Arunachal Pradesh Flood: अरुणाचल प्रदेश में आया जलजला! कई लापता, 3 की मौत, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू बोले- हम ...'

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश के चलते अचानक बढ़ आ गई है. भारत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू बाढ़ को लेकर संवेदना जाहिर की है. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि अरुणाचल प्रदेश के केई पन्योर जिले में बाढ़ और लैंडस्लाइड से हुई जान-माल की क्षति और तबाही से बहुत दुखी हूं. दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. हमारे लोगों की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. बचाव, राहत और बहाली के काम चल रहे हैं और प्रभावित लोगों को हर मुमकिन मदद दी जा रही है. हम इस मुश्किल समय में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं. अरुणाचल प्रदेश के कीई पन्योर जिले में लगातार 48 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण बुधवार को अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से कम से कम तीन लोग लापता हो गए, जबकि करीब 20 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. स्थिति को देखते हुए पड़ोसी राज्य असम में भी नदी जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले एक-दो दिनों में कई निचले जिलों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. सुबनसिरी नदी बेसिन के ऊपरी क्षेत्रों में हुई ज्यादा बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे नदी के फ्लो में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. Deeply saddened by the loss of lives & the devastation caused by the floods & landslides in Keyi Panyor District in Arunachal Pradesh. My heartfelt condolences to the bereaved families & prayers for the speedy recovery of those injured.The safety & well-being of our people… pic.twitter.com/TvEtqP3int — Kiren Rijiju (@KirenRijiju) June 25, 2026 ये भी पढ़ें: Explained: पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण क्यों नहीं? विदेश मंत्रालय के बयान के मायने क्या, कैसे साबित होती सिटीजनशिप? कब हुई सबसे ज्यादा बारिश अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की खबरों के बाद असम सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. आशंका है कि इसका असर असम के निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, गुवाहाटी और मौसम विज्ञान केंद्र, ईटानगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, याजाली में पिछले 24 घंटों के दौरान 72.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसमें से अधिकांश बारिश 24 जून की सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हुई. आधिकारिक बयान के अनुसार, उपग्रह और रडार चित्रों से सुबह अत्यधिक बारिश की पुष्टि हुई है, जिसके कारण ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में नदी के प्रवाह में अचानक वृद्धि दर्ज की गई. ये भी पढ़ें: ताश के पत्तों की तरह ढहा गोदाम, 8 की मौत... मलबे में दबी चीखों ने दहला दिया कोलकाता, PM ने किया मदद का ऐलान

Jun 25, 2026 - 18:30
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Arunachal Pradesh Flood: अरुणाचल प्रदेश में आया जलजला! कई लापता, 3 की मौत, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू बोले- हम ...'

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश के चलते अचानक बढ़ आ गई है. भारत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू बाढ़ को लेकर संवेदना जाहिर की है. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि अरुणाचल प्रदेश के केई पन्योर जिले में बाढ़ और लैंडस्लाइड से हुई जान-माल की क्षति और तबाही से बहुत दुखी हूं. दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. हमारे लोगों की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. बचाव, राहत और बहाली के काम चल रहे हैं और प्रभावित लोगों को हर मुमकिन मदद दी जा रही है. हम इस मुश्किल समय में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं.

अरुणाचल प्रदेश के कीई पन्योर जिले में लगातार 48 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण बुधवार को अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से कम से कम तीन लोग लापता हो गए, जबकि करीब 20 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. स्थिति को देखते हुए पड़ोसी राज्य असम में भी नदी जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले एक-दो दिनों में कई निचले जिलों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. सुबनसिरी नदी बेसिन के ऊपरी क्षेत्रों में हुई ज्यादा बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे नदी के फ्लो में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

ये भी पढ़ें: Explained: पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण क्यों नहीं? विदेश मंत्रालय के बयान के मायने क्या, कैसे साबित होती सिटीजनशिप?

कब हुई सबसे ज्यादा बारिश

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की खबरों के बाद असम सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. आशंका है कि इसका असर असम के निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, गुवाहाटी और मौसम विज्ञान केंद्र, ईटानगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, याजाली में पिछले 24 घंटों के दौरान 72.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसमें से अधिकांश बारिश 24 जून की सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हुई. आधिकारिक बयान के अनुसार, उपग्रह और रडार चित्रों से सुबह अत्यधिक बारिश की पुष्टि हुई है, जिसके कारण ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में नदी के प्रवाह में अचानक वृद्धि दर्ज की गई.

ये भी पढ़ें: ताश के पत्तों की तरह ढहा गोदाम, 8 की मौत... मलबे में दबी चीखों ने दहला दिया कोलकाता, PM ने किया मदद का ऐलान

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