Ayatollah Ali Khamenei Funeral: 'ईरान के लोग डरे नहीं, एकजुट और मजबूत दिखे',खामेनेई के अंतिम संस्कार से लौटने पर सलमान खुर्शीद का बड़ा बयान
ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें और उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को काफी प्रभावित किया. सलमान खुर्शीद ने बताया कि वह इस कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि ईरान से लौटते समय उनके मन में यह साफ धारणा थी कि यह एक बेहद मजबूत और व्यवस्थित समाज है. उनके अनुसार, देश ने जिन कठिन परिस्थितियों का सामना किया है, उसके बावजूद वहां के लोगों ने साहस, समझदारी, शांति, अनुशासन और बेहतर संगठन क्षमता का परिचय दिया. सलमान खुर्शीद ने कहा कि ईरान में लोगों के बीच एकजुटता और अपने देश के प्रति समर्पण की भावना साफ दिखाई दी. अंतिम संस्कार के दौरान कई बड़े जुलूस निकाले गए थे, लेकिन विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. उन्होंने बताया कि मृत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष कार्यक्रम रखे गए थे और प्रतिनिधियों के लिए अलग बैठकों का भी आयोजन किया गया था, जहां उन्हें अपने विचार रखने का मौका मिला. #WATCH | Delhi | On attending the state funeral ceremony of Supreme Leader Ayatollah Seyyed Ali Khamenei in Iran, Congress leader Salman Khurshid says, "I was very deeply impressed, and so was everybody in the group with me...I was representing the Congress Party, and I was the… pic.twitter.com/MdGBXsulPF — ANI (@ANI) July 10, 2026 ये भी पढ़ें: Explained: महिला आयोग, सरकार और सुप्रीम कोर्ट तक! राष्ट्रीय पुरुष आयोग क्यों नहीं बनने देना चाहते? ईरानी महिलाओं को काम करते हुए देखा गया सलमान खुर्शीद ने कहा कि अपने पूरे दौरे के दौरान उन्होंने लोगों में न तो डर देखा, न निराशा और न ही तनाव. इसके विपरीत उन्होंने समाज में आत्मविश्वास, धैर्य और मजबूती महसूस की. उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान किसी पुलिस राज्य जैसा नहीं लगा. महिलाओं की स्थिति पर उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी तरह का उत्पीड़न नहीं देखा. उनके अनुसार, कई महिलाएं मीडिया, प्रोटोकॉल और सरकारी कार्यक्रमों में फोटोग्राफर और अन्य जिम्मेदार भूमिकाओं में काम करती नजर आईं. उन्होंने महिलाओं को सामान्य रूप से घूमते हुए और मोटरसाइकिल या स्कूटर पर सफर करते हुए भी देखा. उन्होंने कहा कि ईरानी समाज उन्हें काफी व्यवस्थित और अच्छी तरह संगठित लगा. उनके मुताबिक यह यात्रा उनके लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रही और वह इसे एक ऐतिहासिक क्षण मानते हैं, जिसे दोबारा देखना शायद मुश्किल होगा. ये भी पढ़ें: यूरेनियम डील पर 'क्रेडिट वॉर'! कांग्रेस का BJP पर तीखा वार, कहा- 'पहले अपना होमवर्क ठीक से करें'
ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें और उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को काफी प्रभावित किया. सलमान खुर्शीद ने बताया कि वह इस कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि ईरान से लौटते समय उनके मन में यह साफ धारणा थी कि यह एक बेहद मजबूत और व्यवस्थित समाज है. उनके अनुसार, देश ने जिन कठिन परिस्थितियों का सामना किया है, उसके बावजूद वहां के लोगों ने साहस, समझदारी, शांति, अनुशासन और बेहतर संगठन क्षमता का परिचय दिया.
सलमान खुर्शीद ने कहा कि ईरान में लोगों के बीच एकजुटता और अपने देश के प्रति समर्पण की भावना साफ दिखाई दी. अंतिम संस्कार के दौरान कई बड़े जुलूस निकाले गए थे, लेकिन विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. उन्होंने बताया कि मृत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष कार्यक्रम रखे गए थे और प्रतिनिधियों के लिए अलग बैठकों का भी आयोजन किया गया था, जहां उन्हें अपने विचार रखने का मौका मिला.
#WATCH | Delhi | On attending the state funeral ceremony of Supreme Leader Ayatollah Seyyed Ali Khamenei in Iran, Congress leader Salman Khurshid says, "I was very deeply impressed, and so was everybody in the group with me...I was representing the Congress Party, and I was the… pic.twitter.com/MdGBXsulPF — ANI (@ANI) July 10, 2026
ये भी पढ़ें: Explained: महिला आयोग, सरकार और सुप्रीम कोर्ट तक! राष्ट्रीय पुरुष आयोग क्यों नहीं बनने देना चाहते?
ईरानी महिलाओं को काम करते हुए देखा गया
सलमान खुर्शीद ने कहा कि अपने पूरे दौरे के दौरान उन्होंने लोगों में न तो डर देखा, न निराशा और न ही तनाव. इसके विपरीत उन्होंने समाज में आत्मविश्वास, धैर्य और मजबूती महसूस की. उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान किसी पुलिस राज्य जैसा नहीं लगा. महिलाओं की स्थिति पर उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी तरह का उत्पीड़न नहीं देखा. उनके अनुसार, कई महिलाएं मीडिया, प्रोटोकॉल और सरकारी कार्यक्रमों में फोटोग्राफर और अन्य जिम्मेदार भूमिकाओं में काम करती नजर आईं. उन्होंने महिलाओं को सामान्य रूप से घूमते हुए और मोटरसाइकिल या स्कूटर पर सफर करते हुए भी देखा. उन्होंने कहा कि ईरानी समाज उन्हें काफी व्यवस्थित और अच्छी तरह संगठित लगा. उनके मुताबिक यह यात्रा उनके लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रही और वह इसे एक ऐतिहासिक क्षण मानते हैं, जिसे दोबारा देखना शायद मुश्किल होगा.
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