8th Pay Commission: लखनऊ में बंद कमरे में चल रही आठवें वेतन आयोग की अहम बैठक, जानें अब उठेगा कौन सा मुद्दा?
8th Pay Commission: 8वां वेतन आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बैठकें कर रहा है, जिसमें विभिन्न कर्मचारी संघों, संगठनों, सेवारत कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और अन्य हितधारकों से सुझाव (इनपुट) लिए जा रहे हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 22-23 को दो दिवसीय परामर्श बैठकें रखी गई हैं. इससे पहले दिल्ली, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में बैठकें की जा चुकी हैं. लखनऊ में होने वाली बैठक की अधिसूचना 21 मई 2026 को 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की गई थी. केंद्र सरकार द्वारा 3 नवंबर, 2025 को गठित किए गए इस आयोग का यह दौरा देश के 1.1 करोड़ स अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन के स्ट्रक्चर को तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. किन मुद्दों पर होगी बात? बताया जा रहा है कि लखनऊ में दो दिवसीय मैराथन बैठकों में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि आयोग के सामने मिनिमम बेसिक सैलरी और नए फिटमेंट फैक्टर पर अपनी बात रख सकते हैं. उनकी तरफ से यह डिमांड की जा सकती है कि 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था. अब इसे बढ़ाकर 3.68-3.83 तक करने की मांग की जा रही है. अगर आयोग की तरफ से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग मान ली जाती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में 18000 से सीधे 69000 रुपये प्रति माह का इजाफा हो जाएगा. ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कितनी होगी सैलरी बढ़ोतरी? यहां समझे 'फिटमेंट फैक्टर' का पूरा गणित
8th Pay Commission: 8वां वेतन आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बैठकें कर रहा है, जिसमें विभिन्न कर्मचारी संघों, संगठनों, सेवारत कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और अन्य हितधारकों से सुझाव (इनपुट) लिए जा रहे हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 22-23 को दो दिवसीय परामर्श बैठकें रखी गई हैं. इससे पहले दिल्ली, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में बैठकें की जा चुकी हैं.
लखनऊ में होने वाली बैठक की अधिसूचना 21 मई 2026 को 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की गई थी. केंद्र सरकार द्वारा 3 नवंबर, 2025 को गठित किए गए इस आयोग का यह दौरा देश के 1.1 करोड़ स अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन के स्ट्रक्चर को तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
किन मुद्दों पर होगी बात?
बताया जा रहा है कि लखनऊ में दो दिवसीय मैराथन बैठकों में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि आयोग के सामने मिनिमम बेसिक सैलरी और नए फिटमेंट फैक्टर पर अपनी बात रख सकते हैं. उनकी तरफ से यह डिमांड की जा सकती है कि 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था. अब इसे बढ़ाकर 3.68-3.83 तक करने की मांग की जा रही है. अगर आयोग की तरफ से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग मान ली जाती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में 18000 से सीधे 69000 रुपये प्रति माह का इजाफा हो जाएगा.
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