Air Conditioner Vs Air Cooler: 45°C की गर्मी में AC चलाएं या कूलर, स्किन एक्सपर्ट से जानें आपके लिए क्या है बेस्ट?
Which Is Better AC Or Air Cooler In Summer: दिल्ली की गर्मी सिर्फ मौसम नहीं लगती, सीधे शरीर पर असर करती है. मई-जून आते ही तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है और हर घर में वही सवाल उठता है, इस बार क्या सही रहेगा, एसी या कूलर? जवाब इतना आसान नहीं है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि बाहर की गर्मी कैसी है, कमरे के अंदर की हवा कैसी है, आपका बजट क्या है और आपकी त्वचा किस तरह प्रतिक्रिया करती है. क्या कहते हैं एक्सपर्ट? स्किन एक्सपर्ट डॉ. बीएल जांगिड़ बताते हैं कि इस सवाल का एक तय जवाब नहीं हो सकता, कौन सा विकल्प बेहतर है, यह हर व्यक्ति की जरूरत और वातावरण पर निर्भर करता है. दिल्ली की गर्मी भी एक जैसी नहीं रहती. शुरुआत में गर्म हवा यानी लू चलती है, जो पूरी तरह सूखी होती है. लेकिन जैसे-जैसे मानसून करीब आता है, हवा में नमी बढ़ने लगती है. इसी बदलाव के कारण ठंडक देने वाले साधनों का असर भी बदल जाता है. एनर्जी से जुड़े अध्ययनों में भी बताया गया है कि सूखी गर्मी में पानी के जरिए ठंडक देने वाले तरीके ज्यादा असरदार होते हैं, जबकि नमी बढ़ने पर मशीन से ठंडी हवा ज्यादा राहत देती है. एसी के क्या होते हैं फायदे? एसी का फायदा यह है कि यह कमरे को जल्दी ठंडा कर देता है और तापमान को स्थिर बनाए रखता है. खासकर बुजुर्गों या घर से काम करने वालों के लिए यह काफी राहत देता है. लेकिन इसकी एक कीमत भी है. डॉ. बीएल के अनुसार, एसी हवा से नमी खींच लेता है, जिससे त्वचा सूखी हो सकती है. लंबे समय तक एसी में रहने से होंठ फटना, त्वचा में खुजली या आंखों में जलन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए पानी ज्यादा पीना, हल्का मॉइस्चराइजर लगाना और सीधे ठंडी हवा के सामने ज्यादा देर न बैठना जरूरी है. इसके साथ ही, बिजली की खपत भी ज्यादा होती है, जिससे बिल बढ़ता है. कूलर के क्या होते हैं फायदे? वहीं कूलर का अपना अलग फायदा है. यह सस्ता होता है, कम बिजली खर्च करता है और बाहर की ताजी हवा अंदर लाता है. सूखी गर्मी में कूलर काफी अच्छा काम करता है, क्योंकि यह पानी के जरिए हवा को ठंडा करता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि कूलर हवा में नमी बढ़ाता है, जिससे त्वचा पर सूखापन कम महसूस होता है. लेकिन यही नमी कभी-कभी परेशानी भी बन सकती है. ज्यादा पसीना आने वालों में फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन और मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है. जब हवा में नमी बहुत ज्यादा हो जाती है, तब कूलर उतना असरदार नहीं रहता, बल्कि सिर्फ गीली-सी हवा ही देता है. इसे भी पढ़ें-Evening Snacks Craving: शाम के मनपसंद स्नैक्स हो सकते हैं मोटापा बढ़ने का कारण, ऐसे दूर करें अपनी क्रेविंग कौन सा बेहतर? आखिर में बात सिर्फ ठंडक की नहीं, शरीर के आराम की भी है. एसी में पसीना कम आता है, जिससे घमौरियां कम होती हैं, लेकिन त्वचा सूख सकती है. कूलर में हवा नरम लगती है, लेकिन ज्यादा नमी त्वचा को प्रभावित कर सकती है. इसलिए सबसे बेहतर तरीका संतुलन बनाना है. कई घरों में लोग शुरुआत की गर्मी में कूलर इस्तेमाल करते हैं और जब नमी बढ़ती है, तब एसी पर शिफ्ट हो जाते हैं. इसके साथ ही रोजमर्रा की आदतें भी जरूरी हैं जैसे ढीले सूती कपड़े पहनना, खूब पानी पीना और शरीर को साफ रखना. इसे भी पढ़ें-Biryani and Watermelon Myth: क्या बिरयानी के बाद तरबूज खाना जानलेवा है? जानिए- क्या कहते हैं डॉक्टर्स Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Which