2200 करोड़ करोड़ के घोटाले में अदालत का बड़ा फैसला, SRS ग्रुप के दो कारोबारियों को किया भगोड़ा घोषित
गुरुग्राम की विशेष PMLA अदालत ने 15 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश में एसआरएस समूह से जुड़े दो कारोबारियों जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनील जिंदल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया. दोनों लोग एसआरएस समूह की कई कंपनियों में प्रमोटर और निदेशक रहे हैं. ये आदेश ED गुरुग्राम कार्यालय द्वारा अदालत में दी गई अर्जी के आधार पर दिया गया. इस अर्जी में तीन लोगों जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीन कुमार कपूर को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की गई थी. हालांकि तीन में से एक आरोपी प्रवीन कुमार कपूर को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद 1 नवंबर 2025 को भारत वापस भेज दिया गया था. क्या है पूरा मामला? ये पूरा मामला फरीदाबाद के एसआरएस समूह नाम के रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा है. एसआरएस समूह और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ हरियाणा पुलिस, आर्थिक अपराध शाखा दिल्ली और सीबीआई ने लगभग 81 FIR दर्ज की थी. इन FIR में आरोप थे कि एसआरएस समूह ने जनता और बैंकों से लगभग 2200 करोड़ रुपये निवेश के नाम पर इकट्ठे किए और बदले में बड़े लाभ देने का झांसा दिया, लेकिन बाद में लोगों और निवेशकों को भारी नुकसान हुआ तथा उनसे धोखा हुआ. ईडी ने अटैच की 2215 करोड़ की प्रॉपर्टी इन आरोपों के बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की. जांच में ED ने ये पाया कि एसआरएस समूह के जिम्मेदार लोगों ने जनता से लिया गया पैसा अलग-अलग कंपनियों और संपत्तियों में लगा दिया. ED ने इस मामले में साल 2022 में चार्जशीट भी दाखिल की थी. ED की जांच में अब तक कुल 2215.98 करोड़ की संपत्ति/एसेट्स को Proceeds of Crime यानी अपराध की कमाई बताते हुए अटैच किया जा चुका है. ये संपत्तियां कंपनियों, जमीन, फ्लैट, कमर्शियल बिल्डिंग्स और अन्य इन्वेस्टमेंट के रूप में बताई जा रही है. जॉर्जिया और दुबई में रह रहे आरोपी ED की जांच में ये भी पता चला कि आरोपी जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीन कुमार कपूर भारत से बाहर भाग गए थे. वो जॉर्जिया तथा दुबई में रह रहे थे. इनकी अनुपस्थिति के कारण भारतीय अदालतों की सुनवाई आगे नही बढ़ पा रही थी और ये लोग कानून से बचते रहे. इन तीनों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट, लुक आउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. इसके बाद 6 जून 2025 को तीनों को अदालत ने घोषित अपराधी भी घोषित किया था. एक आरोपी के खिलाफ चल रही अलग कार्यवाही अब जब अदालत ने दो आरोपियों जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनील जिंदल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है तो अगला कदम इनकी संपत्तियों को जब्त करने का होगा. भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के नियमों के अनुसार सरकार ऐसे लोगों की चल-अचल संपत्तियों को जब्त कर सकती है. प्रवीन कुमार कपूर विदेश से भारत वापस आ चुका है. इसलिए उसके खिलाफ कार्यवाही अलग से चल रही है. ED ने कहा है कि इस मामले की आगे की जांच अभी जारी है.
गुरुग्राम की विशेष PMLA अदालत ने 15 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश में एसआरएस समूह से जुड़े दो कारोबारियों जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनील जिंदल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया. दोनों लोग एसआरएस समूह की कई कंपनियों में प्रमोटर और निदेशक रहे हैं.
ये आदेश ED गुरुग्राम कार्यालय द्वारा अदालत में दी गई अर्जी के आधार पर दिया गया. इस अर्जी में तीन लोगों जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीन कुमार कपूर को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की गई थी. हालांकि तीन में से एक आरोपी प्रवीन कुमार कपूर को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद 1 नवंबर 2025 को भारत वापस भेज दिया गया था.
क्या है पूरा मामला?
ये पूरा मामला फरीदाबाद के एसआरएस समूह नाम के रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा है. एसआरएस समूह और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ हरियाणा पुलिस, आर्थिक अपराध शाखा दिल्ली और सीबीआई ने लगभग 81 FIR दर्ज की थी.
इन FIR में आरोप थे कि एसआरएस समूह ने जनता और बैंकों से लगभग 2200 करोड़ रुपये निवेश के नाम पर इकट्ठे किए और बदले में बड़े लाभ देने का झांसा दिया, लेकिन बाद में लोगों और निवेशकों को भारी नुकसान हुआ तथा उनसे धोखा हुआ.
ईडी ने अटैच की 2215 करोड़ की प्रॉपर्टी
इन आरोपों के बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की. जांच में ED ने ये पाया कि एसआरएस समूह के जिम्मेदार लोगों ने जनता से लिया गया पैसा अलग-अलग कंपनियों और संपत्तियों में लगा दिया. ED ने इस मामले में साल 2022 में चार्जशीट भी दाखिल की थी.
ED की जांच में अब तक कुल 2215.98 करोड़ की संपत्ति/एसेट्स को Proceeds of Crime यानी अपराध की कमाई बताते हुए अटैच किया जा चुका है. ये संपत्तियां कंपनियों, जमीन, फ्लैट, कमर्शियल बिल्डिंग्स और अन्य इन्वेस्टमेंट के रूप में बताई जा रही है.
जॉर्जिया और दुबई में रह रहे आरोपी
ED की जांच में ये भी पता चला कि आरोपी जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीन कुमार कपूर भारत से बाहर भाग गए थे. वो जॉर्जिया तथा दुबई में रह रहे थे. इनकी अनुपस्थिति के कारण भारतीय अदालतों की सुनवाई आगे नही बढ़ पा रही थी और ये लोग कानून से बचते रहे. इन तीनों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट, लुक आउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. इसके बाद 6 जून 2025 को तीनों को अदालत ने घोषित अपराधी भी घोषित किया था.
एक आरोपी के खिलाफ चल रही अलग कार्यवाही
अब जब अदालत ने दो आरोपियों जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनील जिंदल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है तो अगला कदम इनकी संपत्तियों को जब्त करने का होगा. भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के नियमों के अनुसार सरकार ऐसे लोगों की चल-अचल संपत्तियों को जब्त कर सकती है. प्रवीन कुमार कपूर विदेश से भारत वापस आ चुका है. इसलिए उसके खिलाफ कार्यवाही अलग से चल रही है. ED ने कहा है कि इस मामले की आगे की जांच अभी जारी है.
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