. पुलवामा थाने में दर्ज FIR के अनुसार ये आपराधिक मामला बडगाम के रहने वाले मोहम्मद यासीन गनी की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया है.  गनी ने अपनी शिकायत में कहा कि जब वह सक्षम सरकारी अधिकारियों से मिली आधिकारिक मंज़ूरी के आधार पर गुरुद्वारा प्रबंधक, बरथाना से जुड़े विकास कार्यों के लिए मिट्टी निकालने और उसे ले जाने का काम कर रहे थे, तब गयूर ने कॉन्ट्रैक्टर और उनके कर्मचारियों को लगातार परेशान किया. शिकायतकर्ता का आरोप है कि काम के लिए पूरी मंजूरी होने के बावजूद गयूर ने काम जारी रखने के लिए 5 लाख की मांग की थी.  क्या है पूरा मामलाशिकायत में कहा गया है कि मामला तब और बढ़ गया, जब 8 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 10:50 बजे गयूर पुलवामा के परिगाम में खुदाई वाली जगह पर पहुंचे. आरोप है कि उन्होंने भारी मशीनों और ट्रकों के सामने अपनी गाड़ी खड़ी कर दी ताकि उनकी आवाजाही रोकी जा सके. जब कर्मचारियों और ड्राइवरों ने उनसे बात करने की कोशिश की और सरकार से मिली वैध मंज़ूरी दिखाई, तो आरोप है कि गयूर ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और गैर-कानूनी काम का आरोप लगाते हुए उन्हें बुरी तरह धमकाना शुरू कर दिया. शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि गयूर ने बार-बार 'पब्लिक सेफ्टी एक्ट' के तहत हिरासत में लेने की धमकी दी, जिससे कर्मचारियों में भारी डर और घबराहट फैल गई. दबाव में आकर ठेकेदार ने नेताजी को कुछ नकद भुगतान किया. आरोप है कि 21 नवंबर 2025 को 50,000 रुपये और उसके बाद 22 नवंबर, 2025 को 4,000 रुपये की एक और किस्त दी गई, यानी कुल मिलाकर 54,000 रुपये जबरन वसूले गए. किन-किन धाराओं में केस दर्जशिकायत मिलने के बाद पुलवामा पुलिस ने मामला दर्ज किया. इसमें गलत तरीके से रोकने के लिए धारा 126(2), जबरन वसूली के लिए धारा 308(2), किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाने का डर दिखाकर जबरन वसूली की कोशिश के लिए धारा 308(3), आपराधिक धमकी के लिए धारा 351(2) और शांति भंग करने के इरादे से जान-बूझकर अपमान करने के लिए धारा 352 लगाई गई. इस पूरे मामले पर बीजेपी की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है. ना ही शौकत गयूर ने इस पूरे मामले में अपना पक्ष साफ किया है. बीजेपी के सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ समय से गयूर के खिलाफ शिकायतें मिल रही थी और उनकी आंतरिक जांच हो रही है. ये भी पढ़ें लाल किला, चांदनी चौक और रिंग रोड पर नो-एंट्री, 15 अगस्त के लिए ट्रैफिक एडवाजरी लागू

Aug 12, 2026 - 17:30
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BJP जिलाध्यक्ष पर वसूली रैकेट चलाने का आरोप, जम्मू कश्मीर पुलिस ने दर्ज किया केस

जम्मू कश्मीर पुलिस ने बीजेपी के पुलवामा जिलाध्यक्ष इंजीनियर सैयद शौकत गयूर अंद्राबी के खिलाफ केस दर्ज किया है. गयूर पर लगातार वसूली (extortion) रैकेट चलाने, अधिकृत कामों में बाधा डालने और कॉन्ट्रैक्टर के कर्मचारियों को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में लेने की धमकी देने के आरोप हैं. 

शौकत गयूर को 2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में पंपोर विधानसभा क्षेत्र से BJP का आधिकारिक उम्मीदवार बनाया गया था. चुनाव लड़ने के बाद से वह पुलवामा के लिए BJP जिला अध्यक्ष के तौर पर संगठन की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. पुलवामा थाने में दर्ज FIR के अनुसार ये आपराधिक मामला बडगाम के रहने वाले मोहम्मद यासीन गनी की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया है. 

गनी ने अपनी शिकायत में कहा कि जब वह सक्षम सरकारी अधिकारियों से मिली आधिकारिक मंज़ूरी के आधार पर गुरुद्वारा प्रबंधक, बरथाना से जुड़े विकास कार्यों के लिए मिट्टी निकालने और उसे ले जाने का काम कर रहे थे, तब गयूर ने कॉन्ट्रैक्टर और उनके कर्मचारियों को लगातार परेशान किया. शिकायतकर्ता का आरोप है कि काम के लिए पूरी मंजूरी होने के बावजूद गयूर ने काम जारी रखने के लिए 5 लाख की मांग की थी. 

क्या है पूरा मामला
शिकायत में कहा गया है कि मामला तब और बढ़ गया, जब 8 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 10:50 बजे गयूर पुलवामा के परिगाम में खुदाई वाली जगह पर पहुंचे. आरोप है कि उन्होंने भारी मशीनों और ट्रकों के सामने अपनी गाड़ी खड़ी कर दी ताकि उनकी आवाजाही रोकी जा सके. जब कर्मचारियों और ड्राइवरों ने उनसे बात करने की कोशिश की और सरकार से मिली वैध मंज़ूरी दिखाई, तो आरोप है कि गयूर ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और गैर-कानूनी काम का आरोप लगाते हुए उन्हें बुरी तरह धमकाना शुरू कर दिया.

शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि गयूर ने बार-बार 'पब्लिक सेफ्टी एक्ट' के तहत हिरासत में लेने की धमकी दी, जिससे कर्मचारियों में भारी डर और घबराहट फैल गई. दबाव में आकर ठेकेदार ने नेताजी को कुछ नकद भुगतान किया. आरोप है कि 21 नवंबर 2025 को 50,000 रुपये और उसके बाद 22 नवंबर, 2025 को 4,000 रुपये की एक और किस्त दी गई, यानी कुल मिलाकर 54,000 रुपये जबरन वसूले गए.

किन-किन धाराओं में केस दर्ज
शिकायत मिलने के बाद पुलवामा पुलिस ने मामला दर्ज किया. इसमें गलत तरीके से रोकने के लिए धारा 126(2), जबरन वसूली के लिए धारा 308(2), किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाने का डर दिखाकर जबरन वसूली की कोशिश के लिए धारा 308(3), आपराधिक धमकी के लिए धारा 351(2) और शांति भंग करने के इरादे से जान-बूझकर अपमान करने के लिए धारा 352 लगाई गई.

इस पूरे मामले पर बीजेपी की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है. ना ही शौकत गयूर ने इस पूरे मामले में अपना पक्ष साफ किया है. बीजेपी के सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ समय से गयूर के खिलाफ शिकायतें मिल रही थी और उनकी आंतरिक जांच हो रही है.

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