8th Pay Commission पर फिर कंफ्यूजन, पेंशन से लेकर OPS बहाली को लेकर पीएम मोदी को लिखी गई चिट्ठी

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को यूनियन कैबिनेट ने जनवरी में मंजूरी दी थी. अक्टूबर में आयोग का गठन किया गया, जिन्हें अब अगले 18 महीने में वेतन आयोग पर अपनी सिफारिशें देनी होंगी. हालांकि, इस बीच इसे लेकर लोगों में काफी कंफ्यूजन है. Terms of Reference (ToR) में लगातार बदलाव के मांग किए जा रहे हैं. आठवें वेतन आयोग में पेंशन रीविजन को लेकर अनिश्चितताओं के बीच केंद्र सरकार कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आठवें वेतन आयोग के लिए ToR में बदलाव करने का आदेश देने का आग्रह किया है ताकि पेंशन बेनिफिट में हुए संशोधन की इजाजत मिल सके.  क्या है यूनियन की डिमांड?  केंद्र सरकार के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन और पेंशन संबंधी लाभों में संशोधन और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली के साथ-साथ NPS/UPS की व्यापक समीक्षा की भी मांग कर रहे हैं. यूनियन ने कर्मचारियों ने सरकार से स्वायत्त निकायों और ग्रामीण डाक कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग में शामिल किए जाने की मांग की है ताकि उन्हें रिटायरमेंटसे जुड़े सारे बेनिफिट्स मिल सके. साथ ही पेंशनर्स को तुरंत 20 परसेंट अंतरिम राहत दिए जाने की भी मांग की है. ये 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को भी 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग कर रहे हैं क्योंकि इसे लेकर करोड़ों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच टेंशन का माहौल बना हुआ है. दरअसल, हाल ही में यूनियन कैबिनेट ने ToR में यह तय किया है कि 8th CPC के लिए रिकमेन्डेशन्स की देखरेख कौन करेगा, इसमें टाइमलाइन का जिक्र न होना कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए चिंता की बात बनी. ToR में टाइमलाइन का हो जिक्र कनफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाईज एंड वर्कर्स (Confederation of Central Govt Employees & Workers) ने सवाल उठाया है कि ToR में आठवें वेतन आयोग के लागू होने की टाइमलाइन का जिक्र क्यों नहीं है. उनका कहना है कि इससे पहले पे कमीशनों की सिफारिशें 10-10 साल के अंतर पर लागू हुई हैं- 4th CPC - 01-01-19865th CPC - 01-01-19966th CPC - 01-01-20067th CPC - 01-01-2016 इस हिसाब से अगर देखें तो आठवें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 (01.01.2026) से लागू हो जाना है. वर्कर्स यूनियन ने पीएम मोदी से ToR में साफ तौर पर इसका जिक्र किए जाने का आग्रह किया है ताकि अगर इसे लेकर अगर कर्मचारियों और पेंशनर्स में कोई कन्फ्यूजन हो, तो वह दूर हो जाए.        ये भी पढ़ें:  बुलेट की स्पीड से भागा यह छोटकू स्टॉक, खरीदने के लिए दौड़े निवेशक; सचिन से लेकर साइना ने लगाया था दांव

Nov 20, 2025 - 10:30
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8th Pay Commission पर फिर कंफ्यूजन, पेंशन से लेकर OPS बहाली को लेकर पीएम मोदी को लिखी गई चिट्ठी

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को यूनियन कैबिनेट ने जनवरी में मंजूरी दी थी. अक्टूबर में आयोग का गठन किया गया, जिन्हें अब अगले 18 महीने में वेतन आयोग पर अपनी सिफारिशें देनी होंगी. हालांकि, इस बीच इसे लेकर लोगों में काफी कंफ्यूजन है. Terms of Reference (ToR) में लगातार बदलाव के मांग किए जा रहे हैं. आठवें वेतन आयोग में पेंशन रीविजन को लेकर अनिश्चितताओं के बीच केंद्र सरकार कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आठवें वेतन आयोग के लिए ToR में बदलाव करने का आदेश देने का आग्रह किया है ताकि पेंशन बेनिफिट में हुए संशोधन की इजाजत मिल सके. 

क्या है यूनियन की डिमांड? 

केंद्र सरकार के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन और पेंशन संबंधी लाभों में संशोधन और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली के साथ-साथ NPS/UPS की व्यापक समीक्षा की भी मांग कर रहे हैं. यूनियन ने कर्मचारियों ने सरकार से स्वायत्त निकायों और ग्रामीण डाक कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग में शामिल किए जाने की मांग की है ताकि उन्हें रिटायरमेंटसे जुड़े सारे बेनिफिट्स मिल सके. साथ ही पेंशनर्स को तुरंत 20 परसेंट अंतरिम राहत दिए जाने की भी मांग की है.

ये 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को भी 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग कर रहे हैं क्योंकि इसे लेकर करोड़ों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच टेंशन का माहौल बना हुआ है. दरअसल, हाल ही में यूनियन कैबिनेट ने ToR में यह तय किया है कि 8th CPC के लिए रिकमेन्डेशन्स की देखरेख कौन करेगा, इसमें टाइमलाइन का जिक्र न होना कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए चिंता की बात बनी.

ToR में टाइमलाइन का हो जिक्र

कनफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाईज एंड वर्कर्स (Confederation of Central Govt Employees & Workers) ने सवाल उठाया है कि ToR में आठवें वेतन आयोग के लागू होने की टाइमलाइन का जिक्र क्यों नहीं है. उनका कहना है कि इससे पहले पे कमीशनों की सिफारिशें 10-10 साल के अंतर पर लागू हुई हैं- 
4th CPC - 01-01-1986
5th CPC - 01-01-1996
6th CPC - 01-01-2006
7th CPC - 01-01-2016

इस हिसाब से अगर देखें तो आठवें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 (01.01.2026) से लागू हो जाना है. वर्कर्स यूनियन ने पीएम मोदी से ToR में साफ तौर पर इसका जिक्र किए जाने का आग्रह किया है ताकि अगर इसे लेकर अगर कर्मचारियों और पेंशनर्स में कोई कन्फ्यूजन हो, तो वह दूर हो जाए. 

 

 

 

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बुलेट की स्पीड से भागा यह छोटकू स्टॉक, खरीदने के लिए दौड़े निवेशक; सचिन से लेकर साइना ने लगाया था दांव

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