3 साल में बंद हुए 342 AICTE मान्यता प्राप्त कॉलेज, महाराष्ट्र सबसे आगे
देशभर में पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों के दौरान अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त 342 तकनीकी संस्थान बंद हो गए. यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी. आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा संस्थान महाराष्ट्र में बंद हुए, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु भी इस लिस्ट में प्रमुख राज्य में शामिल हैं. राज्य शिक्षा मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बताया कि एआईसीटीई अपने अप्रूवल प्रोसेस हैंडबुक के तहत संस्थाओं की ओर से किए गए बंद करने की आवेदनों का निर्णय लेता है. एक्ट देश में डिप्लोमा, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के तकनीकी संस्थानों को मान्यता देने वाली संवैधानिक संस्था है. किस साल कितने कॉलेज हुए बंद? लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में 83 संस्थान, 2025-26 में 124 संस्थान और 2026-27 में 135 संस्थाओं को बंद करने की मंजूरी दी गई. इस तरह 3 वर्षों में कुल 345 तकनीकी संस्थान बंद हुए हैं. किन राज्यों में सबसे ज्यादा संस्थान बंद हुए? 3 वर्षों के कुल आंकड़ों में महाराष्ट्र सबसे ऊपर रहा, जहां 57 संस्थान बंद हुए. इसके बाद उत्तर प्रदेश में 54, मध्य प्रदेश में 53 और तमिलनाडु में 45 संस्थान ने संचालन बंद किया. इसके अलावा गुजरात में 22, पंजाब में 19, राजस्थान में 17, आंध्र प्रदेश में 15, तेलंगाना में 12, हरियाणा 11, कर्नाटक में 10, केरल में 8 छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में 5-5, ओडिशा में 4,पश्चिम बंगाल में 3 और बिहार में 2 संस्थान बंद हुए. ये भी पढ़ें-UPSSSC ने जारी किया एग्जाम कैलेंडर 2026, PET से Mains तक की तारीखें घोषित हर साल बदलता रहा ट्रेंड 2024-25 में सबसे ज्यादा संस्थान मध्य प्रदेश में बंद हुए, इसके बाद तमिलनाडु में 15 और उत्तर प्रदेश में 13 संस्थानों ने संचालन बंद किया. 2025-26 में सबसे ज्यादा 27 संस्थान उत्तर प्रदेश में बंद हुए. महाराष्ट्र में 19 और तमिलनाडु में 16 संस्थाओं को बंद करने की अनुमति मिली. वहीं 2026-27 में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा, जहां 35 संस्थान बंद हुए. इसके बाद मध्य प्रदेश में 19 और उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु में 14-14 संस्थान बंद हुए. गुजरात और पंजाब में भी इस दौरान 10-10 तकनीकी संस्थान बंद हुए. बंद हो रहे कॉलेज के बीच बढ़ा एडमिशन सरकार ने कहा कि संस्थानों के बंद होने के बावजूद एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त तकनीकी कॉलेजों में एडमिशन लगातार बढ़ रहे हैं. वर्ष 2023-24 में इन संस्थानों में 22,11,504 छात्रों ने एडमिशन लिया था, यह संख्या 2024-25 में बढ़कर 27,25,980 और 2025-26 में 29,58,870 तक पहुंच गई. गुणवत्ता सुधार के लिए उठाए जा रहे कदम शिक्षा मंत्रालय के अनुसार तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थाओं की स्थिरता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. इसके तहत कॉलेज को कम मांग वाले पाठ्यक्रम बंद करने या सीटें घटाने की अनुमति दी जा रही है. वहीं उद्योग की जरूरतों के अनुसार नए उभरते क्षेत्रों के कोर्स शुरू करने की छूट भी दी गई है. ये भी पढ़ें-NEET UG में OMR शीट पर बवाल, 6 छात्र पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
देशभर में पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों के दौरान अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त 342 तकनीकी संस्थान बंद हो गए. यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी. आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा संस्थान महाराष्ट्र में बंद हुए, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु भी इस लिस्ट में प्रमुख राज्य में शामिल हैं. राज्य शिक्षा मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बताया कि एआईसीटीई अपने अप्रूवल प्रोसेस हैंडबुक के तहत संस्थाओं की ओर से किए गए बंद करने की आवेदनों का निर्णय लेता है. एक्ट देश में डिप्लोमा, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के तकनीकी संस्थानों को मान्यता देने वाली संवैधानिक संस्था है.
किस साल कितने कॉलेज हुए बंद?
लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में 83 संस्थान, 2025-26 में 124 संस्थान और 2026-27 में 135 संस्थाओं को बंद करने की मंजूरी दी गई. इस तरह 3 वर्षों में कुल 345 तकनीकी संस्थान बंद हुए हैं.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा संस्थान बंद हुए?
3 वर्षों के कुल आंकड़ों में महाराष्ट्र सबसे ऊपर रहा, जहां 57 संस्थान बंद हुए. इसके बाद उत्तर प्रदेश में 54, मध्य प्रदेश में 53 और तमिलनाडु में 45 संस्थान ने संचालन बंद किया. इसके अलावा गुजरात में 22, पंजाब में 19, राजस्थान में 17, आंध्र प्रदेश में 15, तेलंगाना में 12, हरियाणा 11, कर्नाटक में 10, केरल में 8 छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में 5-5, ओडिशा में 4,पश्चिम बंगाल में 3 और बिहार में 2 संस्थान बंद हुए.
ये भी पढ़ें-UPSSSC ने जारी किया एग्जाम कैलेंडर 2026, PET से Mains तक की तारीखें घोषित
हर साल बदलता रहा ट्रेंड
2024-25 में सबसे ज्यादा संस्थान मध्य प्रदेश में बंद हुए, इसके बाद तमिलनाडु में 15 और उत्तर प्रदेश में 13 संस्थानों ने संचालन बंद किया. 2025-26 में सबसे ज्यादा 27 संस्थान उत्तर प्रदेश में बंद हुए. महाराष्ट्र में 19 और तमिलनाडु में 16 संस्थाओं को बंद करने की अनुमति मिली. वहीं 2026-27 में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा, जहां 35 संस्थान बंद हुए. इसके बाद मध्य प्रदेश में 19 और उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु में 14-14 संस्थान बंद हुए. गुजरात और पंजाब में भी इस दौरान 10-10 तकनीकी संस्थान बंद हुए.
बंद हो रहे कॉलेज के बीच बढ़ा एडमिशन
सरकार ने कहा कि संस्थानों के बंद होने के बावजूद एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त तकनीकी कॉलेजों में एडमिशन लगातार बढ़ रहे हैं. वर्ष 2023-24 में इन संस्थानों में 22,11,504 छात्रों ने एडमिशन लिया था, यह संख्या 2024-25 में बढ़कर 27,25,980 और 2025-26 में 29,58,870 तक पहुंच गई.
गुणवत्ता सुधार के लिए उठाए जा रहे कदम
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थाओं की स्थिरता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. इसके तहत कॉलेज को कम मांग वाले पाठ्यक्रम बंद करने या सीटें घटाने की अनुमति दी जा रही है. वहीं उद्योग की जरूरतों के अनुसार नए उभरते क्षेत्रों के कोर्स शुरू करने की छूट भी दी गई है.
ये भी पढ़ें-NEET UG में OMR शीट पर बवाल, 6 छात्र पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
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