Android से जुड़े इन भ्रम को सच मानकर लोगों ने किया भरोसा, लेकिन सचाई कुछ और ही निकली

Android Myths: एंड्रॉयड इकोसिस्टम से जुड़े कई ऐसे भ्रम हैं, जिन्हें लोग सच मानकर भरोसा कर रहे हैं. इनमें से कुछ की शुरुआत कई साल पहले हुई थी, जब एंड्रॉयड ने अपने पैर जमाने शुरू किए थे. ऐप्पल से कंपेरिजन के कारण कुछ ऐसी बातें भी लोगों के मन में घर कर गईं, जो एक समय पर हो सकता है कि सही हो, लेकिन अब समय बदलने के बाद पूरी तरह बदल चुकी हैं. एंड्रॉयड की तरह ऐप्पल ने भी शुरुआती सालों में कुछ कठिनाइयों का सामना किया था, लेकिन एंड्रॉयड सिस्टम के साथ जुड़े भ्रम आज भी लोगों के मन में बने हुए हैं. आइए ऐसे ही कुछ भ्रम और उनके पीछे की सचाई जानते हैं. भ्रम- एंड्रॉयड फोन सिक्योर नहीं होते लोग अकसर ऐसा मानते हैं कि एंड्रॉयड फोन सिक्योर नहीं होते और इनमें ऐप्पल के मुकाबले कम सिक्योरिटी फीचर्स हैं. शुरुआती सालों के लिए यह बात सच थी, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं. अब एंड्रॉयड पर भी मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी मिलती है. ऐप-लेवल के साथ-साथ यूजर्स को सिस्टम-लेवल प्रोटेक्शन भी मिलती है, जो यह एनस्योर करती है कि एक लेयर पार होने के बाद दूसरी लेयर प्रोटेक्शन देगी. ऐसे में यह कह देना कि एंड्रॉयड फोन सुरक्षित नहीं है, यह बात पूरी तरह सही नहीं है. भ्रम- एंड्रॉयड फोन के कैमरा दमदार नहीं हैं अब ऐसा नहीं है. गूगल पिक्सल हो या सैमसंग गैलेक्सी, कई ऐसी कंपनियां हैं, जो अब आईफोन को टक्कर देने वाले कैमरा सेटअप दे रही हैं. एआई आने के बाद एंड्रॉयड फोन्स पर इमेज प्रोसेसिंग भी बेहतर हुई है, जिससे आईफोन और एंड्रॉयड के बीच का अंतर कम हुआ है. हालांकि, एंड्रॉयड इकोसिस्टम में अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग कीमत और फीचर्स वाले फोन लॉन्च करती हैं. ऐसे में किसी कम कीमत वाले फोन का महंगे आईफोन से कंपेरिजन पूरी तरह उचित नहीं होता. भ्रम- एंड्रॉयड फोन सस्ते होते हैं एंड्रॉयड फोन को क्लासीफाई करना थोड़ा मुश्किल है. ऐप्पल के उलट यहां एंट्री-लेवल से लेकर प्रीमियम बजट समेत हर सेगमेंट के लिए ऑप्शन्स अवेलेबल हैं. अगर प्राइस कंपेरिजन करें तो ऐप्पल का सबसे सस्ता आईफोन इस समय लगभग 65000 रुपये का है, जबकि एंड्रॉयड फोन की कीमत 10,000-15,000 रुपये की बीच शुरू हो जाती है. इसके अलावा पिछले कुछ सालों से सैमसंग, ओप्पो, गूगल और दूसरी एंड्रॉयड फोन कंपनियां भी प्रीमियम फोन लाने लगी हैं, जिनकी कीमतें आईफोन से भी ज्यादा हैं और लोग इन्हें खूब पसंद भी कर रहे हैं. ये भी पढ़ें- जलकर राख हो जाएगा लैपटॉप! यूज करते समय यह गलती पड़ सकती है बहुत भारी

Apr 23, 2026 - 16:30
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Android से जुड़े इन भ्रम को सच मानकर लोगों ने किया भरोसा, लेकिन सचाई कुछ और ही निकली

Android Myths: एंड्रॉयड इकोसिस्टम से जुड़े कई ऐसे भ्रम हैं, जिन्हें लोग सच मानकर भरोसा कर रहे हैं. इनमें से कुछ की शुरुआत कई साल पहले हुई थी, जब एंड्रॉयड ने अपने पैर जमाने शुरू किए थे. ऐप्पल से कंपेरिजन के कारण कुछ ऐसी बातें भी लोगों के मन में घर कर गईं, जो एक समय पर हो सकता है कि सही हो, लेकिन अब समय बदलने के बाद पूरी तरह बदल चुकी हैं. एंड्रॉयड की तरह ऐप्पल ने भी शुरुआती सालों में कुछ कठिनाइयों का सामना किया था, लेकिन एंड्रॉयड सिस्टम के साथ जुड़े भ्रम आज भी लोगों के मन में बने हुए हैं. आइए ऐसे ही कुछ भ्रम और उनके पीछे की सचाई जानते हैं.

भ्रम- एंड्रॉयड फोन सिक्योर नहीं होते

लोग अकसर ऐसा मानते हैं कि एंड्रॉयड फोन सिक्योर नहीं होते और इनमें ऐप्पल के मुकाबले कम सिक्योरिटी फीचर्स हैं. शुरुआती सालों के लिए यह बात सच थी, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं. अब एंड्रॉयड पर भी मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी मिलती है. ऐप-लेवल के साथ-साथ यूजर्स को सिस्टम-लेवल प्रोटेक्शन भी मिलती है, जो यह एनस्योर करती है कि एक लेयर पार होने के बाद दूसरी लेयर प्रोटेक्शन देगी. ऐसे में यह कह देना कि एंड्रॉयड फोन सुरक्षित नहीं है, यह बात पूरी तरह सही नहीं है.

भ्रम- एंड्रॉयड फोन के कैमरा दमदार नहीं हैं

अब ऐसा नहीं है. गूगल पिक्सल हो या सैमसंग गैलेक्सी, कई ऐसी कंपनियां हैं, जो अब आईफोन को टक्कर देने वाले कैमरा सेटअप दे रही हैं. एआई आने के बाद एंड्रॉयड फोन्स पर इमेज प्रोसेसिंग भी बेहतर हुई है, जिससे आईफोन और एंड्रॉयड के बीच का अंतर कम हुआ है. हालांकि, एंड्रॉयड इकोसिस्टम में अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग कीमत और फीचर्स वाले फोन लॉन्च करती हैं. ऐसे में किसी कम कीमत वाले फोन का महंगे आईफोन से कंपेरिजन पूरी तरह उचित नहीं होता.

भ्रम- एंड्रॉयड फोन सस्ते होते हैं

एंड्रॉयड फोन को क्लासीफाई करना थोड़ा मुश्किल है. ऐप्पल के उलट यहां एंट्री-लेवल से लेकर प्रीमियम बजट समेत हर सेगमेंट के लिए ऑप्शन्स अवेलेबल हैं. अगर प्राइस कंपेरिजन करें तो ऐप्पल का सबसे सस्ता आईफोन इस समय लगभग 65000 रुपये का है, जबकि एंड्रॉयड फोन की कीमत 10,000-15,000 रुपये की बीच शुरू हो जाती है. इसके अलावा पिछले कुछ सालों से सैमसंग, ओप्पो, गूगल और दूसरी एंड्रॉयड फोन कंपनियां भी प्रीमियम फोन लाने लगी हैं, जिनकी कीमतें आईफोन से भी ज्यादा हैं और लोग इन्हें खूब पसंद भी कर रहे हैं.

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