Bill Gates की बेटी को हो सकती है 20 साल जेल की सजा, लेकिन क्यों?
Bill Gates Daughter: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स की बेटी फोएबे गेट्स इन दिनों काफी मुश्किल में फंस गई हैं. उनके ऊपर अपने नए स्टार्टअप में 'कुकिंग स्टफिंग' के आरोप लगे हैं. इन आरोपों के चलते हो सकता है कि फोएबे को कुछ सालों के लिए जेल भी हो जाए. रिपोर्ट्स की मानें को फोएबे करीब 20 साल के लिए जेल जा सकती हैं. क्या है पूरा मामला?दरअसल बिल गेट्स की बेटी फोएबे गेट्स ने कुछ समय पहले ही अपने नए स्टार्टअप की शुरुआत की है. Phis नाम से उन्होंने एक नया ब्राउजर एक्सटेंशन स्टार्ट किया था, जिस पर करीब 30 मिलियन डॉलर का इनवेस्टमेंट किया गया है. ये ब्राउज एक्सटेंशन ऑनलाइन रिटेलर्स के यहां डिस्काउंट कोड ढूंढता है. जिससे खरीदार और रिटेलर्स दोनों की ही मदद होती है. लेकिन हाल ही में इ स्टार्टअप में 'कुकी स्टफिंग' की शिकायत की गई है. ये भी पढ़ें: बिहार बनाम झारखंड: बंटवारे के बाद एक राज्य भारी घाटे में और दूसरा फायदे में क्यों? क्या है 'कुकी स्टफिंग'?दरअसल 'कुकी स्टफिंग' वो होता है जब कई ब्राउजर अपने काम की फेक रिपोर्ट दिखाता है. जैसे कि मान लीजिए कोई ब्राउजर एक्सेटेंशन जैसे Phia ही लोगों को खरीदारी के बाद चेकआउट के समय कोई कूपन कोड सजेस्ट करता है, तो सॉफ्टवेयर एक 'कुकी' यानी एक छोटी ट्रैकिंग फाइल डालता है, जिससे पता चलता है कि Phia ने सेल पूरी करने में मदद की है, जिससे उसे कमीशन मिलता है. 'कुकी स्टफिंग' तब होती है जब वो फाइल डाल दी जाती है, भले ही खरीदारी में प्लेटफॉर्म की कोई भूमिका न रही हो. रिपोर्ट में क्या आया सामने?ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि Phia ने जुलाई में कहा था कि उन्हें इस समस्या के बारे में पिछले 24 घंटों में ही पता चला है और इसे एक तकनीकी खराबी (ग्लिच) बताया था. वहीं ये रिपोर्ट बताती है कि संस्थापकों को इसके बारे में कम से कम सात महीने पहले से पता था. रिपोर्ट में इंटरनल स्लैक मैसेज और मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का हवाला देते हुए, बताया गया है कि चेकआउट प्रोसेस में कुकीज तब भी डाली जाती थीं, जब खरीदारों ने Phia का इस्तेमाल नहीं किया होता था. ये भी पढ़ें: कहीं दिवालिया न हो जाए पाकिस्तान! देश पर 83 हजार अरब का उधार ये सिलसिला कम से कम दिसंबर से चल रहा था और इसमें नाइक, गैप और नॉर्डस्ट्रोम जैसे रिटेलर्स शामिल थे. रिपोर्ट के मुताबिक, Phia की ज्यादातर कमाई इसी से होती थी. ब्लूमबर्ग ने बताया कि जुलाई में इन फीचर को बंद करने के बाद, औसत रोजाना कमाई लगभग 80,000 डॉलर से घटकर 10,000 डॉलर और 28,000 डॉलर के बीच रह गई. जून में, Phia ने जिस मर्चेंडाइज वैल्यू का क्रेडिट लिया था, उसमें से लगभग 51% हिस्सा 'कुकी स्टफिंग' से आया था. Phia की तरफ से आया जवाबPhia के एक प्रवक्ता ने 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' को बताया कि, 'गलत तरीके से रिपोर्ट दिखाने वाले सारे फीचर्स को एक महीने से भी पहले, 7 जुलाई को ही हटा दिया गया था. हम हर ट्रांजैक्शन पर नजर रख रहे हैं. ऐसे फीचर्स की वजह से ब्रांड पार्टनर्स को ट्रांजैक्शन रिवर्सल देने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं और हमने ये प्रोसेस शुरू भी कर दी है. साथ ही, हम 'हेड ऑफ कंप्लायंस' की नियुक्ति भी कर रहे हैं ताकि आने वाले समय में में ऐसी घटना दोबारा न हो.'