Is Better AC Or Air Cooler In Summer: दिल्ली की गर्मी सिर्फ मौसम नहीं लगती, सीधे शरीर पर असर करती है. मई-जून आते ही तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है और हर घर में वही सवाल उठता है, इस बार क्या सही रहेगा, एसी या कूलर? जवाब इतना आसान नहीं है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि बाहर की गर्मी कैसी है, कमरे के अंदर की हवा कैसी है, आपका बजट क्या है और आपकी त्वचा किस तरह प्रतिक्रिया करती है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
स्किन एक्सपर्ट डॉ. बीएल जांगिड़ बताते हैं कि इस सवाल का एक तय जवाब नहीं हो सकता, कौन सा विकल्प बेहतर है, यह हर व्यक्ति की जरूरत और वातावरण पर निर्भर करता है. दिल्ली की गर्मी भी एक जैसी नहीं रहती. शुरुआत में गर्म हवा यानी लू चलती है, जो पूरी तरह सूखी होती है. लेकिन जैसे-जैसे मानसून करीब आता है, हवा में नमी बढ़ने लगती है. इसी बदलाव के कारण ठंडक देने वाले साधनों का असर भी बदल जाता है. एनर्जी से जुड़े अध्ययनों में भी बताया गया है कि सूखी गर्मी में पानी के जरिए ठंडक देने वाले तरीके ज्यादा असरदार होते हैं, जबकि नमी बढ़ने पर मशीन से ठंडी हवा ज्यादा राहत देती है.
एसी के क्या होते हैं फायदे?
एसी का फायदा यह है कि यह कमरे को जल्दी ठंडा कर देता है और तापमान को स्थिर बनाए रखता है. खासकर बुजुर्गों या घर से काम करने वालों के लिए यह काफी राहत देता है. लेकिन इसकी एक कीमत भी है. डॉ. बीएल के अनुसार, एसी हवा से नमी खींच लेता है, जिससे त्वचा सूखी हो सकती है. लंबे समय तक एसी में रहने से होंठ फटना, त्वचा में खुजली या आंखों में जलन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए पानी ज्यादा पीना, हल्का मॉइस्चराइजर लगाना और सीधे ठंडी हवा के सामने ज्यादा देर न बैठना जरूरी है. इसके साथ ही, बिजली की खपत भी ज्यादा होती है, जिससे बिल बढ़ता है.
कूलर के क्या होते हैं फायदे?
वहीं कूलर का अपना अलग फायदा है. यह सस्ता होता है, कम बिजली खर्च करता है और बाहर की ताजी हवा अंदर लाता है. सूखी गर्मी में कूलर काफी अच्छा काम करता है, क्योंकि यह पानी के जरिए हवा को ठंडा करता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि कूलर हवा में नमी बढ़ाता है, जिससे त्वचा पर सूखापन कम महसूस होता है. लेकिन यही नमी कभी-कभी परेशानी भी बन सकती है. ज्यादा पसीना आने वालों में फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन और मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है. जब हवा में नमी बहुत ज्यादा हो जाती है, तब कूलर उतना असरदार नहीं रहता, बल्कि सिर्फ गीली-सी हवा ही देता है.
इसे भी पढ़ें-Evening Snacks Craving: शाम के मनपसंद स्नैक्स हो सकते हैं मोटापा बढ़ने का कारण, ऐसे दूर करें अपनी क्रेविंग
कौन सा बेहतर?
आखिर में बात सिर्फ ठंडक की नहीं, शरीर के आराम की भी है. एसी में पसीना कम आता है, जिससे घमौरियां कम होती हैं, लेकिन त्वचा सूख सकती है. कूलर में हवा नरम लगती है, लेकिन ज्यादा नमी त्वचा को प्रभावित कर सकती है. इसलिए सबसे बेहतर तरीका संतुलन बनाना है. कई घरों में लोग शुरुआत की गर्मी में कूलर इस्तेमाल करते हैं और जब नमी बढ़ती है, तब एसी पर शिफ्ट हो जाते हैं. इसके साथ ही रोजमर्रा की आदतें भी जरूरी हैं जैसे ढीले सूती कपड़े पहनना, खूब पानी पीना और शरीर को साफ रखना.
इसे भी पढ़ें-Biryani and Watermelon Myth: क्या बिरयानी के बाद तरबूज खाना जानलेवा है? जानिए- क्या कहते हैं डॉक्टर्स
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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