40 साल का सूखा खत्म! भारत-न्यूजीलैंड ने तैयार किया 'विजन 2030', 35000 करोड़ का होगा ट्रेड, क्या समझौते हुए?

India-New Zealand FTA: भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. करीब 40 साल बाद न्यूजीलैंड के किसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा और दोनों देशों के बीच हुई अहम बातचीत ने व्यापारिक रिश्तों के लिए नए रास्ता खोल दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मिलकर 'विजन 2030' का रोडमैप तैयार किया है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है. दोनों देशों की कोशिश है कि आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए. भारत- न्यूजीलैंड रिश्तों में नई शुरुआतभारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से अच्छे कूटनीतिक संबंध रहे हैं, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच व्यापार की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई थी. अब दोनों देशों ने इस अंतर को कम करने के लिए विजन 2030 तैयार किया है. प्रधानमंत्री मोदी और पीएम लक्सन की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि दोनों देश एक-दूसरे के बाजारों में पहुंच आसान बनाने, निवेश बढ़ाने और कारोबारी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे. 1 साल में 83% तक का मुनाफा! विदेशी बाजारों में छप्परफाड़ रिटर्न, इन देशों में भारतीय निवेशकों की चमकी किस्मत 35000 करोड़ रुपये का ट्रेड भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार बढ़ाने पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है. दोनों देश चाहते हैं कि आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ें और कंपनियों को नए अवसर मिलें. न्यूजीलैंड भारत के लिए कृषि, डेयरी और तकनीक जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है. वहीं, भारत न्यूजीलैंड के लिए फार्मा, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में बड़ा बाजार बन सकता है. न्यूजीलैंड एक्सपोर्ट को टैरिफ फ्री एंट्रीभारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ट्रेड समझौते का सबसे बड़ा फायदा न्यूजीलैंड के एक्सपोर्टर्स को मिलने की उम्मीद है. न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के अनुसार, ट्रेड डील लागू होने के बाद पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57% निर्यात को भारत में बिना टैरिफ के एंट्री मिलेगी. इससे न्यूजीलैंड के कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी के सामान को भारतीय बाजार में पहुंच बनाने में मदद मिलेगी. वहीं, भारत को भी न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पादों के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है. इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे.  सोना और चांदी दोनों हुए सस्ते, जानें आज आपके शहर में क्या है 18K, 22K, 24K का रेट क्या हैं बड़े समझौते? 1. व्यापार और निवेश- भारत और न्यूजीलैंड कारोबारियों के लिए निवेश को आसान बनाने और नई साझेदारियों को बढ़ावा देने पर जोर देने वाले हैं.  2. शिक्षा- दोनों देश छात्र, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर काम करेंगे.  3. कृषि और डेयरी- न्यूजीलैंड अपनी डेयरी और कृषि तकनीक के लिए मशहूर है. भारत को इस सहमति से लाभ मिल सकता है. 4. सुरक्षा- दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलती स्थितियों को देखते हुए ये फैसला लिया गया है. 5. टेक्नोलॉजी- डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप में भी दोनों देश मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं. आज 11 जुलाई को बैंक खुले हैं या बंद हैं? यहां से दूर होगा कंफ्यूजन

Jul 11, 2026 - 21:30
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40 साल का सूखा खत्म! भारत-न्यूजीलैंड ने तैयार किया 'विजन 2030', 35000 करोड़ का होगा ट्रेड, क्या समझौते हुए?

India-New Zealand FTA: भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. करीब 40 साल बाद न्यूजीलैंड के किसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा और दोनों देशों के बीच हुई अहम बातचीत ने व्यापारिक रिश्तों के लिए नए रास्ता खोल दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मिलकर 'विजन 2030' का रोडमैप तैयार किया है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है. दोनों देशों की कोशिश है कि आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए.

भारत- न्यूजीलैंड रिश्तों में नई शुरुआत
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से अच्छे कूटनीतिक संबंध रहे हैं, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच व्यापार की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई थी. अब दोनों देशों ने इस अंतर को कम करने के लिए विजन 2030 तैयार किया है. प्रधानमंत्री मोदी और पीएम लक्सन की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि दोनों देश एक-दूसरे के बाजारों में पहुंच आसान बनाने, निवेश बढ़ाने और कारोबारी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे.

1 साल में 83% तक का मुनाफा! विदेशी बाजारों में छप्परफाड़ रिटर्न, इन देशों में भारतीय निवेशकों की चमकी किस्मत

35000 करोड़ रुपये का ट्रेड 
भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार बढ़ाने पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है. दोनों देश चाहते हैं कि आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ें और कंपनियों को नए अवसर मिलें. न्यूजीलैंड भारत के लिए कृषि, डेयरी और तकनीक जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है. वहीं, भारत न्यूजीलैंड के लिए फार्मा, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में बड़ा बाजार बन सकता है.

न्यूजीलैंड एक्सपोर्ट को टैरिफ फ्री एंट्री
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ट्रेड समझौते का सबसे बड़ा फायदा न्यूजीलैंड के एक्सपोर्टर्स को मिलने की उम्मीद है. न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के अनुसार, ट्रेड डील लागू होने के बाद पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57% निर्यात को भारत में बिना टैरिफ के एंट्री मिलेगी. इससे न्यूजीलैंड के कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी के सामान को भारतीय बाजार में पहुंच बनाने में मदद मिलेगी. वहीं, भारत को भी न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पादों के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है. इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे. 

सोना और चांदी दोनों हुए सस्ते, जानें आज आपके शहर में क्या है 18K, 22K, 24K का रेट

क्या हैं बड़े समझौते?

1. व्यापार और निवेश- भारत और न्यूजीलैंड कारोबारियों के लिए निवेश को आसान बनाने और नई साझेदारियों को बढ़ावा देने पर जोर देने वाले हैं. 

2. शिक्षा- दोनों देश छात्र, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर काम करेंगे. 

3. कृषि और डेयरी- न्यूजीलैंड अपनी डेयरी और कृषि तकनीक के लिए मशहूर है. भारत को इस सहमति से लाभ मिल सकता है.

4. सुरक्षा- दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलती स्थितियों को देखते हुए ये फैसला लिया गया है.

5. टेक्नोलॉजी- डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप में भी दोनों देश मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं.

आज 11 जुलाई को बैंक खुले हैं या बंद हैं? यहां से दूर होगा कंफ्यूजन

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