Bill Gates Daughter: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स की बेटी फोएबे गेट्स इन दिनों काफी मुश्किल में फंस गई हैं. उनके ऊपर अपने नए स्टार्टअप में 'कुकिंग स्टफिंग' के आरोप लगे हैं. इन आरोपों के चलते हो सकता है कि फोएबे को कुछ सालों के लिए जेल भी हो जाए. रिपोर्ट्स की मानें को फोएबे करीब 20 साल के लिए जेल जा सकती हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल बिल गेट्स की बेटी फोएबे गेट्स ने कुछ समय पहले ही अपने नए स्टार्टअप की शुरुआत की है. Phis नाम से उन्होंने एक नया ब्राउजर एक्सटेंशन स्टार्ट किया था, जिस पर करीब 30 मिलियन डॉलर का इनवेस्टमेंट किया गया है. ये ब्राउज एक्सटेंशन ऑनलाइन रिटेलर्स के यहां डिस्काउंट कोड ढूंढता है. जिससे खरीदार और रिटेलर्स दोनों की ही मदद होती है. लेकिन हाल ही में इ स्टार्टअप में 'कुकी स्टफिंग' की शिकायत की गई है.
ये भी पढ़ें: बिहार बनाम झारखंड: बंटवारे के बाद एक राज्य भारी घाटे में और दूसरा फायदे में क्यों?
क्या है 'कुकी स्टफिंग'?
दरअसल 'कुकी स्टफिंग' वो होता है जब कई ब्राउजर अपने काम की फेक रिपोर्ट दिखाता है. जैसे कि मान लीजिए कोई ब्राउजर एक्सेटेंशन जैसे Phia ही लोगों को खरीदारी के बाद चेकआउट के समय कोई कूपन कोड सजेस्ट करता है, तो सॉफ्टवेयर एक 'कुकी' यानी एक छोटी ट्रैकिंग फाइल डालता है, जिससे पता चलता है कि Phia ने सेल पूरी करने में मदद की है, जिससे उसे कमीशन मिलता है. 'कुकी स्टफिंग' तब होती है जब वो फाइल डाल दी जाती है, भले ही खरीदारी में प्लेटफॉर्म की कोई भूमिका न रही हो.
रिपोर्ट में क्या आया सामने?
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि Phia ने जुलाई में कहा था कि उन्हें इस समस्या के बारे में पिछले 24 घंटों में ही पता चला है और इसे एक तकनीकी खराबी (ग्लिच) बताया था. वहीं ये रिपोर्ट बताती है कि संस्थापकों को इसके बारे में कम से कम सात महीने पहले से पता था. रिपोर्ट में इंटरनल स्लैक मैसेज और मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का हवाला देते हुए, बताया गया है कि चेकआउट प्रोसेस में कुकीज तब भी डाली जाती थीं, जब खरीदारों ने Phia का इस्तेमाल नहीं किया होता था.
ये भी पढ़ें: कहीं दिवालिया न हो जाए पाकिस्तान! देश पर 83 हजार अरब का उधार
ये सिलसिला कम से कम दिसंबर से चल रहा था और इसमें नाइक, गैप और नॉर्डस्ट्रोम जैसे रिटेलर्स शामिल थे. रिपोर्ट के मुताबिक, Phia की ज्यादातर कमाई इसी से होती थी. ब्लूमबर्ग ने बताया कि जुलाई में इन फीचर को बंद करने के बाद, औसत रोजाना कमाई लगभग 80,000 डॉलर से घटकर 10,000 डॉलर और 28,000 डॉलर के बीच रह गई. जून में, Phia ने जिस मर्चेंडाइज वैल्यू का क्रेडिट लिया था, उसमें से लगभग 51% हिस्सा 'कुकी स्टफिंग' से आया था.
Phia की तरफ से आया जवाब
Phia के एक प्रवक्ता ने 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' को बताया कि, 'गलत तरीके से रिपोर्ट दिखाने वाले सारे फीचर्स को एक महीने से भी पहले, 7 जुलाई को ही हटा दिया गया था. हम हर ट्रांजैक्शन पर नजर रख रहे हैं. ऐसे फीचर्स की वजह से ब्रांड पार्टनर्स को ट्रांजैक्शन रिवर्सल देने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं और हमने ये प्रोसेस शुरू भी कर दी है. साथ ही, हम 'हेड ऑफ कंप्लायंस' की नियुक्ति भी कर रहे हैं ताकि आने वाले समय में में ऐसी घटना दोबारा न हो.'
What's Your Reaction?