5 दिन में 4.65% और 9 महीने में 29.58% गिरे शेयर, 4.35 लाख करोड़ का नुकसान, TCS की क्यों लग रही लंका?

TCS Share Falls: देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पिछले कुछ दिनों से भारी दबाव में है. कंपनी का शेयर 26 सितंबर को 52 हफ्तों के निचले स्तर 2,892 रुपये पर पहुंच गया. बीते 5 दिनों में ही टीसीएस के शेयरों में 4.65% की गिरावट दर्ज हुई है, जबकि एक महीने में यह 6.72% तक टूट चुका है. क्यों टूट रहे हैं TCS के शेयर? पिछले एक साल में टीसीएस के शेयरों की वैल्यू का करीब एक-तिहाई हिस्सा मिट गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह है-कंपनी की ओर से की गई बड़ी तादाद में छंटनी और इसके चलते कर्मचारियों में पैदा हुआ डर. सोमवार को कंपनी का मार्केट कैप घटकर 10.47 लाख करोड़ रुपये रह गया. सिर्फ एक साल में ही निवेशकों को करीब 4.34 लाख करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है. जनवरी से दिसंबर तक कंपनी के शेयरों में 29.58% और सालाना आधार पर 33% की गिरावट आई है. निवेशकों में डर की वजह करीब दो महीने पहले, टीसीएस के सीईओ के. कीर्तिवासन ने कहा था कि कंपनी अपने कुल वर्कफोर्स का लगभग 2% घटाने जा रही है. हालांकि, कर्मचारियों और संगठनों का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है. माना जा रहा है कि कंपनी से निकाले गए कर्मचारियों की संख्या 30,000 से भी ज्यादा हो सकती है. इसके अलावा, वैश्विक मांग में कमी, अमेरिका में H1B वीज़ा फीस बढ़ने, और तेजी से बढ़ते एआई (Artificial Intelligence) के इस्तेमाल ने कंपनी के बिजनेस और निवेशकों की धारणा दोनों पर नकारात्मक असर डाला है. गौरतलब है कि कभी टीसीएस उन चुनिंदा कंपनियों में गिनी जाती थी, जिसके शेयरों में निवेश करने वालों को महज 6 महीने में दोगुना रिटर्न मिल जाता था. लेकिन मौजूदा हालात ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. निवेशकों के लिए सलाह घबराकर सेलिंग न करें – शॉर्ट टर्म में भले ही नुकसान हो, लेकिन टीसीएस जैसी कंपनियां लॉन्ग टर्म में स्थिर रिटर्न देने के लिए जानी जाती हैं. पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन रखें – केवल आईटी सेक्टर पर निर्भर न रहें, बल्कि बैंकिंग, फार्मा, FMCG और ऑटो जैसे सेक्टर्स में भी निवेश करें. लॉन्ग टर्म व्यू अपनाएं – आईटी सेक्टर में एआई और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की वजह से अगले कुछ सालों में नई ग्रोथ की संभावनाएं बनी रहेंगी. एक्सपर्ट सलाह लें – निवेश का बड़ा फैसला लेने से पहले फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श करना बेहतर होगा. ये भी पढ़ें: फिर नए रिकॉर्ड पर सोना, पिछले 14 वर्षों के दौरान सितंबर में सबसे बड़ी उछाल, जानें क्या है वजह डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

Sep 30, 2025 - 18:30
 0
5 दिन में 4.65% और 9 महीने में 29.58% गिरे शेयर, 4.35 लाख करोड़ का नुकसान, TCS की क्यों लग रही लंका?

TCS Share Falls: देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पिछले कुछ दिनों से भारी दबाव में है. कंपनी का शेयर 26 सितंबर को 52 हफ्तों के निचले स्तर 2,892 रुपये पर पहुंच गया. बीते 5 दिनों में ही टीसीएस के शेयरों में 4.65% की गिरावट दर्ज हुई है, जबकि एक महीने में यह 6.72% तक टूट चुका है.

क्यों टूट रहे हैं TCS के शेयर?

पिछले एक साल में टीसीएस के शेयरों की वैल्यू का करीब एक-तिहाई हिस्सा मिट गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह है-कंपनी की ओर से की गई बड़ी तादाद में छंटनी और इसके चलते कर्मचारियों में पैदा हुआ डर.

सोमवार को कंपनी का मार्केट कैप घटकर 10.47 लाख करोड़ रुपये रह गया. सिर्फ एक साल में ही निवेशकों को करीब 4.34 लाख करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है. जनवरी से दिसंबर तक कंपनी के शेयरों में 29.58% और सालाना आधार पर 33% की गिरावट आई है.

निवेशकों में डर की वजह

करीब दो महीने पहले, टीसीएस के सीईओ के. कीर्तिवासन ने कहा था कि कंपनी अपने कुल वर्कफोर्स का लगभग 2% घटाने जा रही है. हालांकि, कर्मचारियों और संगठनों का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है. माना जा रहा है कि कंपनी से निकाले गए कर्मचारियों की संख्या 30,000 से भी ज्यादा हो सकती है.

इसके अलावा, वैश्विक मांग में कमी, अमेरिका में H1B वीज़ा फीस बढ़ने, और तेजी से बढ़ते एआई (Artificial Intelligence) के इस्तेमाल ने कंपनी के बिजनेस और निवेशकों की धारणा दोनों पर नकारात्मक असर डाला है.

गौरतलब है कि कभी टीसीएस उन चुनिंदा कंपनियों में गिनी जाती थी, जिसके शेयरों में निवेश करने वालों को महज 6 महीने में दोगुना रिटर्न मिल जाता था. लेकिन मौजूदा हालात ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

निवेशकों के लिए सलाह

  1. घबराकर सेलिंग न करें – शॉर्ट टर्म में भले ही नुकसान हो, लेकिन टीसीएस जैसी कंपनियां लॉन्ग टर्म में स्थिर रिटर्न देने के लिए जानी जाती हैं.
  2. पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन रखें – केवल आईटी सेक्टर पर निर्भर न रहें, बल्कि बैंकिंग, फार्मा, FMCG और ऑटो जैसे सेक्टर्स में भी निवेश करें.
  3. लॉन्ग टर्म व्यू अपनाएं – आईटी सेक्टर में एआई और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की वजह से अगले कुछ सालों में नई ग्रोथ की संभावनाएं बनी रहेंगी.
  4. एक्सपर्ट सलाह लें – निवेश का बड़ा फैसला लेने से पहले फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श करना बेहतर होगा.

ये भी पढ़ें: फिर नए रिकॉर्ड पर सोना, पिछले 14 वर्षों के दौरान सितंबर में सबसे बड़ी उछाल, जानें क्या है वजह

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow