Best Time To Eat Watermelon: कहीं आप भी तो गलत समय पर नहीं खा रहे तरबूज? पेट की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा!

What Is The Best Time To Eat Watermelon For Digestion: गर्मी और तरबूज का रिश्ता ऐसा है जैसे धूप और पसीना, एक-दूसरे के बिना अधूरा.  बाजार में कटा हुआ, रस टपकाता तरबूज देखते ही मन ललचा जाता है. लेकिन एक बात ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं कि इसे खाने का सही समय. यह सिर्फ स्वाद की बात नहीं है, बल्कि इस बात से भी जुड़ा है कि आपका शरीर इसे कैसे पचाता है. चलिए आपको बताते हैं कि इसको लेकर एक्सपर्ट क्या कहते हैं.  क्या कहते हैं एक्सपर्ट? मेदांता अस्पताल की निधि सहाई ने TOI को बताया कि तरबूज खाने का सबसे सही समय सुबह के नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच का होता है. इस दौरान डाइजेशन सिस्टम सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है. यह कोई यूं ही दी गई सलाह नहीं है, बल्कि शरीर की अपनी लय होती है, जिसके अनुसार अलग-अलग समय पर पाचन क्षमता बदलती रहती है. तरबूज में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है और इसमें प्राकृतिक शर्करा भी होती है. ऐसे में शरीर को इसे सही तरीके से पचाने के लिए तैयार रहना जरूरी होता है. सुबह नाश्ते के बाद जब डाइजेशन सिस्टम सक्रिय हो चुका होता है, तब इसे खाना सबसे फायदेमंद रहता है.  क्या होती है इससे दिक्कत? निधि सहाई के अनुसार, हल्के भरे पेट में तरबूज खाने से पेट फूलने की समस्या कम होती है और पाचन भी बेहतर रहता है. कई लोग सोचते हैं कि खाली पेट फल खाना ठीक होता है, लेकिन तरबूज के मामले में पेट का थोड़ा सक्रिय होना जरूरी है. यही कारण है कि सुबह का मध्य समय सबसे सही माना जाता है. एक दिलचस्प बात यह भी है कि तरबूज व्यायाम से पहले ऊर्जा देने वाला अच्छा विकल्प हो सकता है. कसरत से लगभग आधा घंटा पहले इसे खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है और पानी की कमी भी नहीं होती। यही वजह है कि कई खिलाड़ी इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं. इसे भी पढ़ें - Evening Snacks Craving: शाम के मनपसंद स्नैक्स हो सकते हैं मोटापा बढ़ने का कारण, ऐसे दूर करें अपनी क्रेविंग कब नहीं खाना चाहिए? लेकिन रात में तरबूज खाना ठीक नहीं माना जाता. उस समय शरीर आराम की स्थिति में जाने लगता है और पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है. ऐसे में तरबूज की शर्करा और पानी शरीर को असहज कर सकते हैं, जिससे गैस या भारीपन महसूस हो सकता है. हर व्यक्ति के लिए यह सलाह एक जैसी नहीं होती. जिन लोगों का डाइजेशन सिस्टम सेंसिटिव होता है या जिन्हें आंत से जुड़ी समस्या रहती है, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे लोगों को तरबूज खाने के बाद पेट दर्द या सूजन जैसी दिक्कत हो सकती है. मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी मात्रा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना समय. अक्सर लोग इसे हल्का समझकर ज्यादा खा लेते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा तरबूज खाने से पेट पर दबाव पड़ता है. निधि सहाई सलाह देती हैं कि एक से दो कटोरी मात्रा पर्याप्त होती है. इसे भी पढ़ें - Onion in Pocket Heat Stroke Myth: क्या जेब में प्याज रखने से लू नहीं लगती, जानें कितना असरदार है बुजुर्गों का यह तरीका? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jun 23, 2026 - 20:30
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Best Time To Eat Watermelon: कहीं आप भी तो गलत समय पर नहीं खा रहे तरबूज? पेट की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा!

What Is The Best Time To Eat Watermelon For Digestion: गर्मी और तरबूज का रिश्ता ऐसा है जैसे धूप और पसीना, एक-दूसरे के बिना अधूरा.  बाजार में कटा हुआ, रस टपकाता तरबूज देखते ही मन ललचा जाता है. लेकिन एक बात ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं कि इसे खाने का सही समय. यह सिर्फ स्वाद की बात नहीं है, बल्कि इस बात से भी जुड़ा है कि आपका शरीर इसे कैसे पचाता है. चलिए आपको बताते हैं कि इसको लेकर एक्सपर्ट क्या कहते हैं. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

मेदांता अस्पताल की निधि सहाई ने TOI को बताया कि तरबूज खाने का सबसे सही समय सुबह के नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच का होता है. इस दौरान डाइजेशन सिस्टम सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है. यह कोई यूं ही दी गई सलाह नहीं है, बल्कि शरीर की अपनी लय होती है, जिसके अनुसार अलग-अलग समय पर पाचन क्षमता बदलती रहती है. तरबूज में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है और इसमें प्राकृतिक शर्करा भी होती है. ऐसे में शरीर को इसे सही तरीके से पचाने के लिए तैयार रहना जरूरी होता है. सुबह नाश्ते के बाद जब डाइजेशन सिस्टम सक्रिय हो चुका होता है, तब इसे खाना सबसे फायदेमंद रहता है. 

क्या होती है इससे दिक्कत?

निधि सहाई के अनुसार, हल्के भरे पेट में तरबूज खाने से पेट फूलने की समस्या कम होती है और पाचन भी बेहतर रहता है. कई लोग सोचते हैं कि खाली पेट फल खाना ठीक होता है, लेकिन तरबूज के मामले में पेट का थोड़ा सक्रिय होना जरूरी है. यही कारण है कि सुबह का मध्य समय सबसे सही माना जाता है. एक दिलचस्प बात यह भी है कि तरबूज व्यायाम से पहले ऊर्जा देने वाला अच्छा विकल्प हो सकता है. कसरत से लगभग आधा घंटा पहले इसे खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है और पानी की कमी भी नहीं होती। यही वजह है कि कई खिलाड़ी इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं.

इसे भी पढ़ें - Evening Snacks Craving: शाम के मनपसंद स्नैक्स हो सकते हैं मोटापा बढ़ने का कारण, ऐसे दूर करें अपनी क्रेविंग

कब नहीं खाना चाहिए?

लेकिन रात में तरबूज खाना ठीक नहीं माना जाता. उस समय शरीर आराम की स्थिति में जाने लगता है और पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है. ऐसे में तरबूज की शर्करा और पानी शरीर को असहज कर सकते हैं, जिससे गैस या भारीपन महसूस हो सकता है. हर व्यक्ति के लिए यह सलाह एक जैसी नहीं होती. जिन लोगों का डाइजेशन सिस्टम सेंसिटिव होता है या जिन्हें आंत से जुड़ी समस्या रहती है, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे लोगों को तरबूज खाने के बाद पेट दर्द या सूजन जैसी दिक्कत हो सकती है.

मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी

मात्रा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना समय. अक्सर लोग इसे हल्का समझकर ज्यादा खा लेते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा तरबूज खाने से पेट पर दबाव पड़ता है. निधि सहाई सलाह देती हैं कि एक से दो कटोरी मात्रा पर्याप्त होती है.

इसे भी पढ़ें - Onion in Pocket Heat Stroke Myth: क्या जेब में प्याज रखने से लू नहीं लगती, जानें कितना असरदार है बुजुर्गों का यह तरीका?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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