AI हम सबको खत्म कर देगा... एलन मस्क की डरावनी चेतावनी, दुनिया के सबसे अमीर शख्स ने ऐसा क्यों कहा?
Elon Musk on AI: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इंसानों को खत्म कर सकता है? दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क का तो यही मानना है. टेस्ला के सीईओ मस्क ने एक बार फिर दुनिया को आगाह किया है कि अगर हमने सावधानी नहीं बरती तो आने वाले समय में एआई मानव सभ्यता के लिए काल बन सकता है. दिलचस्प बात यह है कि यह चेतावनी मस्क ने कहीं और नहीं, बल्कि एक अदालत के भीतर दी है. दरअसल मस्क और ओपन-एआई के बीच कानूनी जंग शुरू हो चुकी है. मस्क ने ओपन-एआई और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन पर मुकदमा दायर किया है. उनका आरोप है कि जिस कंपनी को उन्होंने 'मानवता की भलाई' के लिए शुरू किया था, वह अब सिर्फ मुनाफा कमाने वाली मशीन बन गई है. यह भी पढ़ें- ईरान वॉर से 'अकाल' जैसी स्थिति का खतरा, भुखमरी की कगार पर 4.5 करोड़ लोग, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने डराया सालों से AI के खतरों के बारे में बोल रहा हूं- मस्क कोर्ट रूम में मस्क ने अपनी पुरानी चिंताओं को दोहराते हुए कहा कि वो सालों से एआई के खतरों के बारे में बोल रहे हैं. उन्होंने एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया. एलन मस्क के मुताबिक, साल 2015 में जब उन्होंने गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज से एआई सेफ्टी पर बात की तो लैरी ने उन्हें 'स्पेशिस्ट' कह दिया था. मस्क का कहना है कि लैरी पेज को लगता था कि एआई एक 'यूटोपिया' यानी स्वर्ग जैसी दुनिया बनाएगा, लेकिन मस्क को डर था कि यह पूरी मानव जाति को मिटा सकता है. मस्क ने अदालत में दो हॉलीवुड फिल्मों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि हम एक 'टर्मिनेटर' जैसा भविष्य नहीं चाहते, बल्कि हम 'स्टार ट्रेक' जैसी उम्मीदों वाली दुनिया चाहते हैं. यह भी पढ़ें- इकोनॉमी की रफ्तार पर 'ब्रेक', मार्च में 5 महीने के निचले स्तर पर आई औद्योगिक ग्रोथ, बिजली उत्पादन ने बढ़ाई चिंता इंसानी बुद्धिमत्ता को पीछे छोड़ देगा एआई- मस्क मस्क ने चेतावनी दी कि वो दिन दूर नहीं जब एआई इंसानी बुद्धिमत्ता को पीछे छोड़ देगा. उनकी नजर में यह तकनीक जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतना ही बड़ा खतरा पैदा कर रही है. मस्क का आरोप है कि ओपन-एआई ने अपने मूल मिशन को धोखा दिया है और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर सिर्फ पैसे के पीछे भाग रही है. बता दें कि ओपन-एआई के खिलाफ शुरू हुआ यह ट्रायल अब कई हफ्तों तक चलेगा. यह केस सिर्फ पैसों या कॉन्ट्रैक्ट का नहीं है, बल्कि उस भविष्य का है जहां इंसान और मशीन एक साथ रहेंगे. क्या मस्क का डर जायज है? या AI वाकई एक सुनहरा भविष्य लाएगा? इस मुकदमे के फैसले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं.
Elon Musk on AI: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इंसानों को खत्म कर सकता है? दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क का तो यही मानना है. टेस्ला के सीईओ मस्क ने एक बार फिर दुनिया को आगाह किया है कि अगर हमने सावधानी नहीं बरती तो आने वाले समय में एआई मानव सभ्यता के लिए काल बन सकता है. दिलचस्प बात यह है कि यह चेतावनी मस्क ने कहीं और नहीं, बल्कि एक अदालत के भीतर दी है.
दरअसल मस्क और ओपन-एआई के बीच कानूनी जंग शुरू हो चुकी है. मस्क ने ओपन-एआई और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन पर मुकदमा दायर किया है. उनका आरोप है कि जिस कंपनी को उन्होंने 'मानवता की भलाई' के लिए शुरू किया था, वह अब सिर्फ मुनाफा कमाने वाली मशीन बन गई है.
यह भी पढ़ें- ईरान वॉर से 'अकाल' जैसी स्थिति का खतरा, भुखमरी की कगार पर 4.5 करोड़ लोग, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने डराया
सालों से AI के खतरों के बारे में बोल रहा हूं- मस्क
कोर्ट रूम में मस्क ने अपनी पुरानी चिंताओं को दोहराते हुए कहा कि वो सालों से एआई के खतरों के बारे में बोल रहे हैं. उन्होंने एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया. एलन मस्क के मुताबिक, साल 2015 में जब उन्होंने गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज से एआई सेफ्टी पर बात की तो लैरी ने उन्हें 'स्पेशिस्ट' कह दिया था.
मस्क का कहना है कि लैरी पेज को लगता था कि एआई एक 'यूटोपिया' यानी स्वर्ग जैसी दुनिया बनाएगा, लेकिन मस्क को डर था कि यह पूरी मानव जाति को मिटा सकता है. मस्क ने अदालत में दो हॉलीवुड फिल्मों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि हम एक 'टर्मिनेटर' जैसा भविष्य नहीं चाहते, बल्कि हम 'स्टार ट्रेक' जैसी उम्मीदों वाली दुनिया चाहते हैं.
यह भी पढ़ें- इकोनॉमी की रफ्तार पर 'ब्रेक', मार्च में 5 महीने के निचले स्तर पर आई औद्योगिक ग्रोथ, बिजली उत्पादन ने बढ़ाई चिंता
इंसानी बुद्धिमत्ता को पीछे छोड़ देगा एआई- मस्क
मस्क ने चेतावनी दी कि वो दिन दूर नहीं जब एआई इंसानी बुद्धिमत्ता को पीछे छोड़ देगा. उनकी नजर में यह तकनीक जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतना ही बड़ा खतरा पैदा कर रही है. मस्क का आरोप है कि ओपन-एआई ने अपने मूल मिशन को धोखा दिया है और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर सिर्फ पैसे के पीछे भाग रही है.
बता दें कि ओपन-एआई के खिलाफ शुरू हुआ यह ट्रायल अब कई हफ्तों तक चलेगा. यह केस सिर्फ पैसों या कॉन्ट्रैक्ट का नहीं है, बल्कि उस भविष्य का है जहां इंसान और मशीन एक साथ रहेंगे. क्या मस्क का डर जायज है? या AI वाकई एक सुनहरा भविष्य लाएगा? इस मुकदमे के फैसले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं.
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