7-8 घंटे की नींद के बाद भी थका-थका रहता है शरीर, जानें कहां गायब हो रही बॉडी की एनर्जी?

हम अक्सर मानते हैं कि अगर हम रात को 7–8 घंटे की नींद ले लें तो अगला दिन तरोताजा और एनर्जेटिक होगा. एक्सपर्ट्स का भी यही मानना है कि एक व्यक्ति को हर रात कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए, लेकिन कई लोगों की यह शिकायत रहती है कि रात में 8 घंटे सोने के बाद भी सुबह उठाकर वे थका हुआ महसूस करते हैं. आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काफी लोग ऐसी समस्या का सामना कर रहे हैं, खासकर युवा प्रोफेशनल्स, जो जॉब करते हैं या किसी एग्जाम की तैयारी की कर रहे हो. अब सवाल यह है कि ऐसा क्यों हो रहा है? चलिए जानते हैं कि किन वजहों से 8 घंटे की नींद के बाद भी बॉडी थकी-थकी सी रहती है? मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा यूज कई बार लोग 7–8 घंटे की नींद तो लेते हैं, लेकिन उनकी नींद गहरी और आरामदायक नहीं होती. ऐसे में शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता. इसका कारण हो सकता है कि देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी देखना. दरअसल, स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर के मेलाटोनिन हार्मोन को दबा देती है, जिसके कारण नींद देर से आती है, बार-बार टूटती है और सुबह उठने पर भी थकान, सिर भारी लगना और सुस्ती महसूस होती है.  यह भी पढ़ेंः Diabetes Symptoms In Legs: डायबिटीज सिर्फ शुगर लेवल नहीं, पैरों से भी देती है दस्तक; इन 7 लक्षणों को न करें नजरअंदाज विटामिन की कमी से थकान महसूस होना कुछ विटामिन की कमी से भी आपको थकान और आलस जैसा महसूस हो सकता है. दरअसल, विटामिन D की कमी से दिनभर थकान और सुस्ती और मांसपेशियों में दर्द हो सकती है. साथ ही, विटामिन B12 की कमी के कारण भी शरीर की बैटरी लो हो जाती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होती है, जिससे थकान महसूस होती है. यह भी पढ़ेंः Stomach Cancer Risk: सिर्फ एक कॉमन वायरस की वजह से होता है पेट का कैंसर, जानें इससे बचने के तरीके लेट नाइट कैफीन या मीठा लेना रात को सोने से पहले चाय, कॉफी, चॉकलेट या मीठी चीजें खाने से नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है, जिससे शरीर रिलैक्स नहीं हो पाता और नींद प्रभावित हो जाती है. इसकी वजह से सारा दिन थकान जैसा महसूस होता है और सुबह फ्रेश महसूस नहीं करते हैं. हार्मोन का असंतुलन होना हमारे शरीर में कुछ हार्मोन होते हैं, जो नींद, भूख, मूड और एनर्जी के लेवल को कंट्रोल करते हैं. जब स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बिगड़ जाता है तो इसका असर नींद पर पड़ता है. इससे नींद पूरी तो लगती है, लेकिन शरीर थका-थका रहता है. हर दिन अलग-अलग समय पर सोना हर दिन अलग-अलग समय पर सोना और उठना शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ देता है. फिर चाहे आप 7-8 घंटे भी क्यों न सो लें, शरीर को असली आराम नहीं मिलता और दिनभर थकावट महसूस होती है. यह भी पढ़ेंः Are Nail Extensions Safe: आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है नेल एक्सटेंशन? जानें लंबे नाखूनों के नुकसान

Mar 15, 2026 - 08:30
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7-8 घंटे की नींद के बाद भी थका-थका रहता है शरीर, जानें कहां गायब हो रही बॉडी की एनर्जी?

हम अक्सर मानते हैं कि अगर हम रात को 7–8 घंटे की नींद ले लें तो अगला दिन तरोताजा और एनर्जेटिक होगा. एक्सपर्ट्स का भी यही मानना है कि एक व्यक्ति को हर रात कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए, लेकिन कई लोगों की यह शिकायत रहती है कि रात में 8 घंटे सोने के बाद भी सुबह उठाकर वे थका हुआ महसूस करते हैं. आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काफी लोग ऐसी समस्या का सामना कर रहे हैं, खासकर युवा प्रोफेशनल्स, जो जॉब करते हैं या किसी एग्जाम की तैयारी की कर रहे हो. अब सवाल यह है कि ऐसा क्यों हो रहा है? चलिए जानते हैं कि किन वजहों से 8 घंटे की नींद के बाद भी बॉडी थकी-थकी सी रहती है?

मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा यूज

कई बार लोग 7–8 घंटे की नींद तो लेते हैं, लेकिन उनकी नींद गहरी और आरामदायक नहीं होती. ऐसे में शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता. इसका कारण हो सकता है कि देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी देखना. दरअसल, स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर के मेलाटोनिन हार्मोन को दबा देती है, जिसके कारण नींद देर से आती है, बार-बार टूटती है और सुबह उठने पर भी थकान, सिर भारी लगना और सुस्ती महसूस होती है. 

यह भी पढ़ेंः Diabetes Symptoms In Legs: डायबिटीज सिर्फ शुगर लेवल नहीं, पैरों से भी देती है दस्तक; इन 7 लक्षणों को न करें नजरअंदाज

विटामिन की कमी से थकान महसूस होना

कुछ विटामिन की कमी से भी आपको थकान और आलस जैसा महसूस हो सकता है. दरअसल, विटामिन D की कमी से दिनभर थकान और सुस्ती और मांसपेशियों में दर्द हो सकती है. साथ ही, विटामिन B12 की कमी के कारण भी शरीर की बैटरी लो हो जाती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होती है, जिससे थकान महसूस होती है.

यह भी पढ़ेंः Stomach Cancer Risk: सिर्फ एक कॉमन वायरस की वजह से होता है पेट का कैंसर, जानें इससे बचने के तरीके

लेट नाइट कैफीन या मीठा लेना

रात को सोने से पहले चाय, कॉफी, चॉकलेट या मीठी चीजें खाने से नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है, जिससे शरीर रिलैक्स नहीं हो पाता और नींद प्रभावित हो जाती है. इसकी वजह से सारा दिन थकान जैसा महसूस होता है और सुबह फ्रेश महसूस नहीं करते हैं.

हार्मोन का असंतुलन होना

हमारे शरीर में कुछ हार्मोन होते हैं, जो नींद, भूख, मूड और एनर्जी के लेवल को कंट्रोल करते हैं. जब स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बिगड़ जाता है तो इसका असर नींद पर पड़ता है. इससे नींद पूरी तो लगती है, लेकिन शरीर थका-थका रहता है.

हर दिन अलग-अलग समय पर सोना

हर दिन अलग-अलग समय पर सोना और उठना शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ देता है. फिर चाहे आप 7-8 घंटे भी क्यों न सो लें, शरीर को असली आराम नहीं मिलता और दिनभर थकावट महसूस होती है.

यह भी पढ़ेंः Are Nail Extensions Safe: आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है नेल एक्सटेंशन? जानें लंबे नाखूनों के नुकसान

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