4 शहरों में अटिका गोल्ड के 16 ठिकानों पर ED के छापे, दो दिन चली रेड
चोरी के सोने की कथित खरीद-फरोख्त और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु स्थित अटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों के 16 ठिकानों पर छापेमारी की. ईडी के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई 23 और 24 सितंबर, 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत की. छापेमारी अभियान बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में स्थित परिसरों पर की गई. ईडी के मुताबिक, अटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, उसके शेयरधारकों और निदेशकों पर चोरी के सोने के आभूषणों की कथित तौर पर लगातार खरीद और अधिग्रहण में शामिल होने के आरोप हैं. एजेंसी को संदेह है कि इस गतिविधि से बड़ी मात्रा में अपराध से अर्जित आय जुटाई गई. कई राज्यों में दर्ज FIR से शुरू हुई जांच ईडी ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज कई FIR और दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई. इन मामलों में चोरी के सोने की कथित खरीद, अधिग्रहण और कारोबार से जुड़े आरोप लगाए गए थे. पुलिस मामलों से मिली जानकारी के अलावा, ईडी ने अपनी जांच के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित अन्य सत्यापन योग्य सूचनाएं भी जुटाईं. इन्हीं सूचनाओं के आधार पर कंपनी और उससे जुड़े लोगों के परिसरों को तलाशी के दायरे में लिया गया. निदेशकों और शेयरधारकों के घरों पर भी पहुंची टीम ED, Bengaluru conducted searches across 16 premises in Bengaluru, Chennai, Hyderabad & Visakhapatnam under PMLA, 2002 targeting M/s Attica Gold Pvt Ltd, its directors & associates like P.S. Ayub over allegations of habitually purchasing stolen gold and amassing PoC, resulting in… pic.twitter.com/poERz6mMxS — ED (@dir_ed) September 25, 2026 छापेमारी अभियान में अटिका गोल्ड के हेड ऑफिस और शाखाओं के अलावा निदेशकों, पूर्व निदेशकों और शेयरधारकों के आवासीय परिसरों को भी शामिल किया गया. ईडी के अनुसार, पीएस अयूब उर्फ बोमनहल्ली बाबू, ओबेदुल्ला ए., मोहम्मद सलमान ए. और अरबिन ताज ए. समेत कुछ प्रमुख लोग रेड के दौरान एजेंसी के सामने उपस्थित नहीं हुए और फरार रहे. ईडी के मुताबिक, व्यावसायिक परिसरों में मौजूद कर्मचारियों को भी कथित तौर पर इन प्रमुख लोगों की ओर से उपलब्ध नहीं रहने के निर्देश दिए गए थे. 7.52 लाख रुपये नकद समेत सोना-चांदी जब्त छापे के दौरान ईडी ने 7.52 लाख रुपये की नकदी को अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के रूप में जब्त किया. इसके अलावा, विदेशी मुद्रा, सोने के आभूषण और चांदी की वस्तुएं भी बरामद/जब्त की गईं. ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है. यह भी पढ़ेंः EC विवादः कांग्रेस का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, कहा- ‘अप्रूवर बन जाइए, नहीं तो...’
चोरी के सोने की कथित खरीद-फरोख्त और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु स्थित अटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों के 16 ठिकानों पर छापेमारी की. ईडी के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई 23 और 24 सितंबर, 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत की.
छापेमारी अभियान बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में स्थित परिसरों पर की गई. ईडी के मुताबिक, अटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, उसके शेयरधारकों और निदेशकों पर चोरी के सोने के आभूषणों की कथित तौर पर लगातार खरीद और अधिग्रहण में शामिल होने के आरोप हैं. एजेंसी को संदेह है कि इस गतिविधि से बड़ी मात्रा में अपराध से अर्जित आय जुटाई गई.
कई राज्यों में दर्ज FIR से शुरू हुई जांच
ईडी ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज कई FIR और दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई. इन मामलों में चोरी के सोने की कथित खरीद, अधिग्रहण और कारोबार से जुड़े आरोप लगाए गए थे.
पुलिस मामलों से मिली जानकारी के अलावा, ईडी ने अपनी जांच के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित अन्य सत्यापन योग्य सूचनाएं भी जुटाईं. इन्हीं सूचनाओं के आधार पर कंपनी और उससे जुड़े लोगों के परिसरों को तलाशी के दायरे में लिया गया.
निदेशकों और शेयरधारकों के घरों पर भी पहुंची टीम
ED, Bengaluru conducted searches across 16 premises in Bengaluru, Chennai, Hyderabad & Visakhapatnam under PMLA, 2002 targeting M/s Attica Gold Pvt Ltd, its directors & associates like P.S. Ayub over allegations of habitually purchasing stolen gold and amassing PoC, resulting in… pic.twitter.com/poERz6mMxS — ED (@dir_ed) September 25, 2026
छापेमारी अभियान में अटिका गोल्ड के हेड ऑफिस और शाखाओं के अलावा निदेशकों, पूर्व निदेशकों और शेयरधारकों के आवासीय परिसरों को भी शामिल किया गया. ईडी के अनुसार, पीएस अयूब उर्फ बोमनहल्ली बाबू, ओबेदुल्ला ए., मोहम्मद सलमान ए. और अरबिन ताज ए. समेत कुछ प्रमुख लोग रेड के दौरान एजेंसी के सामने उपस्थित नहीं हुए और फरार रहे. ईडी के मुताबिक, व्यावसायिक परिसरों में मौजूद कर्मचारियों को भी कथित तौर पर इन प्रमुख लोगों की ओर से उपलब्ध नहीं रहने के निर्देश दिए गए थे.
7.52 लाख रुपये नकद समेत सोना-चांदी जब्त
छापे के दौरान ईडी ने 7.52 लाख रुपये की नकदी को अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के रूप में जब्त किया. इसके अलावा, विदेशी मुद्रा, सोने के आभूषण और चांदी की वस्तुएं भी बरामद/जब्त की गईं. ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है.
यह भी पढ़ेंः EC विवादः कांग्रेस का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, कहा- ‘अप्रूवर बन जाइए, नहीं तो...’
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