Anti Aging Drug: क्या बूढ़ा होने से रोकने वाली दवाएं सच में होती हैं असरकारक, जानें आपके लिए ये कितनी खतरनाक?
Anti Aging Medicines Risks And Side Effects: अगर कोई कहे कि एक ऐसी दवा है जो बढ़ती उम्र की रफ्तार धीमी कर सकती है, आपको लंबे समय तक फिट रख सकती है और उम्र से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा कम कर सकती है, तो शायद यकीन करना मुश्किल हो. पिछले कुछ वर्षों में ऐसी एंटी-एजिंग दवाओं को लेकर दुनिया भर में काफी चर्चा बढ़ी है. कई रिसर्च में इनके फायदे दिखे हैं, लेकिन क्या ये दवाएं सच में असर करती हैं और क्या इन्हें लेना पूरी तरह सुरक्षित है? यही सबसे बड़ा सवाल है. बीबीसी साइंस की रिपोर्ट के अनुसार,साइंटिस्ट का कहना है कि उम्र बढ़ना अपने आप में एक बीमारी नहीं है, लेकिन इसके साथ शरीर में कई बायोलॉजिकल बदलाव होने लगते हैं. यही बदलाव हार्ट रोग, कैंसर, डिमेंशिया और दूसरी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं. इसलिए साइंटिस्ट ऐसी दवाओं पर काम कर रहे हैं जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करके लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकें. इसे हेल्थस्पैन बढ़ाना कहा जाता है, यानी जीवन के स्वस्थ वर्षों को बढ़ाना, न कि सिर्फ उम्र बढ़ाना. दवाओं पर की जा रही स्टडी रिसर्च में कुछ दवाओं और नेचुरल मिक्स जैसे मेटफॉर्मिन, रैपामाइसिन, क्वेरसेटिन और डासाटिनिब पर अध्ययन किया जा रहा है. जानवरों पर हुए कई प्रयोगों में इनसे अच्छे नतीजे मिले हैं. कुछ मामलों में उम्र बढ़ने की रफ्तार धीमी हुई और शारीरिक क्षमता में भी सुधार देखा गया. हालांकि इंसानों पर इन दवाओं के असर को लेकर अभी बड़े स्तर के क्लिनिकल ट्रायल जारी हैं और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है. इसे भी पढ़ें-Explained: मुंबई में तरबूज तो झारखंड में गोलगप्पे खाने से मौत! किन खानों से होती फूड पॉइजनिंग, आखिर खाएं क्या? क्या इसके कुछ नुकसान भी होते हैं? एक्सपर्ट बिना डॉक्टर की सलाह के एंटी-एजिंग दवाएं लेने से बचने की सलाह देते हैं. कई दवाएं मूल रूप से दूसरी बीमारियों, जैसे डायबिटीज या कैंसर के इलाज के लिए बनाई गई हैं. इन्हें सिर्फ उम्र कम दिखाने या लंबे समय तक जवान बने रहने की उम्मीद में लेना नुकसानदायक हो सकता है. इनके साइड इफेक्ट्स, दूसरी दवाओं के साथ प्रतिक्रिया और लंबे समय तक इस्तेमाल के जोखिम अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं. बाजार में बिकने वाले कई सप्लीमेंट और एंटी-एजिंग प्रोडक्ट भी बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन हर दावे के पीछे मजबूत साइंटफिक प्रमाण नहीं होते. एक्सपर्ट का मानना है कि फिलहाल स्वस्थ लाइफस्टाइल ही बढ़ती उम्र के असर को कम करने का सबसे भरोसेमंद तरीका है. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद, तनाव पर कंट्रोल और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच लंबे समय तक फिट रहने में सबसे ज्यादा मददगार साबित होते हैं इसे भी पढ़ें-Heart Fights Cancer: दिल धड़क रहा है यानी कैंसर से लड़ रहा है, नई स्टडी से जागी उम्मीद Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Anti Aging Medicines Risks And Side Effects: अगर कोई कहे कि एक ऐसी दवा है जो बढ़ती उम्र की रफ्तार धीमी कर सकती है, आपको लंबे समय तक फिट रख सकती है और उम्र से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा कम कर सकती है, तो शायद यकीन करना मुश्किल हो. पिछले कुछ वर्षों में ऐसी एंटी-एजिंग दवाओं को लेकर दुनिया भर में काफी चर्चा बढ़ी है. कई रिसर्च में इनके फायदे दिखे हैं, लेकिन क्या ये दवाएं सच में असर करती हैं और क्या इन्हें लेना पूरी तरह सुरक्षित है? यही सबसे बड़ा सवाल है.
बीबीसी साइंस की रिपोर्ट के अनुसार,साइंटिस्ट का कहना है कि उम्र बढ़ना अपने आप में एक बीमारी नहीं है, लेकिन इसके साथ शरीर में कई बायोलॉजिकल बदलाव होने लगते हैं. यही बदलाव हार्ट रोग, कैंसर, डिमेंशिया और दूसरी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं. इसलिए साइंटिस्ट ऐसी दवाओं पर काम कर रहे हैं जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करके लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकें. इसे हेल्थस्पैन बढ़ाना कहा जाता है, यानी जीवन के स्वस्थ वर्षों को बढ़ाना, न कि सिर्फ उम्र बढ़ाना.
दवाओं पर की जा रही स्टडी
रिसर्च में कुछ दवाओं और नेचुरल मिक्स जैसे मेटफॉर्मिन, रैपामाइसिन, क्वेरसेटिन और डासाटिनिब पर अध्ययन किया जा रहा है. जानवरों पर हुए कई प्रयोगों में इनसे अच्छे नतीजे मिले हैं. कुछ मामलों में उम्र बढ़ने की रफ्तार धीमी हुई और शारीरिक क्षमता में भी सुधार देखा गया. हालांकि इंसानों पर इन दवाओं के असर को लेकर अभी बड़े स्तर के क्लिनिकल ट्रायल जारी हैं और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है.
इसे भी पढ़ें-Explained: मुंबई में तरबूज तो झारखंड में गोलगप्पे खाने से मौत! किन खानों से होती फूड पॉइजनिंग, आखिर खाएं क्या?
क्या इसके कुछ नुकसान भी होते हैं?
एक्सपर्ट बिना डॉक्टर की सलाह के एंटी-एजिंग दवाएं लेने से बचने की सलाह देते हैं. कई दवाएं मूल रूप से दूसरी बीमारियों, जैसे डायबिटीज या कैंसर के इलाज के लिए बनाई गई हैं. इन्हें सिर्फ उम्र कम दिखाने या लंबे समय तक जवान बने रहने की उम्मीद में लेना नुकसानदायक हो सकता है. इनके साइड इफेक्ट्स, दूसरी दवाओं के साथ प्रतिक्रिया और लंबे समय तक इस्तेमाल के जोखिम अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं.
बाजार में बिकने वाले कई सप्लीमेंट और एंटी-एजिंग प्रोडक्ट भी बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन हर दावे के पीछे मजबूत साइंटफिक प्रमाण नहीं होते. एक्सपर्ट का मानना है कि फिलहाल स्वस्थ लाइफस्टाइल ही बढ़ती उम्र के असर को कम करने का सबसे भरोसेमंद तरीका है. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद, तनाव पर कंट्रोल और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच लंबे समय तक फिट रहने में सबसे ज्यादा मददगार साबित होते हैं
इसे भी पढ़ें-Heart Fights Cancer: दिल धड़क रहा है यानी कैंसर से लड़ रहा है, नई स्टडी से जागी उम्मीद
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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